फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   No doctor

महिला अस्पताल में डॉक्टरों का अकाल, संविदा के सहारे मरीज

Thu, 01 Oct 2020 09:48 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2020 09:48 PM IST
विज्ञापन
No doctor
अयोध्या। कोरोना संक्रमण काल में जिला महिला अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञों का अकाल हो गया है। स्वीकृत आठ पदों के सापेक्ष महज दो स्त्री रोग विशेषज्ञ ही अस्पताल में रह गई हैं, वह भी अवकाश पर हैं।
विज्ञापन

इन दिनों यहां पहुंचने वाली प्रसूताओं का जीवन दो संविदा चिकित्सकों के सहारे ही है, जिनकी संविदा भी समाप्ति की ओर है। साथ ही मेडिकोलीगल व अन्य कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। सीएमएस ने शीघ्र ही चिकित्सकों की व्यवस्था करने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है।
विज्ञापन

जिले की आधी आबादी के प्रसव संबंधी इलाज के लिए करीब दो सौ बेड का जिला महिला चिकित्सालय संचालित है। यहां कमोवेश संसाधन तो पर्याप्त उपलब्ध हैं, लेकिन चिकित्सकों की भारी कमी से मौजूद संसाधनों का भी यथोचित इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोरोना का कहर बढने पर हुए लॉकडाउन में जब निजी अस्पतालों में सेवाएं बाधित हुईं, तभी से महिला अस्पताल में कार्य का बोझ और बढ़ गया है। प्रतिमाह होने वाले सीजेरियन आपरेशन व सामान्य प्रसवों के आंकड़ों से इसकी पुष्टि भी हो रही है।
इन दिनों यहां प्रतिदिन अमूमन 5-6 सीजेरियन आपरेशन किए जाते हैं। साथ ही जिले व मंडल के अन्य जिलों से महिलाओं के साथ अपराध होने पर तमाम मेडिकोलीगल भी यहीं के लिए भेजे जाते हैं। अन्य विशेषज्ञों की कमी से तो कार्य किसी तरह चल रहे थे, इन दिनों स्त्री रोग विशेषज्ञों का भारी टोटा होने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं।
महिला अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञों के आठ पद पूर्व से स्वीकृत हैं, जिसके सापेक्ष यहां पर तीन चिकित्सकों की तैनाती थी। जबकि बाल रोग विशेषज्ञ के पद पर तैनात हुई एक महिला चिकित्सक से भी इमरजेंसी ओपीडी सेवाएं ली जाती रही हैं। इनमें वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रंजना खरे का तबादला लखनऊ के लिए हो गया तो सिर्फ दो चिकित्सक डॉ. प्रियंका जैन व डॉ. जोया वर्मा ही बचीं। डॉ. प्रियंका जैन लंबे अवकाश पर हैं, जबकि डॉ. जोया वर्मा कोरोना संक्रमित होने की दशा में आइसोलेट चल रही हैं, जिनकी भी वापसी अभी संभव नहीं लग रही है।
इस तरह सारा दारो-मदार बची दो संविदा चिकित्सक क्रमश: डॉ प्रभा सिंह व डॉ अस्मिता मिश्रा के कंधों पर टिका है। जिनकी संविदाएं भी समाप्ति की ओर हैं। इसके अलावा संविदा के अन्य एमबीबीएस चिकित्सकों से नार्मल प्रसव व ओपीडी सेवाएं तो ली जा सकती हैं, लेकिन सीजेरियन प्रसव के लिए विशेषज्ञों की ही जरूरत है। माना जा रहा है कि यदि शीघ्र ही चिकित्सकों की व्यवस्था नहीं हुई तो महिला अस्पताल में कार्य बाधित हो सकते हैं। सीएमएस ने मामले से सीएमओ व जिलाधिकारी को अवगत कराते हुए भेजकर चिकित्सकों की मांग किया है।

अन्य चिकित्सकों का भी है टोटा
महिला अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञों के अलावा अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी भारी कमी है। मैटरनिटी विंग को मिलाकर बेहोशी के चिकित्सकों के पांच पद स्वीकृत हैं, जिसके सापेक्ष दो की तैनाती है, इनमें भी एक चिकित्सक की संविदा 16 अक्तूबर को समाप्त हो रही है। मैटरनिटी विंग में बाल रोग विशेषज्ञ के सभी तीन पद रिक्त चल रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed