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मनरेगा में जमकर की गई लापरवाही
फैजाबाद
Updated Thu, 09 Mar 2017 10:54 PM IST
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मनरेगा
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जिले के मनरेगा को लेकर अफसरों ने जमकर लापरवाही बरती। न तो लक्ष्य के मुताबिक मानव दिवसों का सृजन किया गया, न ही दूसरे कार्यों पर खंड विकास अधिकारियों की नजर रही। परिणाम रहा कि मनरेगा धड़ाम हो गई। अब जिले के सभी खंड विकास अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मनरेगा के तहत मानव दिवस सृजन के साथ ही खंड विकास अधिकारियों को आठ कार्यों को शत-प्रतिशत अपडेट रखने का निर्देश है लेकिन हालात यह है कि किसी भी खंड विकास अधिकारी के स्तर पर सभी कार्य पूरे नहीं किए।
रुदौली और मवई ने जरूर मानव दिवसों का सृजन का लक्ष्य पूरा किया है लेकिन दूसरे कार्य उनके भी पूरे नहीं हो पाए हैं। समीक्षा में बार-बार यह मुद्दा उठता रहा लेकिन खंड विकास अधिकारियों ने इस पर गौर करना मुनासिब नहीं समझा।
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स्थिति यह है कि मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों की मजदूरी के भुगतान के लिए भी इन अफसरों ने खासी लापरवाही बरती। उदाहरण के लिए मिल्कीपुर में 40 फीसदी धनराशि को डोंगल के जरिए भुगतान की प्रोसेस पूरा नहीं किया।
इसकी जानकारी के बाद सीडीओ अरविंद मल्लपा बंगारी ने कड़ा रुख अख्तियार किया। डीएम के अनुमोदन के बाद उपायुक्त मनरेगा ने सभी खंड विकास अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। जिले के मयाबाजार, पूराबाजार, तारून, बीकापुर, मसौधा, मिल्कीपुर, अमानीगंज, रुदौली और मवई के खंड विकास अधिकारियों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि कार्य में रुचि न लेने के कारण केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने असंतोष जताया। उन्होंने खराब प्रगति के लिए सभी बीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा है। डीसी मनरेगा नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी ने बताया कि खराब प्रगति को लेकर सभी बीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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मनरेगा के तहत मानव दिवस सृजन के साथ ही खंड विकास अधिकारियों को आठ कार्यों को शत-प्रतिशत अपडेट रखने का निर्देश है लेकिन हालात यह है कि किसी भी खंड विकास अधिकारी के स्तर पर सभी कार्य पूरे नहीं किए।
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रुदौली और मवई ने जरूर मानव दिवसों का सृजन का लक्ष्य पूरा किया है लेकिन दूसरे कार्य उनके भी पूरे नहीं हो पाए हैं। समीक्षा में बार-बार यह मुद्दा उठता रहा लेकिन खंड विकास अधिकारियों ने इस पर गौर करना मुनासिब नहीं समझा।
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स्थिति यह है कि मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों की मजदूरी के भुगतान के लिए भी इन अफसरों ने खासी लापरवाही बरती। उदाहरण के लिए मिल्कीपुर में 40 फीसदी धनराशि को डोंगल के जरिए भुगतान की प्रोसेस पूरा नहीं किया।
इसकी जानकारी के बाद सीडीओ अरविंद मल्लपा बंगारी ने कड़ा रुख अख्तियार किया। डीएम के अनुमोदन के बाद उपायुक्त मनरेगा ने सभी खंड विकास अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। जिले के मयाबाजार, पूराबाजार, तारून, बीकापुर, मसौधा, मिल्कीपुर, अमानीगंज, रुदौली और मवई के खंड विकास अधिकारियों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि कार्य में रुचि न लेने के कारण केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने असंतोष जताया। उन्होंने खराब प्रगति के लिए सभी बीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा है। डीसी मनरेगा नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी ने बताया कि खराब प्रगति को लेकर सभी बीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है।