{"_id":"5d96323e8ebc3e939e470a02","slug":"nd-university-will-build-technology-park-in-campus-faizabad-news-lko4850025115","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनडी विवि अपने कैंपस में बनाएगा टेक्नोलॉजी पार्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनडी विवि अपने कैंपस में बनाएगा टेक्नोलॉजी पार्क
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। आचार्य नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में टेक्नालॉजी पार्क विकसित होने जा रहा है। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय में आने वाले कृषकों को विश्वविद्यालय द्वारा विकसित तकनीकों का एक ही स्थान पर अवलोकन कराना व उन्हें विश्वविद्यालय भ्रमण के लिए आकर्षित करना होगा। इसके लिए विवि के मुख्य गेट पर प्रसार विभाग की भूमि चिह्नित कर ली गई है। साथ ही प्रस्ताव सरकार को भेजा जा रहा है।
टेक्नोलॉजी पार्क में कृषि, पशुपालन, मत्स्यपालन, कृषि अभियंत्रण, उद्यान व ग्रह विज्ञान की इकाइयों की एक साथ स्थापित की जाएंगी, जिससे आने वाले किसान, ग्रामीण व स्वरोजगारोन्मुख युवा, महिलाएं अवलोकन कर अपने निजी जीवन के लिए इससे प्रेरणा ले सकें।
इस तरह का टेक्नालॉजी पार्क देश के चुनिंदा कृषि संस्थानों में ही है। इस पार्क की स्थापना के लिए कुलपति डॉ सिंह ने विश्वविद्यालय के मुख्यद्वार पर प्रसार निदेशालय के सामने तथा कृषि तकनीकी सूचना केंद्र के बगल खाली पड़ी भूमि को प्रथम दृष्टया चिह्नित किया है।
विज्ञापन
इस पार्क में पूर्वी उत्तर प्रदेश की बाढ़ग्रस्त, तराई व मैदानी परिस्थितियों के अनुरूप फसलों के मॉडल लगाए जाएंगे, जिससे किसान इस पार्क का अवलोकन करते समय प्रदेश की कृषि स्थितियों से एक स्थान पर ही रह कर अवगत हो सकें।
कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह ने इस टेक्नोलॉजी पार्क की स्थापना के लिए प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही से भी वार्ता की है तथा इसकी स्थापना पर आने वाले व्यय को प्रदेश शासन से एक परियोजना तैयार कर मांगने का प्रस्ताव दिया है।
कुलपति डॉ सिंह का कहना है जब तक विश्वविद्यालय की तकनीकी आकर्षक ढंग से प्रस्तुत नहीं की जाएगी तब तक विश्वविद्यालय द्वारा विकसित तकनीकें व फसलें किसान अपनाने में रुचि नही दिखाएंगे। कुलपति के निर्देश व मार्गदर्शन में इस कार्य को अंजाम देने के लिए वैज्ञानिकों ने काम करना प्रारंभ कर दिया है।
विज्ञापन
टेक्नोलॉजी पार्क में कृषि, पशुपालन, मत्स्यपालन, कृषि अभियंत्रण, उद्यान व ग्रह विज्ञान की इकाइयों की एक साथ स्थापित की जाएंगी, जिससे आने वाले किसान, ग्रामीण व स्वरोजगारोन्मुख युवा, महिलाएं अवलोकन कर अपने निजी जीवन के लिए इससे प्रेरणा ले सकें।
विज्ञापन
इस तरह का टेक्नालॉजी पार्क देश के चुनिंदा कृषि संस्थानों में ही है। इस पार्क की स्थापना के लिए कुलपति डॉ सिंह ने विश्वविद्यालय के मुख्यद्वार पर प्रसार निदेशालय के सामने तथा कृषि तकनीकी सूचना केंद्र के बगल खाली पड़ी भूमि को प्रथम दृष्टया चिह्नित किया है।
विज्ञापन
इस पार्क में पूर्वी उत्तर प्रदेश की बाढ़ग्रस्त, तराई व मैदानी परिस्थितियों के अनुरूप फसलों के मॉडल लगाए जाएंगे, जिससे किसान इस पार्क का अवलोकन करते समय प्रदेश की कृषि स्थितियों से एक स्थान पर ही रह कर अवगत हो सकें।
कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह ने इस टेक्नोलॉजी पार्क की स्थापना के लिए प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही से भी वार्ता की है तथा इसकी स्थापना पर आने वाले व्यय को प्रदेश शासन से एक परियोजना तैयार कर मांगने का प्रस्ताव दिया है।
कुलपति डॉ सिंह का कहना है जब तक विश्वविद्यालय की तकनीकी आकर्षक ढंग से प्रस्तुत नहीं की जाएगी तब तक विश्वविद्यालय द्वारा विकसित तकनीकें व फसलें किसान अपनाने में रुचि नही दिखाएंगे। कुलपति के निर्देश व मार्गदर्शन में इस कार्य को अंजाम देने के लिए वैज्ञानिकों ने काम करना प्रारंभ कर दिया है।