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सतरंगी फुहारों के बीच नागापना महोत्सव संपन्न
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Fri, 25 Mar 2016 10:25 PM IST
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ऐतिहासिक चरण पादुका स्थल पर पवित्र निशान व पादुका का पूजन-अर्चन
- फोटो : अमर उजाला
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अखिल भारतीय श्रीपंच रामानंदीय निर्वाणी अनी अखाड़ा हनुमानगढ़ी का नौ दिवसीय द्वादश वर्षीय नागापना महोत्सव शुक्रवार को सतरंगी फुहारों के बीच संपन्न हो गया।
परंपरा के अनुसार हनुमानगढ़ी मंदिर के पवित्र निशान का पूजन-अर्चन कर गाजे-बाजे के साथ जुलूस निकाला गया। ऐतिहासिक चरण पादुका स्थल पर पवित्र निशान व पादुका का पूजन-अर्चन कर एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर महोत्सव की बधाई दी।
साथ ही समारोह के बीच बासंतिया व हरद्वारी पट्टी के 137 नए नागा साधुओं को धर्म रक्षा व संप्रदाय के प्रति निष्ठा की शपथ दिलाए जाने के बाद रस्मी भंडारा प्रसाद का वितरण किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में संतों-महंतों ने भाग लिया।
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अखिल भारतीय श्रीपंच रामानंदीय निर्वाणी अनी अखाड़ा हनुमानगढ़ी के बासंतिया व हरद्वारी पट्टी का द्वादश वर्षीय नागापना महोत्सव 17 मार्च से आरंभ हुआ था। उज्जैन महाकुंभ के अवसर पर दोनों पट्टियों के आयोजित होने वाले नागापना महोत्सव में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक आयोजन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे।
बासंतिया पट्टी का समारोह ऐतिहासिक चरण पादुका स्थल तो हरद्वारी पट्टी का समारोह हनुमत संस्कृत महाविद्यालय में आयोजित हो रहा था। बुधवार को दोनों पट्टियों के समारोह स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नए नागा साधुओं को सामूहिक रूप से धर्म की रक्षा व संप्रदाय के प्रति निष्ठा व समर्पण की शपथ दिलाई गई थी। प
ट्टी में शामिल होने वाले नए साधुओं को पट्टी के महंतों रामचरन दास व मुरली दास ने दीक्षित करते हुए उन्हें नागा उपाधि प्रदान की।
दीक्षांत समारोह के बाद शुक्रवार को हनुमानगढ़ी के पवित्र निशान का पूजन-अर्चन कर गाजे-बाजे के साथ जुलूस निकाल चरण पादुका स्थल पर पहुंचे यहां पर पादुका व पवित्र निशान का पूजन-अर्चन किया।
उसके पश्चात रस्मी भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रीहनुमान जी का विशेष प्रसाद वितरित किया गया। समारोह में हरद्वारी पट्टी के महंत मुरली दास, बसंतिया के महंत रामचरन दास, भवनाथ दास, केदार दास, केशव पहलवान, आनंद दास, कृष्ण कुमार दास, अनिरुद्ध दास. भानुपाल दास, राजेश पहलवान महंत रामभद्र दास, महंत गौरीशंकर दास, महंत रामकृष्ण दास आदि सैंकड़ों की संख्या में नागातीत संत शामिल रहे।
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परंपरा के अनुसार हनुमानगढ़ी मंदिर के पवित्र निशान का पूजन-अर्चन कर गाजे-बाजे के साथ जुलूस निकाला गया। ऐतिहासिक चरण पादुका स्थल पर पवित्र निशान व पादुका का पूजन-अर्चन कर एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर महोत्सव की बधाई दी।
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साथ ही समारोह के बीच बासंतिया व हरद्वारी पट्टी के 137 नए नागा साधुओं को धर्म रक्षा व संप्रदाय के प्रति निष्ठा की शपथ दिलाए जाने के बाद रस्मी भंडारा प्रसाद का वितरण किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में संतों-महंतों ने भाग लिया।
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अखिल भारतीय श्रीपंच रामानंदीय निर्वाणी अनी अखाड़ा हनुमानगढ़ी के बासंतिया व हरद्वारी पट्टी का द्वादश वर्षीय नागापना महोत्सव 17 मार्च से आरंभ हुआ था। उज्जैन महाकुंभ के अवसर पर दोनों पट्टियों के आयोजित होने वाले नागापना महोत्सव में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक आयोजन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे।
बासंतिया पट्टी का समारोह ऐतिहासिक चरण पादुका स्थल तो हरद्वारी पट्टी का समारोह हनुमत संस्कृत महाविद्यालय में आयोजित हो रहा था। बुधवार को दोनों पट्टियों के समारोह स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नए नागा साधुओं को सामूहिक रूप से धर्म की रक्षा व संप्रदाय के प्रति निष्ठा व समर्पण की शपथ दिलाई गई थी। प
ट्टी में शामिल होने वाले नए साधुओं को पट्टी के महंतों रामचरन दास व मुरली दास ने दीक्षित करते हुए उन्हें नागा उपाधि प्रदान की।
दीक्षांत समारोह के बाद शुक्रवार को हनुमानगढ़ी के पवित्र निशान का पूजन-अर्चन कर गाजे-बाजे के साथ जुलूस निकाल चरण पादुका स्थल पर पहुंचे यहां पर पादुका व पवित्र निशान का पूजन-अर्चन किया।
उसके पश्चात रस्मी भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रीहनुमान जी का विशेष प्रसाद वितरित किया गया। समारोह में हरद्वारी पट्टी के महंत मुरली दास, बसंतिया के महंत रामचरन दास, भवनाथ दास, केदार दास, केशव पहलवान, आनंद दास, कृष्ण कुमार दास, अनिरुद्ध दास. भानुपाल दास, राजेश पहलवान महंत रामभद्र दास, महंत गौरीशंकर दास, महंत रामकृष्ण दास आदि सैंकड़ों की संख्या में नागातीत संत शामिल रहे।