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मुसलिम महिलाओं समेत पुरुषों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सराहा
फैजाबाद
Updated Tue, 22 Aug 2017 10:52 PM IST
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फैजाबाद में मंगलवार को राठहवेली में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उत्साह के साथ एक-दूसरे को मिठाई खिलातीं मुस्लिम महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
तीन तलाक को लेकर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का ज्यादातर मुसलिम परिवारों में स्वागत हो रहा है। पीड़ित महिलाओं ने कहा कि जिंदगी अब सुकून में रहेगी। तीन तलाक खत्म होने से शौहर की मनमानी पर लगाम लगेगी।
नवाबों की नगरी फैजाबाद में उच्चतम न्यायालय के इस फैसले पर लोगों ने हर्ष जताते हुए इसे स्वतंत्रता दिवस का बड़ा तोहफा बताया। कुमारगंज थाना अंतर्गत इटौंजा गांव की रहने वाली अफरोज बानो ने बताया कि सउदी अरब से बीते 4 अगस्त को उसके पति मो. कलाम ने फोन पर तीन बार तलाक बोलकर तलाक दे दिया था।
इसके बाद उसके ससुरालवालों ने उसे व उसके दुधमुंहे बच्चे को घर से मारपीट कर बाहर निकाल दिया था। अफरोज ने बताया कि थाना कुमारगंज में अपने पति समेत ससुराल पक्ष के 6 लोगों पर केस दर्ज कराया, लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुश अफरोज का कहना है कि इससे मेरे समेत लाखों महिलाओं को न्याय मिलेगा और वो सुकून से जिंदगी गुजार सकेंगी।
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वहीं, मित्र मंच के प्रदेश प्रभारी बबलू खान ने अदालत के इस फैसले का तहे दिल से स्वागत किया। उनका कहना है कि ये फैसला सराहनीय ही नहीं बल्कि ऐतिहासिक भी है, इससे महिलाओं को न्याय मिलेगा व अब उनको कोई परेशान नहीं कर पाएगा।
राठ हवेली की रहने वाली अमरीन फातिमा, रेशमा, हमा बानो, उमा, उजमा, निशा व हेमा आदि भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सराहती हैं, उनका कहना है कि इससे महिलाओं के आत्मविश्वास को बल मिलेगा जिससे वो समाज में अपनी भागेदारी निभा सकेंगी। उनका कहना है कि सभी मुसलिम महिलाओं को इसका स्वागत करना चाहिए, यह फैसला पति-पत्नी के भावनात्मक रिश्तों को और मजबूत बनाएगा।
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नवाबों की नगरी फैजाबाद में उच्चतम न्यायालय के इस फैसले पर लोगों ने हर्ष जताते हुए इसे स्वतंत्रता दिवस का बड़ा तोहफा बताया। कुमारगंज थाना अंतर्गत इटौंजा गांव की रहने वाली अफरोज बानो ने बताया कि सउदी अरब से बीते 4 अगस्त को उसके पति मो. कलाम ने फोन पर तीन बार तलाक बोलकर तलाक दे दिया था।
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इसके बाद उसके ससुरालवालों ने उसे व उसके दुधमुंहे बच्चे को घर से मारपीट कर बाहर निकाल दिया था। अफरोज ने बताया कि थाना कुमारगंज में अपने पति समेत ससुराल पक्ष के 6 लोगों पर केस दर्ज कराया, लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुश अफरोज का कहना है कि इससे मेरे समेत लाखों महिलाओं को न्याय मिलेगा और वो सुकून से जिंदगी गुजार सकेंगी।
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वहीं, मित्र मंच के प्रदेश प्रभारी बबलू खान ने अदालत के इस फैसले का तहे दिल से स्वागत किया। उनका कहना है कि ये फैसला सराहनीय ही नहीं बल्कि ऐतिहासिक भी है, इससे महिलाओं को न्याय मिलेगा व अब उनको कोई परेशान नहीं कर पाएगा।
राठ हवेली की रहने वाली अमरीन फातिमा, रेशमा, हमा बानो, उमा, उजमा, निशा व हेमा आदि भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सराहती हैं, उनका कहना है कि इससे महिलाओं के आत्मविश्वास को बल मिलेगा जिससे वो समाज में अपनी भागेदारी निभा सकेंगी। उनका कहना है कि सभी मुसलिम महिलाओं को इसका स्वागत करना चाहिए, यह फैसला पति-पत्नी के भावनात्मक रिश्तों को और मजबूत बनाएगा।