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विक्रमादित्य से 17 गुना बड़ी होगी मोदी की अयोध्या, केंद्रीय पर्यटन मंत्री आज खींचेंगे खाका
Fri, 31 Jul 2020 02:24 AM IST
दुष्यंत शर्मा
धीरेंद्र सिंह, अयोध्या
धीरेंद्र सिंह, अयोध्या
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 31 Jul 2020 02:24 AM IST
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अयोध्या का प्रवेश द्वार...
- फोटो : अमर उजाला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूमि पूजन के साथ नव्य अयोध्या बसाने का एलान भी कर सकते हैं। यह उज्जैन के महाराजा विक्रमादित्य द्वारा बसाई गई पांच कोस की अयोध्या से करीब 17 गुना बड़ी चौरासी कोस में होगी। यहां करीब सवा तीन सौ रामायणकालीन स्थलों और ऋषि-मुनियों के आश्रमों का पुनरोद्धार करने के साथ आधुनिक पर्यटन, यातायात और ठहरने की सुविधाएं विकसित होंगी।
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इसका खाका खींचने केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल अयोध्या पहुंच रहे हैं। वह शुक्रवार को जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। ईसा पूर्व सौ वर्ष उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य यहां रामदर्शन करने आए थे। सम्राट ने देखा कि समूची अयोध्या ध्वस्त पड़ी है। तब उन्होंने श्रीराम जन्मस्थान मंदिर बनवाने के साथ पांच कोस में 360 मंदिरों का निर्माण कर नई अयोध्या बसाई थी। इसके स्तंभों का उल्लेख वंशीय प्रबंध व लोमस रामायण में मिलता है। इस प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा राम नवमी को उत्सव के साथ की गई।
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अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 492 वर्ष बाद उसी श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर की नींव रखने आ रहे हैं। उनका दौरा सिर्फ श्रीराम जन्मभूमि तक सीमित नहीं है, बल्कि वह सम्राट विक्रमादित्य की बसाई गई अयोध्या से 17 गुना बड़ी अयोध्या की आध्यात्मिक चौरासी कोस की परिधि तक ले जाने की मंशा से आ रहे हैं। इसका प्रस्ताव भी तैयार है। रामकोट स्थित श्रीराम जन्मभूमि से दो किलोमीटर की परिधि में पौने दो सौ जर्जर होकर ढह रहे पौराणिक स्थलों के पुनरोद्धार की स्वीकृति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दे दी है। इसे भारत सरकार के पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय को भेजा जा चुका है।
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अयोध्या से जुड़ेगी स्वामीनारायण की जन्मस्थली
गुजरात में सर्वाधिक पूजनीय भगवान स्वामीनारायण की जन्मस्थली अयोध्या से करीब 40 किमी दूर गोंडा जिले के छपिया में है, अयोध्या उनकी रमण भूमि रही है। भक्त पहले अयोध्या आकर सरयू स्नान और दर्शन-पूजन करते हैं फिर स्वामीनारायण का दर्शन पूर्ण माना जाता है। इसको ध्यान में रखते हुए गोंडा के नवाबगंज नगरपालिका समेत 62 गांवों को अयोध्या विकास प्राधिकरण में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा गया है।
138 गुना बढ़ेगा अयोध्या विकास प्राधिकरण का दायरा
पर्यटन की असीम संभावनाओं को देखते हुए सरकार ने अयोध्या विकास प्राधिकरण का दायरा 6325.24 हेक्टेयर में बसी कुल 3 लाख 31 हजार 162 से बढ़ाकर अब 87 हजार 261 हेक्टेयर की कुल आबादी 8 लाख 73 हजार 373 करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इसकी स्वीकृति भी प्रधानमंत्री के दौरे के साथ मिल सकती है।