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भंडारण में चूके तो बारिश में भीगेगा गेहूं
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Sun, 14 Jun 2015 12:24 AM IST
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एफसीआई गोदामों में जगह कम पड़ रही है, फिर भी अतिरिक्त गोदाम नहीं लिए जा रहे। जानकार बताते हैं कि अगर गोदामों की व्यवस्था न हुई तो बारिश में गेहूं जरूर भीगेगा। जिले में अभी भी 1993 मीट्रिक टन गेहूं क्रय केंद्रों पर खुले में पड़ा है। इसको लेकर केंद्र प्रभारी भी परेशान हैं।
हालांकि अधिकारियों का दावा है कि बचाव के पर्याप्त इंतजाम है। गौरतलब है कि सरकारी गेहूं खरीद शुरू होने से पहले ही खाद्य विभाग के अधिकारियों ने सरकारी लक्ष्य 1,78,950 मीट्रिक टन के सापेक्ष फैजाबाद मंडल का भंडारण प्लान भारतीय खाद्य निगम से मांगा था।
काफी दिनों बाद निगम की ओर से प्लान दिया गया, पर लक्ष्य से काफी कम। यह बात जब मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव की मंडलीय समीक्षा बैठक में उठी तो निगम की ओर से भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया था। मगर यह दावा हकीकत में नहीं बदल सका।
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इसी का नतीजा है कि पहले से उपलब्ध एफसीआई के गोदामों में अब जगह नहीं बची है। अब मंडल के लगभग सभी जिलों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के राशन निकासी पर ही सरकारी खरीद के गेहूं का भंडारण कराया जा रहा है। गोदामों में जगह के अभाव में क्रय केंद्रों पर काफी मात्रा में गेहूं पड़ा है।
हालांकि दावा किया जा रहा है कि केंद्रों पर पड़ा गेहूं सुरक्षित गोदामों में रखा गया है। इसके साथ एफसीआई ने कई जगहों पर मंडी परिषद के टीन शेडों व गोदामों की भी व्यवस्था कर ली है। इससे बारिश में गेहूं के भीगने की आशंका कम है।
बताया जा रहा कि फैजाबाद व अंबेडकरनगर जिले में भंडारण की समस्या काफी बढ़ गई है। इन दोनों जिलों मेें एफसीआई के गोदाम भरे हैं। फैजाबाद में एफसीआई का गद्दौपुर गोदाम 39230 टन की क्षमता का है, लेकिन यहां पहले से ही पीडीएस का गेहूं व चावल भंडारित है।
इसी तरह अंबेडकरनगर में भी टांडा व शाहगंज के गोदामों में जगह अपर्याप्त हो गई है। हालांकि भंडारण कराया जा रहा, पर काफी धीमी रफ्तार से। अंबेडकरनगर में पिछले कई साल से नया गोदाम बनवाने का प्रस्ताव है, लेकिन यह निगम में पास नहीं हो सका है। इससे हर साल भंडारण की समस्या बनी रहती है।
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हालांकि अधिकारियों का दावा है कि बचाव के पर्याप्त इंतजाम है। गौरतलब है कि सरकारी गेहूं खरीद शुरू होने से पहले ही खाद्य विभाग के अधिकारियों ने सरकारी लक्ष्य 1,78,950 मीट्रिक टन के सापेक्ष फैजाबाद मंडल का भंडारण प्लान भारतीय खाद्य निगम से मांगा था।
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काफी दिनों बाद निगम की ओर से प्लान दिया गया, पर लक्ष्य से काफी कम। यह बात जब मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव की मंडलीय समीक्षा बैठक में उठी तो निगम की ओर से भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया था। मगर यह दावा हकीकत में नहीं बदल सका।
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इसी का नतीजा है कि पहले से उपलब्ध एफसीआई के गोदामों में अब जगह नहीं बची है। अब मंडल के लगभग सभी जिलों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के राशन निकासी पर ही सरकारी खरीद के गेहूं का भंडारण कराया जा रहा है। गोदामों में जगह के अभाव में क्रय केंद्रों पर काफी मात्रा में गेहूं पड़ा है।
हालांकि दावा किया जा रहा है कि केंद्रों पर पड़ा गेहूं सुरक्षित गोदामों में रखा गया है। इसके साथ एफसीआई ने कई जगहों पर मंडी परिषद के टीन शेडों व गोदामों की भी व्यवस्था कर ली है। इससे बारिश में गेहूं के भीगने की आशंका कम है।
बताया जा रहा कि फैजाबाद व अंबेडकरनगर जिले में भंडारण की समस्या काफी बढ़ गई है। इन दोनों जिलों मेें एफसीआई के गोदाम भरे हैं। फैजाबाद में एफसीआई का गद्दौपुर गोदाम 39230 टन की क्षमता का है, लेकिन यहां पहले से ही पीडीएस का गेहूं व चावल भंडारित है।
इसी तरह अंबेडकरनगर में भी टांडा व शाहगंज के गोदामों में जगह अपर्याप्त हो गई है। हालांकि भंडारण कराया जा रहा, पर काफी धीमी रफ्तार से। अंबेडकरनगर में पिछले कई साल से नया गोदाम बनवाने का प्रस्ताव है, लेकिन यह निगम में पास नहीं हो सका है। इससे हर साल भंडारण की समस्या बनी रहती है।