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आरक्षण की स्थिति से कई के हाथ लगीं निराशा
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बीकापुर। बीकापुर क्षेत्र से तीन सीट महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाने से कई लोगों का समीकरण गड़बड़ा गया है। आरक्षण की स्थिति साफ न होने के बावजूद तमाम संभावित दावेदार कई महीना पहले से जनसंपर्क करने में जुट गए थे। लगभग हर जिला पंचायत क्षेत्र में सड़क किनारे ऐसे दावेदारों की शुभकामना की होर्डिंग लगाई जा चुकी थी।
बीकापुर क्षेत्र में कुल चार जिला पंचायत सदस्य पद के क्षेत्र शामिल हैं। इनमें से सिर्फ बीकापुर प्रथम अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है जबकि बीकापुर द्वितीय, बीकापुर तृतीय व बीकापुर चतुर्थ महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है।
जारी की गई आरक्षण सूची प्रकाशित होने के बाद मतदाताओं के घर जाकर महीनों से जनसंपर्क करके गलियों की खाक छान रहे संभावित दावेदार अब अपनी पत्नियों और परिवार की महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारकर उनके सहारे चुनावी वैतरणी पार करने की जुगत शुरू कर दिए हैं। इसके लिए सोशल मीडिया पर बाकायदा प्रचार-प्रसार भी शुरू हो गया है।
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पिछले कई महीनों से जनसंपर्क में लगे कुछ संभावित दावेदार महिलाओं के लिए सीट आरक्षित होने के बाद निराश हो गए हैं और चुनाव से दूरी बना रहे हैं। जबकि चर्चा है कि कई संभावित दावेदार ऐसे भी हैं जो पड़ोस के तारुन और हैरिंग्टनगंज विकासखंड के जिला पंचायत सदस्य पद की सीटों से चुनाव लड़ने के लिए मंथन कर रहे हैं। समीकरण तलाश रहे हैं।
पिछले चुनाव में किसी भी महिला ने बीकापुर क्षेत्र से जिला पंचायत के लिए प्रतिनिधित्व नहीं किया था। बीकापुर प्रथम से उमाशंकर यादव, बीकापुर द्वितीय से राम नयन यादव, बीकापुर तृतीय से अवतन्श तिवारी व बीकापुर चतुर्थ से भोला सिंह चुनाव जीते थे। इसी प्रकार ब्लॉक प्रमुख की सीट भी अनुसूचित जाति के खाते में आरक्षित हो जाने से इस पद के लिए दावा पेश करने वाले तमाम लोग मायूस हो गए हैं।
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बीकापुर क्षेत्र में कुल चार जिला पंचायत सदस्य पद के क्षेत्र शामिल हैं। इनमें से सिर्फ बीकापुर प्रथम अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है जबकि बीकापुर द्वितीय, बीकापुर तृतीय व बीकापुर चतुर्थ महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है।
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जारी की गई आरक्षण सूची प्रकाशित होने के बाद मतदाताओं के घर जाकर महीनों से जनसंपर्क करके गलियों की खाक छान रहे संभावित दावेदार अब अपनी पत्नियों और परिवार की महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारकर उनके सहारे चुनावी वैतरणी पार करने की जुगत शुरू कर दिए हैं। इसके लिए सोशल मीडिया पर बाकायदा प्रचार-प्रसार भी शुरू हो गया है।
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पिछले कई महीनों से जनसंपर्क में लगे कुछ संभावित दावेदार महिलाओं के लिए सीट आरक्षित होने के बाद निराश हो गए हैं और चुनाव से दूरी बना रहे हैं। जबकि चर्चा है कि कई संभावित दावेदार ऐसे भी हैं जो पड़ोस के तारुन और हैरिंग्टनगंज विकासखंड के जिला पंचायत सदस्य पद की सीटों से चुनाव लड़ने के लिए मंथन कर रहे हैं। समीकरण तलाश रहे हैं।
पिछले चुनाव में किसी भी महिला ने बीकापुर क्षेत्र से जिला पंचायत के लिए प्रतिनिधित्व नहीं किया था। बीकापुर प्रथम से उमाशंकर यादव, बीकापुर द्वितीय से राम नयन यादव, बीकापुर तृतीय से अवतन्श तिवारी व बीकापुर चतुर्थ से भोला सिंह चुनाव जीते थे। इसी प्रकार ब्लॉक प्रमुख की सीट भी अनुसूचित जाति के खाते में आरक्षित हो जाने से इस पद के लिए दावा पेश करने वाले तमाम लोग मायूस हो गए हैं।