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अभिलेख सत्यापन में मिली गड़बड़ी, पांच कर्मियों पर कार्रवाई की तलवार
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अयोध्या। जिले में भी कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में नौकरी करने वाले पांच शिक्षक व कर्मचारी संदिग्ध पाए गए हैं। अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद अभिलेख सत्यापन के दौरान गड़बड़ी मिलने पर इन संदिग्धों को नोटिस जारी किया गया, जिसका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया है। अब विभाग की ओर से इन पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
अनामिका शुक्ला के अभिलेखों के आधार पर 25 जिलों के कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में नौकरी करने का मामला सामने आने के बाद प्रदेश में हलचल मच गई। कई जिलों में भी ऐसे मामले सामने आने पर सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक/कर्मचारियों के अभिलेखों का सत्यापन कराया गया तो और फर्जीवाड़े भी सामने आए। इस फर्जीवाड़े से अयोध्या भी अछूता नहीं बच रहा है।
जिले में नगर क्षेत्र के अलावा सभी विकास खंडों में मिलाकर दस कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं, जहां मौजूदा समय में करीब दस हजार बच्चे पढ़ते हैं। राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद के आदेश पर बीते दस जून से जिले में सभी कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के शिक्षक/कर्मचारियों के अभिलेखों का सत्यापन शुरू कराया गया।
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जांच समिति ने एडी बेसिक सभागार में शिक्षक/कर्मचारियों को बुलाकर उनके मूल अभिलेख आदि जमा कराए। उनका मिलान करने के बाद जिले में भी फर्जीवाड़े की बू आने लगी है। गलत तथ्यों को दिखाकर व तत्कालीन अधिकारियों से साठगांठ करके पांच कर्मचारियों द्वारा नौकरी हथियाने की आशंका है।
मिल्कीपुर विकास खंड के एक वार्डन का चयन 2018-19 में किया गया। जिसकी मेरिट सूची में प्रथम स्थान पर दूसरा व्यक्ति चयनित है और कार्यरत भी है। इसके बावजूद वार्डन को प्रतीक्षा सूची में चयनित कर लिया गया, जबकि पद का अनुमोदन और विज्ञप्ति भी प्रकाशित नहीं हुई थी। विकास खंड मवई के विद्यालय में एक शिक्षक की नियुक्ति 2009-10 में हुई थी।
स्नातक के अंकपत्र में पूर्णांक 1800 दर्ज है, जबकि मेरिट सूची में 1350 के सापेक्ष गुणांक निर्धारित किया गया है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि ऐसा संभवत: अधिक प्रतिशत दर्शाने के लिए किया गया है। इसके अलावा वर्ष 2011-12 में चयनित मया ब्लॉक की दो अंशकालिक शिक्षिका व सोहावल में एक लेखाकार का चयनित/प्रतीक्षारत की अनुमोदित सूची में नाम न होने के बावजूद भी हो गया। जांच में गड़बड़ी मिलने के बाद 27 जुलाई को सभी लोगों को नोटिस भेजा गया। जिनका जवाब भी मिला है। लेकिन इससे विभागीय अधिकारी संतुष्ट नहीं हैं। अब इन सभी पर कार्रवाई के लिए जांच समिति के समक्ष तथ्यों को प्रेषित किया गया है।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में शिक्षक/कर्मचारियों के अभिलेखों का सत्यापन किया गया तो पांच शिक्षक/कर्मचारी जिले में भी संदिग्ध मिले हैं। सभी को नोटिस दिया गया है। अब उन पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
-संतोष कुमार देव पांडेय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अयोध्या
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अनामिका शुक्ला के अभिलेखों के आधार पर 25 जिलों के कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में नौकरी करने का मामला सामने आने के बाद प्रदेश में हलचल मच गई। कई जिलों में भी ऐसे मामले सामने आने पर सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक/कर्मचारियों के अभिलेखों का सत्यापन कराया गया तो और फर्जीवाड़े भी सामने आए। इस फर्जीवाड़े से अयोध्या भी अछूता नहीं बच रहा है।
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जिले में नगर क्षेत्र के अलावा सभी विकास खंडों में मिलाकर दस कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं, जहां मौजूदा समय में करीब दस हजार बच्चे पढ़ते हैं। राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद के आदेश पर बीते दस जून से जिले में सभी कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के शिक्षक/कर्मचारियों के अभिलेखों का सत्यापन शुरू कराया गया।
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जांच समिति ने एडी बेसिक सभागार में शिक्षक/कर्मचारियों को बुलाकर उनके मूल अभिलेख आदि जमा कराए। उनका मिलान करने के बाद जिले में भी फर्जीवाड़े की बू आने लगी है। गलत तथ्यों को दिखाकर व तत्कालीन अधिकारियों से साठगांठ करके पांच कर्मचारियों द्वारा नौकरी हथियाने की आशंका है।
मिल्कीपुर विकास खंड के एक वार्डन का चयन 2018-19 में किया गया। जिसकी मेरिट सूची में प्रथम स्थान पर दूसरा व्यक्ति चयनित है और कार्यरत भी है। इसके बावजूद वार्डन को प्रतीक्षा सूची में चयनित कर लिया गया, जबकि पद का अनुमोदन और विज्ञप्ति भी प्रकाशित नहीं हुई थी। विकास खंड मवई के विद्यालय में एक शिक्षक की नियुक्ति 2009-10 में हुई थी।
स्नातक के अंकपत्र में पूर्णांक 1800 दर्ज है, जबकि मेरिट सूची में 1350 के सापेक्ष गुणांक निर्धारित किया गया है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि ऐसा संभवत: अधिक प्रतिशत दर्शाने के लिए किया गया है। इसके अलावा वर्ष 2011-12 में चयनित मया ब्लॉक की दो अंशकालिक शिक्षिका व सोहावल में एक लेखाकार का चयनित/प्रतीक्षारत की अनुमोदित सूची में नाम न होने के बावजूद भी हो गया। जांच में गड़बड़ी मिलने के बाद 27 जुलाई को सभी लोगों को नोटिस भेजा गया। जिनका जवाब भी मिला है। लेकिन इससे विभागीय अधिकारी संतुष्ट नहीं हैं। अब इन सभी पर कार्रवाई के लिए जांच समिति के समक्ष तथ्यों को प्रेषित किया गया है।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में शिक्षक/कर्मचारियों के अभिलेखों का सत्यापन किया गया तो पांच शिक्षक/कर्मचारी जिले में भी संदिग्ध मिले हैं। सभी को नोटिस दिया गया है। अब उन पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
-संतोष कुमार देव पांडेय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अयोध्या