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एक ही खेत में लहलहा रही मटर, लौकी और राजमा की फसल

Sat, 30 Jan 2021 11:27 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jan 2021 11:27 PM IST
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अयोध्या-बीकापुर क्षेत्र के चरावा निवासी प्रगतिशील किसान राम लौट मौर्य द्वारा मानचिंग पेपर द्वा? - फोटो : FAIZABAD
बीकापुर। चरावां गांव निवासी एक प्रगतिशील किसान ने झालर विधि से सह फसली खेती करके नई नजीर बनाई है। आज उनके यहां एक ही खेत में एक साथ मटर, लौकी, राजमा तो दूसरे में शिमला मिर्च, लौकी और गोभी की खेती एक साथ लहलहा रही है।
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किसान रामलौट मौर्य ने संसाधन न होने के बावजूद अपने जज्बे और हौसले से आधुनिक तकनीक से खेती किसानी में कड़ी मेहनत करके दूसरों के लिए उदाहरण पेश किया है। रामलौट के पास मात्र एक बीघा पैतृक जमीन है। लेकिन गांव में दूसरे किसानों की करीब 30 बीघा जमीन बटाई पर लेकर नई तकनीक से साग, सब्जी और फल की खेती करते हैं। इसके लिए उन्होंने समय-समय पर कृषि वैज्ञानिकों से भी सलाह ली और प्रशिक्षण भी प्राप्त किया। उन्होंने पहले कई बीघा क्षेत्रफल में केले की खेती की।
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धीरे-धीरे आर्थिक स्थिति ठीक होने पर नई तकनीक से अधिक उपज के लिए मौर्य ने सहफसली खेती को प्राथमिकता दी। इस समय झालर विधि से मटर, लौकी, राजमा एक साथ एक ही खेत में तो दूसरी ओर शिमला मिर्च, लौकी और गोभी की फसल एक ही खेत में लहलहा रही है। पपीते के साथ करेले की खेती भी वह करते हैं। सह-फसली खेती के लिए उन्होंने झालर विधि के अलावा नई तकनीक से अपने खेत में मॉल्चिंग पेपर बिछाकर बेड विधि से सब्जियां उगाई हैं।
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रामलौट ने बताया कि मॉल्चिंग पेपर द्वारा बेड विधि से सब्जियों और फलों की खेती करने पर झालर देने में सहूलियत रहती है। मॉल्चिंग पेपर के कारण खरपतवार भी नहीं उगते हैं। पानी और सिंचाई की भी कम जरूरत पड़ती है। नमी काफी दिनों तक बनी रहती है। फसल और पैदावार भी अच्छी होती है। उन्होंने नौ बीघा में केले की भी खेती कर रखी है। उन्होंने बताया कि सात बीघा खेत में तरबूज की खेती करने के लिए नर्सरी डाल दी है। उद्यान विभाग ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया है।

तैयार फल और सब्जी की बिक्री के लिए व्यापारी और और दुकानदार खेत से भी खरीदारी करते हैं। वह बताते हैं कि तैयार उत्पाद फैजाबाद के अलावा अन्य सब्जी मंडी में भी बिक्री के लिए ले जाते हैं। मात्र हाई स्कूल तक शिक्षा ग्रहण करने के बाद भी राम लौट की मेहनत व लगन से उनके परिवार में खुशहाली है। क्षेत्र के लोग राम लौट की मेहनत और लगन की तारीफ करते हैं।
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