{"_id":"62bded3d660bab7c3c219231","slug":"khabbu-acquitted-in-jail-assault-case-faizabad-news-lko6375865120","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेल में हुई मारपीट के मामले में खब्बू दोषमुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेल में हुई मारपीट के मामले में खब्बू दोषमुक्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। मंडल कारागार में एक बंदी से हुई मारपीट के मामले में अदालत में अभियोजन पक्ष घटना को साबित नहीं कर सका। इसका लाभ देते हुए कोर्ट ने पूर्व विधायक इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू को दोष मुक्त कर दिया।
यह आदेश गुरुवार को विशेष न्यायाधीश एमपी एमएलए कोर्ट प्रशांत शुक्ला की अदालत से हुआ है। पूर्व विधायक के अधिवक्ता राम शंकर तिवारी ने बताया की घटना 21 अक्तूबर 2002 की है।
जेल में निरुद्ध बंदी लक्ष्मी निवास अग्रवाल ने एफआईआर दर्ज कराई थी कि उसे जेल में बंद इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू ने दो तमाचे मारे और जान से मार डालने की धमकी दी। दौरान मुकदमा लक्ष्मी निवास अग्रवाल की मौत हो गई।
विज्ञापन
अदालत में डिप्टी जेलर पीएन पांडे ने गवाही के दौरान बताया कि जहां इंद्र प्रताप तिवारी खब्बू बंद थे। सर्किल का मैं इंचार्ज था, उस सर्किल में घटना वाले दिन कोई मारपीट नहीं हुई।
जेल अधीक्षक बृजेंद्र कुमार अवस्थी ने भी कोर्ट में बताया कि मेरे सामने कोई मारपीट या झगड़ा बंदियों के बीच नहीं हुआ था। न किसी जेल के कर्मचारी ने मुझसे ऐसी कोई शिकायत की थी। दोनों की गवाही के बाद कोर्ट ने खब्बू तिवारी को उनके ऊपर लगाए गए आरोप से दोषमुक्त कर दिया।
विज्ञापन
यह आदेश गुरुवार को विशेष न्यायाधीश एमपी एमएलए कोर्ट प्रशांत शुक्ला की अदालत से हुआ है। पूर्व विधायक के अधिवक्ता राम शंकर तिवारी ने बताया की घटना 21 अक्तूबर 2002 की है।
विज्ञापन
जेल में निरुद्ध बंदी लक्ष्मी निवास अग्रवाल ने एफआईआर दर्ज कराई थी कि उसे जेल में बंद इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू ने दो तमाचे मारे और जान से मार डालने की धमकी दी। दौरान मुकदमा लक्ष्मी निवास अग्रवाल की मौत हो गई।
विज्ञापन
अदालत में डिप्टी जेलर पीएन पांडे ने गवाही के दौरान बताया कि जहां इंद्र प्रताप तिवारी खब्बू बंद थे। सर्किल का मैं इंचार्ज था, उस सर्किल में घटना वाले दिन कोई मारपीट नहीं हुई।
जेल अधीक्षक बृजेंद्र कुमार अवस्थी ने भी कोर्ट में बताया कि मेरे सामने कोई मारपीट या झगड़ा बंदियों के बीच नहीं हुआ था। न किसी जेल के कर्मचारी ने मुझसे ऐसी कोई शिकायत की थी। दोनों की गवाही के बाद कोर्ट ने खब्बू तिवारी को उनके ऊपर लगाए गए आरोप से दोषमुक्त कर दिया।