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परीक्षकों की नियुक्ति मामले में होगी कार्रवाई
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2015 11:30 PM IST
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डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की ओर से प्रयोगात्मक परीक्षाओं में वाह्य व आंतरिक परीक्षकों की नियुक्ति में नियमों की अनदेखी करने में राज्यपाल के सचिव चंद्रप्रकाश ने कार्रवाई का आदेश दिया है। हालांकि राजभवन से आदेश शिकायत के छह माह बाद आया है, पर इससे विवि पर कार्रवाई का दबाव जरूर बनेगा।
मामले की शिकायत विवि कोर्ट सदस्य ओमप्रकाश सिंह ने इसी साल 14 जनवरी को की थी। सदस्य सिंह ने राज्यपाल को भेजी शिकायत में आरोप लगाया था कि विवि ने मुख्य परीक्षा-2014 में परीक्षा समिति के निर्णय व राज्य विवि अधिनियम के प्रावधानों की अनदेखी कर वाह्य व आंतरिक परीक्षकों की नियुक्ति की है।
नियमों के अनुसार गैर विवि के शिक्षकों को वाह्य परीक्षक बनाया जाना था, लेकिन विवि ने संबद्ध अनुदानित कॉलेजों के ही शिक्षकों को परीक्षक बना कॉलेजों में प्रैक्टिकल परीक्षा कराई। इसी तरह संबद्ध कॉलेजों के ही संबंधित विषय के शिक्षक को आंतरिक परीक्षक बनाने के बजाय दूसरे कॉलेजों के शिक्षकों को परीक्षक बना दिया।
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बावजूद इसके मुख्य परीक्षा-2015 में भी नियमों का अनुपालन न करने का आरोप है। उधर राजभवन से कोर्ट सदस्य की शिकायत पर तब कार्यवाही का आदेश हुआ है, जब मुख्य परीक्षा-2015 के प्रैक्टिकल भी कॉलेजों में लगभग संपन्न हो चुके हैं। बताया जा रहा कि देर से ही सही आदेश पहुंचने के बाद अब विवि पर कार्रवाई का दबाव बनेगा।
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मामले की शिकायत विवि कोर्ट सदस्य ओमप्रकाश सिंह ने इसी साल 14 जनवरी को की थी। सदस्य सिंह ने राज्यपाल को भेजी शिकायत में आरोप लगाया था कि विवि ने मुख्य परीक्षा-2014 में परीक्षा समिति के निर्णय व राज्य विवि अधिनियम के प्रावधानों की अनदेखी कर वाह्य व आंतरिक परीक्षकों की नियुक्ति की है।
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नियमों के अनुसार गैर विवि के शिक्षकों को वाह्य परीक्षक बनाया जाना था, लेकिन विवि ने संबद्ध अनुदानित कॉलेजों के ही शिक्षकों को परीक्षक बना कॉलेजों में प्रैक्टिकल परीक्षा कराई। इसी तरह संबद्ध कॉलेजों के ही संबंधित विषय के शिक्षक को आंतरिक परीक्षक बनाने के बजाय दूसरे कॉलेजों के शिक्षकों को परीक्षक बना दिया।
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बावजूद इसके मुख्य परीक्षा-2015 में भी नियमों का अनुपालन न करने का आरोप है। उधर राजभवन से कोर्ट सदस्य की शिकायत पर तब कार्यवाही का आदेश हुआ है, जब मुख्य परीक्षा-2015 के प्रैक्टिकल भी कॉलेजों में लगभग संपन्न हो चुके हैं। बताया जा रहा कि देर से ही सही आदेश पहुंचने के बाद अब विवि पर कार्रवाई का दबाव बनेगा।