{"_id":"64651f612b28411c5f04c6f9","slug":"hypertention-day-heart-attack-faizabad-news-c-13-1-240957-2023-05-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: तनावपूर्ण जीवनशैली बढ़ा रही युवाओं का रक्तचाप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: तनावपूर्ण जीवनशैली बढ़ा रही युवाओं का रक्तचाप
Thu, 18 May 2023 12:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 18 May 2023 12:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। दिल शरीर का सबसे मजबूत अंग है, लेकिन मनोभावों के प्रति अति संवेदनशील होता है। बढ़ता मनोतनाव युवाओं में तेजी से बढ़ रहे हृदयाघात का मुख्य कारण बनता जा रहा है। ये बातें मनोपरामर्शदाता डॉ. आलोक मनदर्शन ने बुधवार को कहीं। वे विश्व उच्च रक्तचाप दिवस पर जिला चिकित्सालय में युवाओं में बढ़ता उच्च रक्तचाप जोखिम विषयक कार्यशाला में बोल रहे थे।
डॉ. मनदर्शन ने कहा कि दिल टूटना, दिल बैठना आदि हमारे मनोभावों के प्रति हृदय की संवेदनशीलता को व्यक्त करता है। एंजाइना व एंग्जाइटी एक-दूसरे के पूरक हैं। ए टाइप पर्सनालिटी या अति महत्वाकांक्षी व्यक्तित्व के युवाओं में दिल की बीमारी का जोखिम ज्यादा होता है। जंक फूड या लत वाले खाद्य पदार्थों में मौजूद उच्च शर्करा, उच्च फैट व उच्च सोडियम दिल को दुष्प्रभावित करते हैं। मानसिक तनाव में होने पर कार्टिसाल हॉर्मोन काफी बढ़ जाता है और एंडोर्फिन व मेलाटोनिन हॉर्मोन कम हो जाता है, जिससे आलस्य व मोटापा बढ़ता है। नींद दुष्प्रभावित होती है। वहीं मादक पदार्थ आग में घी का काम कर देते हैं। ये सभी कारण इकट्ठा होकर हृदयाघात का कारण बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि मन के प्रत्येक भाव पीड़ा, तनाव, सुख, आनन्द, भय,क्रोध, चिंता, द्वंद्व व कुंठा आदि का सीधा प्रभाव दिल पर पड़ता है। स्वस्थ, मनोरंजक व रचनात्मक गतिविधियों के साथ फल व सब्जियों का सेवन, योग एवं व्यायाम को दिनचर्या में शामिल कर आठ घंटे की गहरी नींद अवश्य लें। इस जीवन शैली से मस्तिष्क में हैप्पी हार्मोन सेरोटोनिन का संचार होगा, जिससे दिल और दिमाग दोनों युवा बने रहेंगे। मनोउपचार की काग्निटिव-बिहैवियर थिरेपी तनाव प्रबंधन में काफी लाभदायक है।
विज्ञापन
..........................
298 की काउंसलिंग, 37 को बांटीं दवाएं
तारुन(अयोध्या)। सीएचसी सहित ब्लॉक की समस्त स्वास्थ्य इकाइयों पर बुधवार को विश्व हाइपरटेंशन दिवस का आयोजन किया गया। समस्त स्वास्थ्य इकाइयों में 298 लोगों की काउंसलिंग व स्क्रीनिंग के साथ जन जागरूकता का आयोजन हुआ। बीपी व शुगर के 37 मरीज मिले, उन्हें निशुल्क दवा वितरण किया गया। ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक रमेश यादव ने बताया कि ब्लॉक की दो सीएचसी, चार पीएचसी एवं 24 हेल्थ वेलनेस सेन्टर पर विश्व हाइपरटेंशन का आयोजन हुआ। अधीक्षक डॉ. रोहित चौरसिया ने बताया कि इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों को हाइपरटेंशन के प्रति जागरूक करना है। हाइपरटेंशन किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है। इसका खतरा महिलाओं से ज्यादा पुरुषों में होता है। 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को नियमित बीपी व शुगर की जांच कराते रहना चाहिए। इस अवसर पर डॉ. नन्हकू राम, डॉ. सबीना खान, एनसीडी काउन्सलर संतोष मौर्या, एलटी नीरज चतुर्वेदी, छाया शुक्ला, फार्मासिस्ट राजेन्द्र वर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
डॉ. मनदर्शन ने कहा कि दिल टूटना, दिल बैठना आदि हमारे मनोभावों के प्रति हृदय की संवेदनशीलता को व्यक्त करता है। एंजाइना व एंग्जाइटी एक-दूसरे के पूरक हैं। ए टाइप पर्सनालिटी या अति महत्वाकांक्षी व्यक्तित्व के युवाओं में दिल की बीमारी का जोखिम ज्यादा होता है। जंक फूड या लत वाले खाद्य पदार्थों में मौजूद उच्च शर्करा, उच्च फैट व उच्च सोडियम दिल को दुष्प्रभावित करते हैं। मानसिक तनाव में होने पर कार्टिसाल हॉर्मोन काफी बढ़ जाता है और एंडोर्फिन व मेलाटोनिन हॉर्मोन कम हो जाता है, जिससे आलस्य व मोटापा बढ़ता है। नींद दुष्प्रभावित होती है। वहीं मादक पदार्थ आग में घी का काम कर देते हैं। ये सभी कारण इकट्ठा होकर हृदयाघात का कारण बन सकते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि मन के प्रत्येक भाव पीड़ा, तनाव, सुख, आनन्द, भय,क्रोध, चिंता, द्वंद्व व कुंठा आदि का सीधा प्रभाव दिल पर पड़ता है। स्वस्थ, मनोरंजक व रचनात्मक गतिविधियों के साथ फल व सब्जियों का सेवन, योग एवं व्यायाम को दिनचर्या में शामिल कर आठ घंटे की गहरी नींद अवश्य लें। इस जीवन शैली से मस्तिष्क में हैप्पी हार्मोन सेरोटोनिन का संचार होगा, जिससे दिल और दिमाग दोनों युवा बने रहेंगे। मनोउपचार की काग्निटिव-बिहैवियर थिरेपी तनाव प्रबंधन में काफी लाभदायक है।
विज्ञापन
..........................
298 की काउंसलिंग, 37 को बांटीं दवाएं
तारुन(अयोध्या)। सीएचसी सहित ब्लॉक की समस्त स्वास्थ्य इकाइयों पर बुधवार को विश्व हाइपरटेंशन दिवस का आयोजन किया गया। समस्त स्वास्थ्य इकाइयों में 298 लोगों की काउंसलिंग व स्क्रीनिंग के साथ जन जागरूकता का आयोजन हुआ। बीपी व शुगर के 37 मरीज मिले, उन्हें निशुल्क दवा वितरण किया गया। ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक रमेश यादव ने बताया कि ब्लॉक की दो सीएचसी, चार पीएचसी एवं 24 हेल्थ वेलनेस सेन्टर पर विश्व हाइपरटेंशन का आयोजन हुआ। अधीक्षक डॉ. रोहित चौरसिया ने बताया कि इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों को हाइपरटेंशन के प्रति जागरूक करना है। हाइपरटेंशन किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है। इसका खतरा महिलाओं से ज्यादा पुरुषों में होता है। 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को नियमित बीपी व शुगर की जांच कराते रहना चाहिए। इस अवसर पर डॉ. नन्हकू राम, डॉ. सबीना खान, एनसीडी काउन्सलर संतोष मौर्या, एलटी नीरज चतुर्वेदी, छाया शुक्ला, फार्मासिस्ट राजेन्द्र वर्मा आदि मौजूद रहे।