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मेधावियों को मिला सम्मान
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मेधावी छात्र सम्मान समारोह मंडलायुक्त, डीएम, संयुक्त निदेशक व डीआईओएस के साथ मौजूद मेधावी।
- फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के हाईस्कूल व इंटर में जिले में अपनी मेधा का परचम लहराने वाले छह विद्यार्थियों को अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान के तहत अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस से नवाजा गया। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल, जिलाधिकारी अनुज कुमार झा, संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक मनोज कुमार द्विवेदी व जिला विद्यालय निरीक्षक आरबी सिंह चौहान ने जिले की मेरिट में टॉप-3 स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को मेडल व प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।
इस दौरान मेधावियों ने लक्ष्य के प्रति एकाग्रता निरंतर बनाए रखने का संकल्प लिया तो अधिकारियों ने सफलता का मंत्र साझा करके मेधावियों का उत्साहवर्धन किया।
मुख्य अतिथि मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल ने कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने का कोई शॉर्टकट नहीं है। इसके लिए अभी से कड़ी मेहनत करना पड़ेगा। यही दो-चार साल की कड़ी मेहनत पूरे जीवन की दिशा तय करती है।
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यदि आपने इन दो-चार वर्षों में कड़ी मेहनत कर ली तो, आगे के 30-35 वर्ष का पूरा जीवन अच्छी तरह गुजरता है। अभी की मेहनत जीवन भर आराम देती है। इसलिए लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कठिन परिश्रम करने की जरूरत है।
जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने मेधावियों से संवाद करते हुए उनके शिक्षण व लक्ष्य की जानकारी भी ली। कहा कि अभी यह सफलता की प्रथम सीढ़ी है, इसलिए इस पर अहंकार न करें और आगे की राह के लिए जी तोड़ मेहनत शुरू कर दें। कहा कि सफलता के लिए अभी से अपना लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। लक्ष्य के प्रति लिया गया दृढ़ संकल्प व कठिन परिश्रम करते रहने पर सफलता सुनिश्चित है।
संयुक्त शिक्षा निदेशक मनोज कुमार द्विवेदी ने कहा कि मेधावियों के अंदर आत्मविश्वास प्रबल होना चाहिए। यह सफलता का पहला चरण है, यह शृंखला बरकरार रहे, इसके लिए दृढ़ निश्चयी होना आवश्यक है। जिला विद्यालय निरीक्षक आरबी सिंह चौहान ने कहा कि यदि स्वयं की मेहनत पर विश्वास हो और जीवन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो सफलता निश्चित तौर पर कदम चूमेगी। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को भी इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि बच्चे की रुचि किस क्षेत्र में है, उस पर जबरदस्ती क्षेत्र चयन का भार नहीं डालना चाहिए। बच्चे की इच्छा अनुरूप उसे अध्ययन में सहभागी बनें और हर संभव मदद करें।
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इस दौरान मेधावियों ने लक्ष्य के प्रति एकाग्रता निरंतर बनाए रखने का संकल्प लिया तो अधिकारियों ने सफलता का मंत्र साझा करके मेधावियों का उत्साहवर्धन किया।
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मुख्य अतिथि मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल ने कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने का कोई शॉर्टकट नहीं है। इसके लिए अभी से कड़ी मेहनत करना पड़ेगा। यही दो-चार साल की कड़ी मेहनत पूरे जीवन की दिशा तय करती है।
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यदि आपने इन दो-चार वर्षों में कड़ी मेहनत कर ली तो, आगे के 30-35 वर्ष का पूरा जीवन अच्छी तरह गुजरता है। अभी की मेहनत जीवन भर आराम देती है। इसलिए लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कठिन परिश्रम करने की जरूरत है।
जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने मेधावियों से संवाद करते हुए उनके शिक्षण व लक्ष्य की जानकारी भी ली। कहा कि अभी यह सफलता की प्रथम सीढ़ी है, इसलिए इस पर अहंकार न करें और आगे की राह के लिए जी तोड़ मेहनत शुरू कर दें। कहा कि सफलता के लिए अभी से अपना लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। लक्ष्य के प्रति लिया गया दृढ़ संकल्प व कठिन परिश्रम करते रहने पर सफलता सुनिश्चित है।
संयुक्त शिक्षा निदेशक मनोज कुमार द्विवेदी ने कहा कि मेधावियों के अंदर आत्मविश्वास प्रबल होना चाहिए। यह सफलता का पहला चरण है, यह शृंखला बरकरार रहे, इसके लिए दृढ़ निश्चयी होना आवश्यक है। जिला विद्यालय निरीक्षक आरबी सिंह चौहान ने कहा कि यदि स्वयं की मेहनत पर विश्वास हो और जीवन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो सफलता निश्चित तौर पर कदम चूमेगी। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को भी इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि बच्चे की रुचि किस क्षेत्र में है, उस पर जबरदस्ती क्षेत्र चयन का भार नहीं डालना चाहिए। बच्चे की इच्छा अनुरूप उसे अध्ययन में सहभागी बनें और हर संभव मदद करें।