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होम क्वारंटीन किए गए श्रमिकों पर प्रशासन की विशेष नजर
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अयोध्या। कोरोना संक्रमण रोकने को लेकर स्पेशल ट्रेनों से घर पहुंच रहे प्रवासी मजदूरों पर प्रशासन की विशेष नजर है। होम क्वारंटीन व्यवस्था के उल्लंघन की स्थिति में उन्हें घर से दूर बनाए गए आश्रय केंद्र में भेजा जा सकता है ताकि वह फिर लोगों के बीच न जा सकें।
गैर प्रांतों से प्रवासी मजदूरों को यहां लाया जा रहा है। अब तक अयोध्या में तीन ट्रेन पहुंच चुकी हैं। इनसे गुजरात, पंजाब प्रांत से लगभग साढ़े तीन हजार से ज्यादा श्रमिक यहां पहुंच चुके हैं। इनमें अयोध्या के साथ डेढ़ दर्जन से ज्यादा जिलों के श्रमिक शामिल हैं। इनको प्राथमिक हेल्थ स्क्रीनिंग के बाद उनके घरों में होम क्वारंटीन किया जा चुका है। अब प्रशासन की नजर होम क्वारंटीन किए गए श्रमिकों पर है।
होमे क्वारंटीन का मतलब अपने घरों में कम से कम दिनों तक अकेले रहना है। इस दौरान बाहर के लोगों के साथ ही घर के लोगों से दूरी बनाए रखना है। बाहर से आने वाले श्रमिकों से संक्रमण का खतरा हो सकता है। ऐसे में इन पर निगरानी करने के लिए सख्त व्यवस्था की गई है। घर में क्वारंटीन किए जाने के पहले ट्रेन से उतरने और फिर तहसीलों में दो बार इनकी स्क्रीनिंग करने के पीछे यही कारण है।
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होम क्वारंटीन की अवधि में इन पर नजर रखने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग के कोरोना योद्धा को सौंपी गई है। होम क्वारंटीन की अवहेलना का पता लगने के लिए टेली का लिंग के ज रिए होम क्वारंटीन किए गए श्रमिकों की स्थिति का पता चलाया जाएगा। उस दौरान वह अपने घर पर ही हैं या फिर घर छोड़कर कहीं घूमने तो नहीं गए हैं। यदि ऐसी स्थिति दिखाई पड़ी तो इसका साफ मतलब होगा कि होम क्वारंटीन का पालन संबंधित श्रमिक से नहीं किया जा रहा है।
उसे होम भेजे जाने की सिफारिश हो सकती है और वह अपने घर से कई किमी दूर शेलटर होम पहुंच जाएगा। जहां क्वारंटीन उसकी मजबूरी होगी। इसके साथ ही दोहरी व्यवस्था के तहत ग्राम समितियों को भी इस बात की निगरानी के लिए कहा गया है कि होम क्वारंटीन व्यक्ति घर से इधर-उधर तो नहीं जा रहा है। उसको कोई हेल्थ की समस्या तो नही आई। यदि वह घूमता फिरता पाया गया तो इसकी जानकारी कंट्रोल रूम को दी जाएगी। तबियत खराब होने पर भी जानकारी दी जाएगी। और श्रमिक को कोविड अस्पताल भेजा जा सकता है। अफसरों का कहना है कि इस बाबत जिलाधिकारी की ओर से निर्देश जारी कर दिया गया है।
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गैर प्रांतों से प्रवासी मजदूरों को यहां लाया जा रहा है। अब तक अयोध्या में तीन ट्रेन पहुंच चुकी हैं। इनसे गुजरात, पंजाब प्रांत से लगभग साढ़े तीन हजार से ज्यादा श्रमिक यहां पहुंच चुके हैं। इनमें अयोध्या के साथ डेढ़ दर्जन से ज्यादा जिलों के श्रमिक शामिल हैं। इनको प्राथमिक हेल्थ स्क्रीनिंग के बाद उनके घरों में होम क्वारंटीन किया जा चुका है। अब प्रशासन की नजर होम क्वारंटीन किए गए श्रमिकों पर है।
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होमे क्वारंटीन का मतलब अपने घरों में कम से कम दिनों तक अकेले रहना है। इस दौरान बाहर के लोगों के साथ ही घर के लोगों से दूरी बनाए रखना है। बाहर से आने वाले श्रमिकों से संक्रमण का खतरा हो सकता है। ऐसे में इन पर निगरानी करने के लिए सख्त व्यवस्था की गई है। घर में क्वारंटीन किए जाने के पहले ट्रेन से उतरने और फिर तहसीलों में दो बार इनकी स्क्रीनिंग करने के पीछे यही कारण है।
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होम क्वारंटीन की अवधि में इन पर नजर रखने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग के कोरोना योद्धा को सौंपी गई है। होम क्वारंटीन की अवहेलना का पता लगने के लिए टेली का लिंग के ज रिए होम क्वारंटीन किए गए श्रमिकों की स्थिति का पता चलाया जाएगा। उस दौरान वह अपने घर पर ही हैं या फिर घर छोड़कर कहीं घूमने तो नहीं गए हैं। यदि ऐसी स्थिति दिखाई पड़ी तो इसका साफ मतलब होगा कि होम क्वारंटीन का पालन संबंधित श्रमिक से नहीं किया जा रहा है।
उसे होम भेजे जाने की सिफारिश हो सकती है और वह अपने घर से कई किमी दूर शेलटर होम पहुंच जाएगा। जहां क्वारंटीन उसकी मजबूरी होगी। इसके साथ ही दोहरी व्यवस्था के तहत ग्राम समितियों को भी इस बात की निगरानी के लिए कहा गया है कि होम क्वारंटीन व्यक्ति घर से इधर-उधर तो नहीं जा रहा है। उसको कोई हेल्थ की समस्या तो नही आई। यदि वह घूमता फिरता पाया गया तो इसकी जानकारी कंट्रोल रूम को दी जाएगी। तबियत खराब होने पर भी जानकारी दी जाएगी। और श्रमिक को कोविड अस्पताल भेजा जा सकता है। अफसरों का कहना है कि इस बाबत जिलाधिकारी की ओर से निर्देश जारी कर दिया गया है।