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हाईवे जाम की धमकी पर पहुंचे एसडीएम
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2015 11:26 PM IST
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भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के प्रदेश महासचिव घनश्याम वर्मा के नेतृत्व में शुक्रवार को सैकड़ों किसानों ने गेहूं क्षति का चेक देने की मांग को लेकर तहसील में पंचायत की। काफी देर तक जब अधिकारी पंचायत स्थल पर नहीं पहुंचे तो, हाईवे जाम की धमकी दे दी।
इसके बाद एसडीएम धर्मपाल सिंह, तहसीलदार अरुण कुमार मिश्रा, बीडीओ शंभूलाल, कोतवाल जितेंद्र सिंह आदि दल-बल सहित मौके पर पहुंचे। भाकियू कार्यकर्ताओं से वार्ता के बाद उनसे ज्ञापन लेकर मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) की शुक्रवार तहसील परिसर में पंचायत थी। इस दौरान मौसम की मार से तबाह किसानों का मुद्दा गरमाया। किसानों ने आरोप लगाया कि गेहूं की बर्बादी में मुआवजा देने के नाम पर प्रशासन ठगी और पक्षपात कर रहा है।
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सैकड़ों बर्बाद किसानों को फूटी कौड़ी नहीं मिली है। प्रदेश महासचिव घनश्याम वर्मा के नेतृत्व में किसानों ने गेहूं क्षति का चेक जल्द न मिलने पर संघर्ष का ऐलान किया। मौके पर एसडीएम के आने की मांग रखी। लेकिन काफी देर तक तहसील में पंचायत स्थल पर जब अधिकारी नहीं पहुंचे तो, हाईवे जाम करने की धमकी दे दी।
इस पर एसडीएम धर्मपाल सिंह, तहसीलदार अरुण कुमार मिश्रा, बीडीओ शंभूलाल, कोतवाल जितेंद्र सिंह आदि दल-बल संग मौके पर पहुंचे। भाकियू कार्यकर्ताओं से वार्ता के बाद उनसे ज्ञापन लेकर मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
भाकियू नेता केसी वर्मा, डॉ. मंगली राम धीरज, चंदू भाई पटेल, शोभाराम, राम गोपाल, घनश्याम, विधा यादव, बैजनाथ, बाबूराम सहित तमाम लोगों ने लेखपालों पर जातिगत आधार पर चेक बनाने का आरोप लगाया, जिस पर तहसीलदार एके मिश्र ने कहा कि यह आरोप गलत है, जिन्हें चेक दिया है वह किसान ही हैं।
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इसके बाद एसडीएम धर्मपाल सिंह, तहसीलदार अरुण कुमार मिश्रा, बीडीओ शंभूलाल, कोतवाल जितेंद्र सिंह आदि दल-बल सहित मौके पर पहुंचे। भाकियू कार्यकर्ताओं से वार्ता के बाद उनसे ज्ञापन लेकर मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) की शुक्रवार तहसील परिसर में पंचायत थी। इस दौरान मौसम की मार से तबाह किसानों का मुद्दा गरमाया। किसानों ने आरोप लगाया कि गेहूं की बर्बादी में मुआवजा देने के नाम पर प्रशासन ठगी और पक्षपात कर रहा है।
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सैकड़ों बर्बाद किसानों को फूटी कौड़ी नहीं मिली है। प्रदेश महासचिव घनश्याम वर्मा के नेतृत्व में किसानों ने गेहूं क्षति का चेक जल्द न मिलने पर संघर्ष का ऐलान किया। मौके पर एसडीएम के आने की मांग रखी। लेकिन काफी देर तक तहसील में पंचायत स्थल पर जब अधिकारी नहीं पहुंचे तो, हाईवे जाम करने की धमकी दे दी।
इस पर एसडीएम धर्मपाल सिंह, तहसीलदार अरुण कुमार मिश्रा, बीडीओ शंभूलाल, कोतवाल जितेंद्र सिंह आदि दल-बल संग मौके पर पहुंचे। भाकियू कार्यकर्ताओं से वार्ता के बाद उनसे ज्ञापन लेकर मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
भाकियू नेता केसी वर्मा, डॉ. मंगली राम धीरज, चंदू भाई पटेल, शोभाराम, राम गोपाल, घनश्याम, विधा यादव, बैजनाथ, बाबूराम सहित तमाम लोगों ने लेखपालों पर जातिगत आधार पर चेक बनाने का आरोप लगाया, जिस पर तहसीलदार एके मिश्र ने कहा कि यह आरोप गलत है, जिन्हें चेक दिया है वह किसान ही हैं।