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हाई अलर्ट ः बैरियर-मोर्चा से पटा शहर, फोर्स की बढ़ी हलचल

Wed, 30 Oct 2019 10:54 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 30 Oct 2019 10:54 PM IST
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High alert: city flooded by barrier-front, force increases
अयोध्या। आगामी नवंबर माह में अयोध्या विवाद पर आने वाले संभावित फैसले से पूर्व अयोध्या में भारी संख्या में अर्धसैनिक व पुलिस बल की तैनाती से लोगों में बेचैनी बढ़ रही है। वहीं, जगह-जगह बनाए जा रहे सैंड बैग्स (बालू की बोरियां) के बंकर, हाई सिक्योरिटी आयरन बैरियर व पुलिस के बूटों की गमक स्थानीय व बाहर से आ रहे लोगों की धुकधुकी बढ़ा रही है। हालांकि लोग किसी अनहोनी की आशंका से इनकार करते हैं लेकिन, उनका मानना है कि एक बार फिर अयोध्या प्रतिबंधों के साए में रह सकती है, जिससे उनकी दिनचर्या प्रभावित भी होगी।
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करीब 40 दिन तक सुप्रीम कोर्ट में चली मैराथन सुनवाई बीते 16 अक्टूबर को खत्म होने के बाद कोर्ट ने 23 दिन के भीतर भारत के सबसे बड़े मुकदमे पर फैसला सुनाने का निर्णय किया था। इसके बाद से ही अयोध्या में प्रशासनिक हलचल बढ़ गई थी। वर्तमान में अयोध्या में भारी संख्या में फोर्स की ही तैनाती नहीं की गई वरन जगह-जगह सैंड बैग्स के माध्यम से बालू की बोरियों लगाकर बंकर बनाए गए, साथ ही जगह-जगह कटीले तार से युक्त हाई सिक्योरिटी आयरन बैरियर व ट्रैफिक ड्रम लगाए गए हैं।
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इसके अलावा शहर में लगे सभी बैरियरों पर पुलिस बल की संख्या में भी इजाफा कर दिया। खुफिया एजेंसियां संदिग्धों के साथ-साथ हिंदू-मुस्लिम दोनों पक्ष के प्रमुख धर्माचार्य, संत महंत व पक्षकारों के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों की हर गतिविधियों पर नजर रख रही है। सूत्रों के अनुसार आईबी की भी एक टीम ने अयोध्या में डेरा जमा लिया है।
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वहीं, अयोध्या के सभी होटल, धर्मशाला, मठ मंदिरों के गेस्ट हाउस में ठहरे लोगों का डिटेल हासिल कर उनकी भी निगहबानी की जा रही है। एसपी सिटी विजयपाल सिंह बताते हैं कि ऐहितयातन सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं, दो चरण में पुलिस फोर्स यहां आ चुकी है।
दीपोत्सव समारोह में आई फोर्स को रोका गया है। बताया कि 69 स्थानों पर बैरियर, 55 स्थानों पर सैंड बैग्स व 15 स्थानों पर ट्रैफिक ड्रम लगाए गए हैं। कहा कि जगह-जगह बैठक कर, चौपाल लगाकर लोगों से शांति व सांप्रदायिक सौहार्द बनाने की अपील की जा रही है।
भारी पुलिस बल के चलते मेले में आने वाले श्रद्धालुओं व स्थानीय लोगों को कोई परेशानी न हो इसका ख्याल रखा जा रहा है। उन्होंने लोगों से चौकस रहने की अपील करते हुए कहा कि आप अपने आसपास हर संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति पर निगाह रखे और इसकी सूचना पुलिस को दें।
नब्बे के दशक में श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन के बाद से अयोध्या प्रतिबंधों के साए में जी रही है। अयोध्यावासी अब इसके आदी हो चुके हैं। इसको लेकर कुछ का कहना है कि अब इस मामले का पटाखेप होना चाहिए और अब हमेशा के लिए इस विवाद का अंत होना चाहिए। इसके लिए वो कुछ दिन और प्रतिबंध सहने को तैयार हैं। वहीं, लोगों का ये भी कहना है कि अब अयोध्या के दिन बहुरने वाले हैं।
हनुमानगढ़ी पर प्रसाद की दुकान करने वाले दीपू गुप्ता कहते हैं कि ये फोर्स, प्रतिबंध के हम आदी हो चुके हैं। वो किसी भी प्रकार की अनहोनी की आशंका से इनकार करते हुए कहते हैं कि अब बहुत हो गया, अब इस मामले का अंत होना चाहिए। बीते कुछ वर्षों से अयोध्या का व्यापार फल फूल रहा है, इस पर किसी की नजर नहीं लगने देंगे।
अयोध्या के व्यापारी विकास गुप्ता कहते हैं कि भारी पुलिस बल, बंकर, बैरियर ये जता रहे हैं कि अयोध्या कुछ दिनों तक संकट में रहेगी। फिर भी अयोध्या विवाद पर होने वाले ऐतिहासिक फैसले को लेकर हम इस प्रतिबंध को झेलने के लिए तैयार है। उनका कहना है कि भारी संख्या में फोर्स आने से यहां सब्जियों व अन्य आवश्यक सामानों के दामों में वृद्धि हो जाती है, इस पर प्रशासन को अंकुश लगाना चाहिए।
अयोध्या निवासी मनोज श्रीवास्तव कहते हैं कि अब अयोध्या के दिन बहुरने वाले हैं, फैसले के बाद अयोध्या में देश के साथ विदेशों के पर्यटकों का आवागमन बढ़ेगा। इससे लोगों को रोजगार तो मिलेगा ही साथ ही यहां के व्यापार में भी दिन दूनी रात चौगुनी वृद्धि होगी। वो कहते हैं कि दीपोत्सव जैसे कार्यक्रम ने अयोध्या को नई पहचान दी है, जिस पर अब चार चांद लगने वाला है।

फैजाबाद निवासी नफीस मिर्जा कहते हैं कि लगभग 29 साल से हम इस विवाद को दंश झेल रहे हैं लेकिन अब लगता है इसका अंत होने वाला है। कोर्ट के फैसले का हमें सम्मान करते हुए उसे स्वीकार करना होगा। अयोध्या ने मुश्किल समय में भी सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल पेश की है, उसे बरकरार रखना होगा। सुरक्षा इंतजामों के चलते लोगों को तकलीफ न हो, इसका प्रशासन को ध्यान रखना ही होगा।
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