फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   health

रामकोट की परिक्रमा पर भी कोरोना का असर, नहीं होगी सभा

Thu, 19 Mar 2020 11:48 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 19 Mar 2020 11:48 PM IST
विज्ञापन
health
रामकोट परिक्रमा की तैयारी बैठक में मौजूद संत-धर्माचार्य। - फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। नव संवत्सर महोत्सव की पूर्व संध्या पर 24 मार्च को श्री विक्रमादित्य महोत्सव न्यास के संयोजन में होने वाली रामकोट परिक्रमा की तैयारियां तेज हो गई हैं। कोरोना का असर रामकोट की परिक्रमा पर भी पड़ा है। इस बार परिक्रमा से पूर्व होने वाली सभा को स्थगित कर दिया गया है। इस वर्ष मतगजेंद्र भगवान का पूजन-अर्चन के तुरंत बाद परिक्रमा शुरू कर दी जाएगी जिसमें बड़ी संख्या में साधु-संत एवं भक्त शामिल होंगे।
विज्ञापन

परिक्रमा की तैयारी को लेकर श्रीरामबल्लभाकुंज में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे पूर्व राज्यसभा सांसद विनय कटियार ने कहा की इस वर्ष के पहले जब हम रामकोट की परिक्रमा करते थे तो संकल्प मंदिर निर्माण होता था, लेकिन अब फैसला आ गया है रामलला का भव्य मंदिर श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में बनने जा रहा है।
विज्ञापन

इसलिए इस वर्ष से हम भव्य मंदिर निर्माण के लिए परिक्रमा करेंगे। फैसले के बाद अयोध्या वासियों और पूरे देश में अपार खुशी का माहौल है। परिक्रमा भव्य और दिव्य होती लेकिन पूरे देश में कोरोना वायरस के कारण इस बार सभा नहीं होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

पूजन के बाद परिक्रमा प्रारंभ हो जाएगी मैं सभी संतों से अपील करता हूं कि 3 बजे समय से पहुंचे। जिससे कि आधे घंटे पूजन में लगता है। उसके तुरंत बाद परिक्रमा प्रारंभ हो सके। रामकोट की परिक्रमा स्थगित नहीं होगी परिक्रमा होगी लेकिन सुरक्षा के साथ।
जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी महाराज ने कहा भारतीय संस्कृति में परिक्रमा का बहुत महत्व है। अपने आराध्य जिनकी हम पूजा करते है। उनके क्षेत्र की परिक्रमा करके हम उनको श्रद्धा निवेदित करते है।
परिक्रमा का फल प्राप्त होता है। जिसका फलीभूत उदाहरण है कि हमारे रामलला के पक्ष में फैसला हुआ। भव्य मंदिर निर्माण की बेला है। इसके खुशी में रामकोट की परिक्रमा और भव्य और दिव्य होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरा विश्व कोरोना जैसे वायरस की चपेट में है लेकिन हमारी संस्कृति याज्ञिक है और यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है।

महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा, रामायणी सत्येंद्र दास, महंत संत गोपाल दास, महंत रामायणी कमला दास सहित अन्य संतों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। पत्थर मंदिर के महंत मनीष दास ने संतों के प्रति आभार ज्ञापित किया। संचालन रामायणी रामशरण दास जी महाराज ने किया। इस अवसर पर महंत मनमोहन दास, महामंडलेश्वर महंत गिरीश दास,महंत राम केवल दास, महंत उत्तम दास, श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्र, महंत शशिकांत दास, महंत संत गोपाल दास, महंत राघव दास, संत एमबी दास, महंत जयराम दास सहित अन्य उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed