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रामलीला के कलाकारों को रोजगार देगी सरकार

Wed, 22 Jun 2022 11:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jun 2022 11:51 PM IST
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Government will give employment to the artists of Ramlila
अयोध्या। भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही रामायण कल्चरल मैपिंग योजना के तहत संस्कृति विभाग की इकाई अयोध्या शोध संस्थान प्रदेश के रामलीला कलाकारों की सूची तैयार कर रहा है।
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प्रदेश के सभी 75 जिलों में संस्थान ने टीम लगाकर रामलीला के कलाकारों की खोज शुरू कर दी है। कलाकारों को सूचीबद्ध करने के बाद उनकी प्रतिभा व कला के अनुसार उन्हें रोजगार देने की भी सरकार की तैयारी है।
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इस अभियान की शुरूआत लखनऊ, गोंडा, सोनभद्र सहित अयोध्या में हो चुकी है। भारत सरकार की एक योजना रामायण कल्चरल मैपिंग नाम से संचालित है। इस योजना के तहत देश की सांस्कृतिक विविधता पर अध्ययन किया जा रहा है।
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अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग संस्कृति का प्रचलन है। इन सांस्कृतिक परंपराओं के कलाकारों की सूची भी तैयार की जा रही है। कौन किस विधा में महारत हासिल रखता है, ऐसे कलाकारों को सूचीबद्ध किया जा रहा है, यह अभियान पूरे देश में चल रहा है।
भारत सरकार की इस योजना के क्रम में अब संस्कृति विभाग ने उत्तरप्रदेश में काम शुरू कर दिया है। रामलीला का मंचन होने के बाद इससे जुड़े कलाकार अपने कार्य में व्यस्त हो जाते हैं, इनके पास रोजगार का अभाव रहता है।
संस्कृति विभाग की इकाई अयोध्या शोध संस्थान पूरे प्रदेश में इसी अभियान के क्रम में रामलीला के कलाकारों की खोज करा रहा है। इसमें रामलीला से जुड़े कलाकार क्या कर रहे हैं, किस स्थिति में है, कौन सा दायित्व उन्होंने निभाया, इन तमाम बिंदुओं पर सर्वे हो रहा है।
सभी 75 जिलों में सर्वे के लिए अलग-अलग टीम लगाई गई है। जब जिलेवार कलाकारों की सूची तैयार हो जाएगी तो इन कलाकारों को प्रस्तुति का अवसर दिया जाएगा।
प्रस्तुति के जरिए इनकी प्रतिभा देखी जाएगी, कौन कलाकार किस विधा में निपुण है, इसके हिसाब से उन्हें आगे कार्यक्रमों आदि में मौका प्रदान कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
देश-विदेश में रामलीला का मंचन कर चुके महंत मनीष दास ने सरकार की इस योजना का स्वागत किया है। कहा कि यह एक बेहतर पहल है। कई ऐसे कलाकार है, जिनके बारे में लोगों को पता ही नहीं है।
इसके माध्यम से हर किसी को कलाकारों के बारे में भी जानकारी मिलेगी। साथ ही प्रतिभावान कलाकारों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
रामायण कल्चरल मैपिंग का मकसद है कि रामलीला में राम से लेकर एक वानर तक की भूमिका निभाने वाले सभी कलाकारों को सूचीबद्ध किया जाएगा।
इनका नाम, विधा, पात्र व पता सहित अन्य जानकारी एकत्र करके उसकी सूची तैयार की जाएगी। बाद में इसे लखनऊ भेजा जाएगा। जहां से इनकी एक बुकलेट प्रकाशित होगी। इस बुकलेट में कलाकारों के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध होगी। इससे बड़े-बड़े कार्यक्रमों में कलाकारों के चयन में आसानी होगी।

अयोध्या शोध संस्थान प्रदेश के 75 जिलों में रामायण कल्चरल मैपिंग योजना के तहत रामलीला के कलाकारों की खोज करा रहा है। इन कलाकारों की एक बुकलेट तैयार की जाएगी। कलाकारों की योग्यता के अनुसार इन्हें देेश-विदेश में होने वाले कार्यक्रमों में अपनी कला दिखाने का मौका दिया जाएगा। इससे इन्हें रोजगार भी मिलेगा। यह अभियान कई जिलों में शुरू कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश के बाद पूरे देश में रामलीला के शकलाकारों की खोज कराने की सरकार की योजना है।- डॉ.लवकुश द्विवेदी, निदेशक, अयोध्या शोध संस्थान
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