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रामकथा संग्रहालय पहुंचा गुमनामी बाबा का सामान
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Sat, 09 Apr 2016 12:16 AM IST
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संग्रहालय ले जाते गुमनामी बाबा का सामान।
- फोटो : अमर उजाला
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अयोध्या और फैजाबाद में कई वर्षों तक जीवन बिताने वाले गुमनामी बाबा/भगवनजी के सामान सरयू तट स्थित अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय में पहुंच गए हैं। अब इनके जल्दी ही संग्रहालय में संरक्षित करने के साथ प्रदर्शित किए जाने की उम्मीद है। बाबा के सामानों के चयन और संग्रहालय तक पहुंचने के बाद आम लोगों में इन सामानों को देखने की उत्कं ठा बढ़ गई है।
लंबे इंतजार और हाईकोर्ट के आदेश के बाद के बाबा के सामानों को लेकर प्रदेश शासन की सक्रियता बढ़ी। उसके निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने इन सामानों की फेहरिश्त को राज्य सरकार की तकनीकी टीम को सौंपा। इसके बाद इन सामानों के संग्रहालय में रखे जाने की उम्मीद बढ़ गई थी।
तकनीकी समिति ने बाबा के 425 महत्वपूर्ण सामानों का चयन कर लिया। इनको गुरुवार शाम को अयोध्या के सरयू तट स्थित अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय पहुंचा दिया गया है। शुक्रवार को सभी सामान वहां कड़ी सुरक्षा में ताला में बंद कर दिए गए हैं।
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हालांकि कई लोग सामान देखने की लालसा से आए तो उन्हें यह कह वापस कर दिया गया कि अभी तकनीकी टीम सामानों पर रासायनिक लेप कर सुरक्षित करेगी, तब इसे आम जन के लिए खोला जाएगा। हालांकि मुख्यमंत्री ने अप्रैल में गुमनामी बाबा के सामानों के प्रदर्शन की बात कही थी।
माना जा रहा है कि इसीलिए शासन से लगातार इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है। सामानों को प्रदर्शित किए जाने के लिए गैलरी तैयार किए जाने के साथ अब इनकी रासायनिक उपचार शुरू होने की संभावना है। शहर और देहात क्षेत्र के रहने वाले राम गोपाल, अश्विनी, दिनेश कुमार कहते हैं कि कई वर्षों से सामानों को लेकर चर्चाएं सुनी थी।
संग्रहालय में पहुंचने के बाद देखने की प्रबल इच्छा है। संग्रहालय के प्रभारी उपनिदेशक योगेश कुमार का कहना है कि सामानों को संरक्षित और प्रदर्शित किए जाने की कार्रवाई जल्द ही पूरी होगी। अभी और सामान अयोध्या लाए जा सकते हैं।
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लंबे इंतजार और हाईकोर्ट के आदेश के बाद के बाबा के सामानों को लेकर प्रदेश शासन की सक्रियता बढ़ी। उसके निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने इन सामानों की फेहरिश्त को राज्य सरकार की तकनीकी टीम को सौंपा। इसके बाद इन सामानों के संग्रहालय में रखे जाने की उम्मीद बढ़ गई थी।
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तकनीकी समिति ने बाबा के 425 महत्वपूर्ण सामानों का चयन कर लिया। इनको गुरुवार शाम को अयोध्या के सरयू तट स्थित अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय पहुंचा दिया गया है। शुक्रवार को सभी सामान वहां कड़ी सुरक्षा में ताला में बंद कर दिए गए हैं।
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हालांकि कई लोग सामान देखने की लालसा से आए तो उन्हें यह कह वापस कर दिया गया कि अभी तकनीकी टीम सामानों पर रासायनिक लेप कर सुरक्षित करेगी, तब इसे आम जन के लिए खोला जाएगा। हालांकि मुख्यमंत्री ने अप्रैल में गुमनामी बाबा के सामानों के प्रदर्शन की बात कही थी।
माना जा रहा है कि इसीलिए शासन से लगातार इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है। सामानों को प्रदर्शित किए जाने के लिए गैलरी तैयार किए जाने के साथ अब इनकी रासायनिक उपचार शुरू होने की संभावना है। शहर और देहात क्षेत्र के रहने वाले राम गोपाल, अश्विनी, दिनेश कुमार कहते हैं कि कई वर्षों से सामानों को लेकर चर्चाएं सुनी थी।
संग्रहालय में पहुंचने के बाद देखने की प्रबल इच्छा है। संग्रहालय के प्रभारी उपनिदेशक योगेश कुमार का कहना है कि सामानों को संरक्षित और प्रदर्शित किए जाने की कार्रवाई जल्द ही पूरी होगी। अभी और सामान अयोध्या लाए जा सकते हैं।