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कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की हो रही तैयारी
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अयोध्या। कोरोना वायरस की संभावित तीसरी लहर से मुकाबला करने के लिए राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में तैयारियां जोरों पर हैं। बच्चों के लिए सौ बेड आरक्षित करने के बाद अब इसे तमाम हाइटेक सुविधाओं से लैस करने की कवायद शुरू हुई है। इसके लिए करीब पौने दो करोड़ की लागत से तमाम आवश्यक उपकरणों की खरीद की जा रही है। माना जा रहा है कि शीघ्र ही पचास बेड का आईसीयू-एचडीयू तैयार किया जाएगा।
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर में बच्चों पर सीधा आक्रमण होने की आशंका है। इसके लिए जिले के विभिन्न अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा मजबूत किया जा रहा है। कोविड एल-2 अस्पताल बने मेडिकल कॉलेज दर्शननगर को खासकर तमाम हाइटेक सुविधाओं से लैस करने की रणनीति बनाई गई है। यहां अब तक दो सौ बेड पर कोविड मरीजों का उपचार किया जा रहा था।
इसमें से अब बच्चों के लिए सौ बेड आरक्षित करके तमाम सुविधाओं से युक्त किया जाना है। वार्ड भी चिह्नित कर लिया गया है। इसमें पचास बेड को आईसीयू व एचडीयू रूप में विकसित किया जा रहा है जबकि पचास बेड को ऑक्सीजन युक्त आइसोलेशन वार्ड बनाया जा रहा है। पीआईसीयू बनाने का कार्य भी लगभग शुरू हो गया है।
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अस्पताल में मौजूद सात मॉनीटर व अन्य संसाधनों से पीआईसीयू के लिए जगह चिह्नित करके निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। शेष संसाधनों के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार तीसरी लहर के लिए 45 मॉनीटर, बच्चों के लिए चार वेंटिलेटर व अन्य उपकरणों की और आवश्यकता है जिसके लिए करीब पौने दो करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है, शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ करने का दावा किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विजय कुमार ने बताया कि करीब पौने दो करोड़ की लागत से 45 मॉनीटर, चार वेंटिलेटर व अन्य उपकरणों का क्रयादेश जारी किया जा रहा है। आपूर्ति होते ही पीआईसीयू व एचडीयू पूर्ण रूप से विकसित कर दिया जाएगा।
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कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर में बच्चों पर सीधा आक्रमण होने की आशंका है। इसके लिए जिले के विभिन्न अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा मजबूत किया जा रहा है। कोविड एल-2 अस्पताल बने मेडिकल कॉलेज दर्शननगर को खासकर तमाम हाइटेक सुविधाओं से लैस करने की रणनीति बनाई गई है। यहां अब तक दो सौ बेड पर कोविड मरीजों का उपचार किया जा रहा था।
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इसमें से अब बच्चों के लिए सौ बेड आरक्षित करके तमाम सुविधाओं से युक्त किया जाना है। वार्ड भी चिह्नित कर लिया गया है। इसमें पचास बेड को आईसीयू व एचडीयू रूप में विकसित किया जा रहा है जबकि पचास बेड को ऑक्सीजन युक्त आइसोलेशन वार्ड बनाया जा रहा है। पीआईसीयू बनाने का कार्य भी लगभग शुरू हो गया है।
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अस्पताल में मौजूद सात मॉनीटर व अन्य संसाधनों से पीआईसीयू के लिए जगह चिह्नित करके निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। शेष संसाधनों के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार तीसरी लहर के लिए 45 मॉनीटर, बच्चों के लिए चार वेंटिलेटर व अन्य उपकरणों की और आवश्यकता है जिसके लिए करीब पौने दो करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है, शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ करने का दावा किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विजय कुमार ने बताया कि करीब पौने दो करोड़ की लागत से 45 मॉनीटर, चार वेंटिलेटर व अन्य उपकरणों का क्रयादेश जारी किया जा रहा है। आपूर्ति होते ही पीआईसीयू व एचडीयू पूर्ण रूप से विकसित कर दिया जाएगा।