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बीज विधायन केंद्रों से प्रति बोरा चार किलो बीज गायब
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jul 2015 11:15 PM IST
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इसे कम दिखा गोलमाल करने वाले कौन-कौन अधिकारी-कर्मचारी है। इनकी जांच शुरू कर दी गई है। कुलपति प्रो.अख्तर हसीब ने मामले को गंभीरता से लिया है।
इसमें शामिल लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। बीज अनुभाग द्वारा बीज विधायन संयंत्रों से सूबे के 17 कृषि विभान केंद्र और पांच कृषि विवि को प्रोसेसिंग के बाद बीज भेजा जाता है।
यहां से किसान और संस्थाएं भी सीधे बीज प्राप्त करती है। बताते हैं कि रबी फसलों के अवशेष बीज का एनडी विवि से गठित टीम ने सत्यापन किया तो चौंकाने वाली अनियमितता उजागर हुई है।
40 किलों के गेहूं बीज पैकेट से चार किलो बीज कम मिला है। यह बीज प्रति किलों 22 रुपये की दर पर बिका था। मामले को लेकर विवि से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि भंडारित गेहूं बीज के बोरों में औसतन चार किलोग्राम से ज्यादा बीज कम पाया गया है।
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यही नहीं जौ व अन्य फसलों के बीज एवं अनुपयोगी अनाज अभिलेखीय मात्रा से कम पाये गए हैं। बीज विधायन संयंत्रों मसौधा व फैजाबाद समेत बीज उत्पादन प्रक्षेत्रों पर अवशेष बीज एवं अनाजों के सत्यापन के लिए गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी सीधे विवि के कुलपति को दी है।
अवगत कराया है कि बीज विधायन केंद्र पर मौजूद अवशेष गेहूं बीज के बोरों में गेहूं की मात्रा निर्धारित मात्रा से कम पाई गई है। यही नहीं जौ व अन्य फसलों के बीज एवं अनुपयोगी अनाज अभिलेखीय मात्रा से कम पाये गए हैं।
समिति द्वारा विभिन्न बीज उत्पादन प्रक्षेत्रों के भंडारित अनाजों के सत्यापन करने पर ज्ञात हुआ कि एनएसपी यूनिट-1, 3 व 4 पर धान की मात्रा कम पायी गयी।
जबकि फसल अनुसंधान केन्द्र मसौधा यूनिट-1 व 2 पर अभिलेखों में दर्ज मात्रा से ज्यादा मात्रा में अरहर, मिक्चर गेहूं व धान पाये गये है। बीज के बोरों में गेहूं की मात्रा कम पाये जाने को को कुलपति ने गंभीरता से लिया है।
कुलपति प्रो. अख्तर हसीब ने इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही किये जाने के संकेत दिये है।
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इसमें शामिल लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। बीज अनुभाग द्वारा बीज विधायन संयंत्रों से सूबे के 17 कृषि विभान केंद्र और पांच कृषि विवि को प्रोसेसिंग के बाद बीज भेजा जाता है।
यहां से किसान और संस्थाएं भी सीधे बीज प्राप्त करती है। बताते हैं कि रबी फसलों के अवशेष बीज का एनडी विवि से गठित टीम ने सत्यापन किया तो चौंकाने वाली अनियमितता उजागर हुई है।
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40 किलों के गेहूं बीज पैकेट से चार किलो बीज कम मिला है। यह बीज प्रति किलों 22 रुपये की दर पर बिका था। मामले को लेकर विवि से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि भंडारित गेहूं बीज के बोरों में औसतन चार किलोग्राम से ज्यादा बीज कम पाया गया है।
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यही नहीं जौ व अन्य फसलों के बीज एवं अनुपयोगी अनाज अभिलेखीय मात्रा से कम पाये गए हैं। बीज विधायन संयंत्रों मसौधा व फैजाबाद समेत बीज उत्पादन प्रक्षेत्रों पर अवशेष बीज एवं अनाजों के सत्यापन के लिए गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी सीधे विवि के कुलपति को दी है।
अवगत कराया है कि बीज विधायन केंद्र पर मौजूद अवशेष गेहूं बीज के बोरों में गेहूं की मात्रा निर्धारित मात्रा से कम पाई गई है। यही नहीं जौ व अन्य फसलों के बीज एवं अनुपयोगी अनाज अभिलेखीय मात्रा से कम पाये गए हैं।
समिति द्वारा विभिन्न बीज उत्पादन प्रक्षेत्रों के भंडारित अनाजों के सत्यापन करने पर ज्ञात हुआ कि एनएसपी यूनिट-1, 3 व 4 पर धान की मात्रा कम पायी गयी।
जबकि फसल अनुसंधान केन्द्र मसौधा यूनिट-1 व 2 पर अभिलेखों में दर्ज मात्रा से ज्यादा मात्रा में अरहर, मिक्चर गेहूं व धान पाये गये है। बीज के बोरों में गेहूं की मात्रा कम पाये जाने को को कुलपति ने गंभीरता से लिया है।
कुलपति प्रो. अख्तर हसीब ने इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही किये जाने के संकेत दिये है।