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12.21 करोड़ के गबन में फंसे अवध विवि के पूर्व कुलपति व कुलसचिव

Wed, 06 Nov 2019 10:48 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 06 Nov 2019 10:48 PM IST
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Former Vice Chancellor and Registrar of Awadh University trapped in embezzlement of 12.21 crores
अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में तीन साल पहले सुर्खियों में रहे फर्जी भुगतान व क्रियाकलाप मामले में बुधवार को पूर्व कुलपति प्रो. जीसीआर जायसवाल व तत्कालीन प्रभारी कुलसचिव व परीक्षा नियंत्रक एएम अंसारी पर नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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इसकी तहरीर अवध विवि के भौतिकी व इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के सहायक प्रोफेसर अनिल कुमार ने दी, जिसमें एडीएम के नेतृत्व में सात सदस्यीय जांच दल की रिपोर्ट में पाई गई 12 करोड़ 21 लाख 29 हजार 479 के गबन, कूटरचना आदि को आधार बनाया गया है।
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सहायक प्रोफेसर का आरोप है कि पूर्व प्रभारी कुलसचिव व परीक्षा नियंत्रक डॉ. एएम अंसारी द्वारा कूटरचित दस्तावेजों व अपने पद का दुरुपयोग करते हुए करीब 12.25 करोड़ का भुगतान करके विवि के राजकीय कोष का नुकसान किया है। यही नहीं तत्कालीन कुलपति प्रो. जीसीआर जायसवाल के साथ मिलकर उन्होंने लाखों छात्रों के भविष्य से भी खिलवाड़ करते हुए निजी आर्थिक लाभ हेतु अपने पद का दुरुपयोग किया।
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पुलिस को दी तहरीर में भौतिकी व इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार ने आरोप लगाया है कि अवध विवि के पूर्व प्रभारी कुलसचिव व परीक्षा नियंत्रक डॉ. एएम अंसारी द्वारा विवि द्वारा वाहन उपलब्ध न होने के प्रावधान के बावजूद एक निजी ट्रैवल एजेंसी से वाहन लेकर 2 लाख 3 हजार 479 रुपये का भुगतान कराया।
इसके अलावा सुविधा न होने के बाद भी निजी सुरक्षा गार्ड व कुक रखकर विवि मद से 2.26 लाख का भुगतान कराया। आरोप है कि बिना टेंडर पक्रिया अपनाए दो-दो निजी सुरक्षा एजेंसियों को विधि विरूद्ध अनुबंध कर उन्हें 2.5 करोड़ का व गोपनीय प्रिटिंग के नाम पर 9.67 करोड़ का गबन किया है।
यही नहीं तीन सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट को दरकिनार कर आचार्य विनोबा भावे महाविद्यालय अमेठी के प्रबंधक व प्राचार्य से सांठगांठ कर मानक पूरा नहीं करने के बाद भी प्रवेश की अनुमति देकर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया।
आरोप है कि विवि के तत्कालीन कुलपति प्रो. जीसीआर जायसवाल की मिलीभगत से उन्होंने उपलब्ध शासनादेशों व न्यायालय आदेशों की अवहेलना कर गैरकानूनी तरीके से सैकड़ों महाविद्यालयों को संबद्धता प्रदान कर हजारों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया है।

डॉ. अनिल कुमार की तहरीर पर नगर कोतवाली पुलिस ने पूर्व प्रभारी कुलसचिव व परीक्षा नियंत्रक डॉ. एएम अंसारी व पूर्व कुलपति प्रो. जीसीआर जायसवाल के विरूद्ध धारा 406, 420, 467, 468, 471 व 120बी के तहत केस दर्ज किया है। नगर कोतवाल नीतीश श्रीवास्तव ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई है।
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