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नहर के सैलाब में पांच घर तबाह
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अयोध्या के गोपालपुर गांव में नहर कटने के बाद राहत कार्य करते कर्मी।
- फोटो : FAIZABAD
मसौधा। शारदा सहायक नहर कटने से एकाएक गांवों में आए सैलाब से तीन गांवों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। गांव में पानी भरने से पांच घर तबाह हो गए हैं।
वहीं करीब 110 घरों में पानी भर गया है। मैदानी क्षेत्र में बसे गांवों में नाव चल रही है। इससे करीब 80 हेक्टेयर क्षेत्रफल में लगीं फसलें बर्बाद हो गई हैं। पानी से भरे गांवों में हजारों लोग प्रभावित हैं।
प्रशासन पानी में घिरे लोगों को राहत सामग्र के रूप में भोजन के पैकेट बांट रहा है। नहर के सैलाब को बड़ैया व उतनईया झील की ओर मोड़ा जा रहा है।
मसौधा ब्लॉक क्षेत्र के गोपालपुर गांव के पास रविवार देर रात शारदा सहायक नहर कट गई थी। इससे नहर का पानी आसपास के गांवों में घुस गया।
जानकारी पाकर प्रशासन के लोग राहत कार्य में जुटे थे। बांस-बल्ली और बालू से भरी बोरियों को रखकर जल बहाव को रोकने काम 30 घंटे बाद भी जारी है।
दूसरी ओर प्रभावित गोपालपुर समेत पड़ोसी गांवों की डूबी फसलों में पानी कम करने के लिए प्रशासन ने एक छोटी नहर और संपर्क मार्ग की कटिंग करवाकर बडै़ला झील और उतनईया झील की ओर पानी को निकालने का काम मंगलवार सुबह से शुरू कर दिया है।
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प्रशासन के अफसर भी यहां मौजूद थे। राजस्व निरीक्षक ने बताया नहर के पानी से अत्यंत प्रभावित लोगों की सूची और जलभराव से धराशाई हुए मकान के पांच परिवारों की सूची आर्थिक मदद के लिए अपर जिला अधिकारी राजस्व एवं वित्त जीएल शुक्ल को उपलब्ध कराई जा रही है।
वहीं सोमवार शाम तक नहर के पानी से प्रभावित परिवारों में साढ़े सात सौ लंच पैकेट वितरित किए गए। मंगलवार को भी लोगों को लंच पैकेट बांटे गए।
जबकि गोपालपुर निवासी मठल्लू ने बताया कि उनका मकान छप्पर का मकान आधा गिर गया है और घर और दरवाजे पर अभी भी पानी भरा हुआ है। उन्हें लंच पैकेट नहीं मिला।
वहीं दूसरी तरफ बड़ैला और उतनईया झील में जो पानी का रूख किया गया है। उससे प्रभावित सरियावां, अग्नि का पुरवा, ताजपुर कोडरा, बल्लीपुर, बिछिया, मऊ यदुवंशपुर, बनवीरपुर, भीखनपुर, धूम का पुरवा, बल्ला का पुरवा के किसानों ने भी धान की डूब रही फसलों को देख हाय तौबा मचाना शुरू कर दिया है।
नहर कटने से क्षेत्र के तीन गांवों के लगभग 110 घर प्रभावित हैं। लगभग 80 हेक्टेअर फसल पानी में डूब गई है। सर्वे के बाद नुकसान का आंकलन कराकर प्रभावित किसानों को सहायता दिलाई जाएगी।
जीएल शुक्ल, एडीएम, वित्त एवं राजस्व
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वहीं करीब 110 घरों में पानी भर गया है। मैदानी क्षेत्र में बसे गांवों में नाव चल रही है। इससे करीब 80 हेक्टेयर क्षेत्रफल में लगीं फसलें बर्बाद हो गई हैं। पानी से भरे गांवों में हजारों लोग प्रभावित हैं।
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प्रशासन पानी में घिरे लोगों को राहत सामग्र के रूप में भोजन के पैकेट बांट रहा है। नहर के सैलाब को बड़ैया व उतनईया झील की ओर मोड़ा जा रहा है।
मसौधा ब्लॉक क्षेत्र के गोपालपुर गांव के पास रविवार देर रात शारदा सहायक नहर कट गई थी। इससे नहर का पानी आसपास के गांवों में घुस गया।
जानकारी पाकर प्रशासन के लोग राहत कार्य में जुटे थे। बांस-बल्ली और बालू से भरी बोरियों को रखकर जल बहाव को रोकने काम 30 घंटे बाद भी जारी है।
दूसरी ओर प्रभावित गोपालपुर समेत पड़ोसी गांवों की डूबी फसलों में पानी कम करने के लिए प्रशासन ने एक छोटी नहर और संपर्क मार्ग की कटिंग करवाकर बडै़ला झील और उतनईया झील की ओर पानी को निकालने का काम मंगलवार सुबह से शुरू कर दिया है।
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प्रशासन के अफसर भी यहां मौजूद थे। राजस्व निरीक्षक ने बताया नहर के पानी से अत्यंत प्रभावित लोगों की सूची और जलभराव से धराशाई हुए मकान के पांच परिवारों की सूची आर्थिक मदद के लिए अपर जिला अधिकारी राजस्व एवं वित्त जीएल शुक्ल को उपलब्ध कराई जा रही है।
वहीं सोमवार शाम तक नहर के पानी से प्रभावित परिवारों में साढ़े सात सौ लंच पैकेट वितरित किए गए। मंगलवार को भी लोगों को लंच पैकेट बांटे गए।
जबकि गोपालपुर निवासी मठल्लू ने बताया कि उनका मकान छप्पर का मकान आधा गिर गया है और घर और दरवाजे पर अभी भी पानी भरा हुआ है। उन्हें लंच पैकेट नहीं मिला।
वहीं दूसरी तरफ बड़ैला और उतनईया झील में जो पानी का रूख किया गया है। उससे प्रभावित सरियावां, अग्नि का पुरवा, ताजपुर कोडरा, बल्लीपुर, बिछिया, मऊ यदुवंशपुर, बनवीरपुर, भीखनपुर, धूम का पुरवा, बल्ला का पुरवा के किसानों ने भी धान की डूब रही फसलों को देख हाय तौबा मचाना शुरू कर दिया है।
नहर कटने से क्षेत्र के तीन गांवों के लगभग 110 घर प्रभावित हैं। लगभग 80 हेक्टेअर फसल पानी में डूब गई है। सर्वे के बाद नुकसान का आंकलन कराकर प्रभावित किसानों को सहायता दिलाई जाएगी।
जीएल शुक्ल, एडीएम, वित्त एवं राजस्व