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मासूम की हत्या में पिता-पुत्र को उम्रकैद
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 16 Oct 2015 11:21 PM IST
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संपत्ति हड़पने की खातिर मासूम की हत्या करने के मामले में पिता पुत्र को दोषी पाते हुए जिला जज शिवकुमार सिंह ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
प्रत्येक पर 20 हजार रुपये जुर्माना भी हुआ। जुर्माने की राशि में से 20 हजार रुपये मृतक के पिता को देने का आदेश हुआ है।
फौजदारी के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रियनाथ सिंह व डीजीसी अशोक पांडेय ने बताया कि घटना आठ अगस्त 2011 की है। पूरा कलंदर थाने के बल्ला पुरवा सरियावां निवासी अरविंद कुमार यादव अपनी ससुराल कैंट थाने के गोदौली गांव में रहते थे।
उनके ससुर राम चरन के कोई संतान नहीं थी। उन्हें गांव के लोग परेशान करते थे, इसलिए उन्होंने अपने दामाद को रहने के लिए कहा था।
घटना वाले दिन अरविंद का सवा दो साल का लड़का गौरव उर्फ गोलू घर के बाहर खेल रहा था। गांव के काशीराम व उनका लड़का लालधर उसे उठा ले गए। इसकी रिपोर्ट मासूम के पिता ने अपहरण की धारा में लिखाई थी।
घटना के दूसरे दिन गोलू का शव घर के समीप गड्ढ़े से बरामद हुआ। गांव के राजेश कुमार व बृजेश कुमार यादव ने बच्चे को ले जाते हुए दोनों को देखा था। उसने कोर्ट में आशय की गवाही भी दी।
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पीएम रिपोर्ट में मुंह दबाकर मार डालने के बाद पानी में फेंकने की बात सामने आई। अदालत ने दोनों को अपहरण करके हत्या करने व साक्ष्य छिपाने का दोषी पाया।
शुक्रवार को जिला जज ने दोनों को उम्रकैद व 20-20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
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प्रत्येक पर 20 हजार रुपये जुर्माना भी हुआ। जुर्माने की राशि में से 20 हजार रुपये मृतक के पिता को देने का आदेश हुआ है।
फौजदारी के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रियनाथ सिंह व डीजीसी अशोक पांडेय ने बताया कि घटना आठ अगस्त 2011 की है। पूरा कलंदर थाने के बल्ला पुरवा सरियावां निवासी अरविंद कुमार यादव अपनी ससुराल कैंट थाने के गोदौली गांव में रहते थे।
उनके ससुर राम चरन के कोई संतान नहीं थी। उन्हें गांव के लोग परेशान करते थे, इसलिए उन्होंने अपने दामाद को रहने के लिए कहा था।
घटना वाले दिन अरविंद का सवा दो साल का लड़का गौरव उर्फ गोलू घर के बाहर खेल रहा था। गांव के काशीराम व उनका लड़का लालधर उसे उठा ले गए। इसकी रिपोर्ट मासूम के पिता ने अपहरण की धारा में लिखाई थी।
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घटना के दूसरे दिन गोलू का शव घर के समीप गड्ढ़े से बरामद हुआ। गांव के राजेश कुमार व बृजेश कुमार यादव ने बच्चे को ले जाते हुए दोनों को देखा था। उसने कोर्ट में आशय की गवाही भी दी।
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पीएम रिपोर्ट में मुंह दबाकर मार डालने के बाद पानी में फेंकने की बात सामने आई। अदालत ने दोनों को अपहरण करके हत्या करने व साक्ष्य छिपाने का दोषी पाया।
शुक्रवार को जिला जज ने दोनों को उम्रकैद व 20-20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।