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...बदली गईं ढेमवा पुल की टूटी ज्वाइंट पट्टी
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सोहावल। अयोध्या और गोंडा जिले को जोड़ने वाले सरयू नदी पर बने ढेमवा घाट पुल पर ज्वाइंट पट्टी खिसकने की भनक लगते ही सरकारी मशीनरी हरकत में आ गई। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर का संज्ञान लेकर डीएम ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे। इस पर सेतु निगम की निर्माण इकाई के अभियंताओं ने मंगलवार को पुल का स्थलीय मुआयना किया। मौके पर पड़ताल करने के बाद पुल खिसकीं ज्वाइंट पट्टी को बदलवाने का कार्य किया। चौबीस घंटे में ज्वाइंट पट्टी लगाने से पुल पर खतरे की आशंकाओं पर फिलहाल विराम लगा दिया।
वर्ष 2015 में सपा शासनकाल में सेतु निर्माण इकाई-दो लखनऊ ने इस पुल का निर्माण शुरू किया गया था। करीब तीन बरस बाद यानी वर्ष 2018 में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने करीब 129 करोड़ से बनकर तैयार हुए इस पुल का लखनऊ में बटन दबाकर लोकार्पण किया था मगर मानसून की पहली बारिश भी नवनिर्मित पुल झेल नहीं पया। बरसात से पुल की जॉइंट प्लेट और रबर की पट्टी खिसक गई थीं। इससे करीब 5 इंच दराज बन गई थी। इससे वहां पर खतरे की आशंका प्रबलवती हो गई थी।
अमर उजाला ने 25 अगस्त के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर का संज्ञान लेकर जिलाधिकारी ने सेतु निगम को मौके का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे। इस पर मंगलवार को निर्माण इकाई सेतु निगम लखनऊ दो के अभियंताओं ने मौके पर पहुंचे और वहां पर का स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के बाद सेतु निगम निर्माण इकाई ने आनन फानन कुछ देर के लिए पुल पर यातायात रोकवा दिया और पुल पर क्षतिग्रस्त ज्वाइंट पट्टी बदलवाकर नई ज्वाइंट पट्टी डलवाई गई।
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इससे वहां पर फिलहाल खतरा टल गया है। आवागमन अब सुचारू रूप से चल रहा है। सेतु निगम इकाई अयोध्या के अवर अभियंता अमर सिंह ने बताया निर्माण इकाई द्वारा पुल में आई कमी को दूर कर लेने की जानकारी मिली है। पुल की मजबूती और खतरे को लेकर अब कोई आशंका नहीं रहना चाहिए।
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वर्ष 2015 में सपा शासनकाल में सेतु निर्माण इकाई-दो लखनऊ ने इस पुल का निर्माण शुरू किया गया था। करीब तीन बरस बाद यानी वर्ष 2018 में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने करीब 129 करोड़ से बनकर तैयार हुए इस पुल का लखनऊ में बटन दबाकर लोकार्पण किया था मगर मानसून की पहली बारिश भी नवनिर्मित पुल झेल नहीं पया। बरसात से पुल की जॉइंट प्लेट और रबर की पट्टी खिसक गई थीं। इससे करीब 5 इंच दराज बन गई थी। इससे वहां पर खतरे की आशंका प्रबलवती हो गई थी।
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अमर उजाला ने 25 अगस्त के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर का संज्ञान लेकर जिलाधिकारी ने सेतु निगम को मौके का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे। इस पर मंगलवार को निर्माण इकाई सेतु निगम लखनऊ दो के अभियंताओं ने मौके पर पहुंचे और वहां पर का स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के बाद सेतु निगम निर्माण इकाई ने आनन फानन कुछ देर के लिए पुल पर यातायात रोकवा दिया और पुल पर क्षतिग्रस्त ज्वाइंट पट्टी बदलवाकर नई ज्वाइंट पट्टी डलवाई गई।
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इससे वहां पर फिलहाल खतरा टल गया है। आवागमन अब सुचारू रूप से चल रहा है। सेतु निगम इकाई अयोध्या के अवर अभियंता अमर सिंह ने बताया निर्माण इकाई द्वारा पुल में आई कमी को दूर कर लेने की जानकारी मिली है। पुल की मजबूती और खतरे को लेकर अब कोई आशंका नहीं रहना चाहिए।