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जानलेवा हमले में बुजुर्ग को दस साल की सजा
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अयोध्या। नगर के बहुचर्चित जानलेवा हमला के एक मामले में कोर्ट ने 70 वर्षीय बुजुर्ग को दोषी पाते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर कोर्ट ने 20 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। फैसला अपर जिला जज पूजा सिंह की अदालत से हुआ है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश तिवारी व वादिनी के अधिवक्ता केके सिंह, रत्नेश श्रीवास्तव ने बताया कि घटना 15 अक्तूबर, 2000 की है।
अशोक कुमार द्विवेदी के ऊपर घर के अंदर कनीगंज निवासी अयोध्या प्रसाद व उनकी पत्नी तालुका देवी ने बम से हमला कर दिया था। इसकी रिपोर्ट अशोक कुमार ने लिखाई थी।
विवेचक ने दोनों के खिलाफ आरोप पत्र जानलेवा हमला व विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत अदालत में प्रस्तुत किया था। इस आरोप पत्र को निरस्त करने के लिए आरोपियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
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जिसमें हाईकोर्ट से निचली अदालत की कार्रवाई स्थगित कर दी गई थी। वर्ष 2004 में स्थगन आदेश खत्म हुआ तो सुनवाई के बाद कोर्ट ने सजा दी है। तालुका देवी की दौरान मुकदमा मृत्यु हो गई थी।
वहीं एक अन्य मामले में महिला के द्वारा कराई गई एनएससी और जमा किए गए रुपये हड़पने के मामले में डाककर्मी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके विवेचना करने का आदेश हुआ है। यह आदेश सिविल जज सीनियर डिविजन भगवान दास गुप्ता की अदालत से हुआ है।
अधिवक्ता शेख मोहम्मद फारूक ने बताया कि जाहिदा शाहीन निवासी पोरा थाना, पूराकलंदर ने उप डाकघर, शाहगंज बाजार, थाना कोतवाली इनायत नगर में 1,51,620 रुपये की एनएससी करवाई थी और 24,516 रुपये खाते में नकद जमा किया था।
आरोप है कि यह रकम डाककर्मी महेंद्र श्रीवास्तव, जो शाहगंज बाजार के उप डाकघर मैं तैनात हैं, ने 02 मार्च, 2020 को निकाल ली। इसके बाद भुगतान पर्ची पर जाहिदा शाहीन का हस्ताक्षर यह कहकर करवा लिए कि पैसा आपके खाते में पहुंच जाएगा।
काफी दिन तक जब उसके खाते में पैसा नहीं पहुंचा तो उसने उप डाकघर की शाखा में जाकर पता किया। महेंद्र श्रीवास्तव ने नेट खराब होने का बहाना बनाकर उसे कई महीने तक टालता रहा।
इसके बाद पता चला कि पैसे निकल चुके हैं। तब उसने एसएसपी को एफआईआर दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया, वहां से कोई कार्रवाई नहीं हुई तो अदालत का दरवाजा खटखटाया।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने डाककर्मी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और विवेचना करने का आदेश थानाध्यक्ष इनायतनगर को दिया है।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश तिवारी व वादिनी के अधिवक्ता केके सिंह, रत्नेश श्रीवास्तव ने बताया कि घटना 15 अक्तूबर, 2000 की है।
अशोक कुमार द्विवेदी के ऊपर घर के अंदर कनीगंज निवासी अयोध्या प्रसाद व उनकी पत्नी तालुका देवी ने बम से हमला कर दिया था। इसकी रिपोर्ट अशोक कुमार ने लिखाई थी।
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विवेचक ने दोनों के खिलाफ आरोप पत्र जानलेवा हमला व विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत अदालत में प्रस्तुत किया था। इस आरोप पत्र को निरस्त करने के लिए आरोपियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
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जिसमें हाईकोर्ट से निचली अदालत की कार्रवाई स्थगित कर दी गई थी। वर्ष 2004 में स्थगन आदेश खत्म हुआ तो सुनवाई के बाद कोर्ट ने सजा दी है। तालुका देवी की दौरान मुकदमा मृत्यु हो गई थी।
वहीं एक अन्य मामले में महिला के द्वारा कराई गई एनएससी और जमा किए गए रुपये हड़पने के मामले में डाककर्मी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके विवेचना करने का आदेश हुआ है। यह आदेश सिविल जज सीनियर डिविजन भगवान दास गुप्ता की अदालत से हुआ है।
अधिवक्ता शेख मोहम्मद फारूक ने बताया कि जाहिदा शाहीन निवासी पोरा थाना, पूराकलंदर ने उप डाकघर, शाहगंज बाजार, थाना कोतवाली इनायत नगर में 1,51,620 रुपये की एनएससी करवाई थी और 24,516 रुपये खाते में नकद जमा किया था।
आरोप है कि यह रकम डाककर्मी महेंद्र श्रीवास्तव, जो शाहगंज बाजार के उप डाकघर मैं तैनात हैं, ने 02 मार्च, 2020 को निकाल ली। इसके बाद भुगतान पर्ची पर जाहिदा शाहीन का हस्ताक्षर यह कहकर करवा लिए कि पैसा आपके खाते में पहुंच जाएगा।
काफी दिन तक जब उसके खाते में पैसा नहीं पहुंचा तो उसने उप डाकघर की शाखा में जाकर पता किया। महेंद्र श्रीवास्तव ने नेट खराब होने का बहाना बनाकर उसे कई महीने तक टालता रहा।
इसके बाद पता चला कि पैसे निकल चुके हैं। तब उसने एसएसपी को एफआईआर दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया, वहां से कोई कार्रवाई नहीं हुई तो अदालत का दरवाजा खटखटाया।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने डाककर्मी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और विवेचना करने का आदेश थानाध्यक्ष इनायतनगर को दिया है।