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अक्तूबर तक बन जाएगा अयोध्या रिंग रोड का डीपीआर
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अयोध्या। अयोध्या तीर्थ क्षेत्र में 80 किमी. रिंग रोड बनाने की तैयारी तेज हो गई है। यह रोड तीन जनपदों अयोध्या, बस्ती और गोंडा से होकर गुजरेगी। रिंग रोड बनाने की जिम्मेदारी एनएचएआई को मिली है।
डीपीआर तैयार करने के लिए अहमदाबाद की कंपनी को ठेका दिया गया है। जो अक्तूबर तक तैयार हो जाएगा और बजट स्वीकृत होते ही तुरंत काम शुरू कर दिया जाएगा। एनएचएआई के महाप्रबंधक ने तीनों जनपदों के डीएम को पत्र लिखकर सिजरा व नक्शे की मांग की है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को अयोध्या के लिए रिंग रोड के निर्माण को मंजूरी दे दी है। मार्ग का डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
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सांसद लल्लू सिंह ने बताया कि कार्यदायी संस्था के एनएचआई के महाप्रबंधक ने जानकारी दी है कि अयोध्या रिंग रोड बनाने के लिए मेसर्स साईं सयस्त्रा ग्रुप की कंपनी साईं कंसल्टिंग इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड को डीपीआर तैयार करना है।
अहमदाबाद की इस कंपनी का उत्तर प्रदेश में मुख्यालय नोएडा में है। रिंग रोड के लिए तीनों जनपदों में जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। इस संबंध में धारा 3 (ए) का प्रस्ताव तैयार कर प्रभावित गांवों का सिजरा मैप उपलब्ध कराया जाना है।
रिंग रोड के निर्माण के लिए संबंधित गांवों की सूची संलग्न कर सिजरा मैप उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देशित करने का अनुरोध भी महाप्रबंधक द्वारा डीएम से किया गया है।
सांसद ने बताया कि रिंग रोड के निर्माण से किसानों व व्यापारियों को अपने उत्पादों को एक से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में काफी सुविधा होगी। रिंग रोड से जुड़ने वाले इलाकों के लोगों को परिवहन का बेहतर माध्यम मिलेगा, जो विकास के लिए लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है।
श्रद्धालुओं व सैलानियों के साथ आम लोगों के वाहन भी सुगमता से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंच सकेंगे। शहर का ट्रैफिक भी बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रद्धालुओं व सैलानियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
अयोध्या नियोजित शहर के रूप में विकसित होगी। अयोध्या में रामनवमी, सावन झूला मेला, कार्तिक परिक्रमा मेला होता है। जिसमें देश भर से लाखों श्रद्धालु अयोध्या में जुटते हैं।
मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन होने के बाद से यहां नित्य आने वाले दर्शनार्थियों की संख्या भी बढ़ी है। इस वजह से शहर के साथ-साथ हाईवे भी आए दिन जाम रहता है। रिंग रोड बनने के बाद यह समस्या दूर हो जाएगी।
सांसद लल्लू सिंह ने बताया कि इस रिंग रोड पर चार रेलवे ओवर ब्रिज, नदी पर दो पुल व पांच प्रमुख मार्गों पर क्लोर लीफ का निर्माण किया जाएगा। पांच स्थानों पर बनने वाली क्लोर लीफ से लोग रिंग रोड पर चढ़ सकेंगे।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा 84 कोस सांस्कृतिक सीमा को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए जाने पर रामनगरी के संतों ने हर्ष व्यक्त किया है। 84 कोसी परिक्रमा मार्ग 275 किलोमीटर लंबा है।
यह छावनी, अमोढ़ा, कटारिया, शृंगी ऋषि के पास से बनेगा। इसका डीपीआर दिसंबर 2021 तक बन जाएगा। मणिरामदास की छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने केंद्रीय शासन के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि 84 कोसी परिक्रमा मार्ग आध्यात्म, विकास व पर्यटन के संगम को प्रदर्शित करेगा।
महंत परमहंस ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए मिठाई भी बांटी। कहा कि अब हमारी सांस्कृतिक सीमा में स्थित आध्यात्मिक केंद्रों का विकास सुनिश्चित हो सकेगा।
महंत डॉ. भरत दास ने कहा कि परिक्रमा पथ के बन जाने से अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालु आसानी से चौरासी कोस में स्थित तीर्थों तक पहुंच सकेंगे। राजमार्ग विकसित होने से ये स्थल श्रद्धा के साथ पर्यटन का भी केंद्र बनेंगे।
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डीपीआर तैयार करने के लिए अहमदाबाद की कंपनी को ठेका दिया गया है। जो अक्तूबर तक तैयार हो जाएगा और बजट स्वीकृत होते ही तुरंत काम शुरू कर दिया जाएगा। एनएचएआई के महाप्रबंधक ने तीनों जनपदों के डीएम को पत्र लिखकर सिजरा व नक्शे की मांग की है।
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को अयोध्या के लिए रिंग रोड के निर्माण को मंजूरी दे दी है। मार्ग का डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
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सांसद लल्लू सिंह ने बताया कि कार्यदायी संस्था के एनएचआई के महाप्रबंधक ने जानकारी दी है कि अयोध्या रिंग रोड बनाने के लिए मेसर्स साईं सयस्त्रा ग्रुप की कंपनी साईं कंसल्टिंग इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड को डीपीआर तैयार करना है।
अहमदाबाद की इस कंपनी का उत्तर प्रदेश में मुख्यालय नोएडा में है। रिंग रोड के लिए तीनों जनपदों में जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। इस संबंध में धारा 3 (ए) का प्रस्ताव तैयार कर प्रभावित गांवों का सिजरा मैप उपलब्ध कराया जाना है।
रिंग रोड के निर्माण के लिए संबंधित गांवों की सूची संलग्न कर सिजरा मैप उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देशित करने का अनुरोध भी महाप्रबंधक द्वारा डीएम से किया गया है।
सांसद ने बताया कि रिंग रोड के निर्माण से किसानों व व्यापारियों को अपने उत्पादों को एक से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में काफी सुविधा होगी। रिंग रोड से जुड़ने वाले इलाकों के लोगों को परिवहन का बेहतर माध्यम मिलेगा, जो विकास के लिए लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है।
श्रद्धालुओं व सैलानियों के साथ आम लोगों के वाहन भी सुगमता से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंच सकेंगे। शहर का ट्रैफिक भी बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रद्धालुओं व सैलानियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
अयोध्या नियोजित शहर के रूप में विकसित होगी। अयोध्या में रामनवमी, सावन झूला मेला, कार्तिक परिक्रमा मेला होता है। जिसमें देश भर से लाखों श्रद्धालु अयोध्या में जुटते हैं।
मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन होने के बाद से यहां नित्य आने वाले दर्शनार्थियों की संख्या भी बढ़ी है। इस वजह से शहर के साथ-साथ हाईवे भी आए दिन जाम रहता है। रिंग रोड बनने के बाद यह समस्या दूर हो जाएगी।
सांसद लल्लू सिंह ने बताया कि इस रिंग रोड पर चार रेलवे ओवर ब्रिज, नदी पर दो पुल व पांच प्रमुख मार्गों पर क्लोर लीफ का निर्माण किया जाएगा। पांच स्थानों पर बनने वाली क्लोर लीफ से लोग रिंग रोड पर चढ़ सकेंगे।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा 84 कोस सांस्कृतिक सीमा को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए जाने पर रामनगरी के संतों ने हर्ष व्यक्त किया है। 84 कोसी परिक्रमा मार्ग 275 किलोमीटर लंबा है।
यह छावनी, अमोढ़ा, कटारिया, शृंगी ऋषि के पास से बनेगा। इसका डीपीआर दिसंबर 2021 तक बन जाएगा। मणिरामदास की छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने केंद्रीय शासन के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि 84 कोसी परिक्रमा मार्ग आध्यात्म, विकास व पर्यटन के संगम को प्रदर्शित करेगा।
महंत परमहंस ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए मिठाई भी बांटी। कहा कि अब हमारी सांस्कृतिक सीमा में स्थित आध्यात्मिक केंद्रों का विकास सुनिश्चित हो सकेगा।
महंत डॉ. भरत दास ने कहा कि परिक्रमा पथ के बन जाने से अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालु आसानी से चौरासी कोस में स्थित तीर्थों तक पहुंच सकेंगे। राजमार्ग विकसित होने से ये स्थल श्रद्धा के साथ पर्यटन का भी केंद्र बनेंगे।