{"_id":"57e2d4c14f1c1b0222a82c4e","slug":"doon-express-crash-disturbances-point-lock","type":"story","status":"publish","title_hn":"दून एक्सप्रेस हादसे में पॉइंट लॉक की गड़बड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दून एक्सप्रेस हादसे में पॉइंट लॉक की गड़बड़ी
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Thu, 22 Sep 2016 12:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीआईसी रेलवे क्रॉसिंग के निकट मंगलवार को हादसे का शिकार हुई दून एक्सप्रेस के डिरेलमेंट की प्रारंभिक जांच पूरी हो गई है। इसमें पॉइंट लॉक की गड़बड़ी से हादसा बताया जा रहा है। फिलहाल जांच दल अपनी रिपोर्ट लेकर बुधवार सुबह लखनऊ रवाना हो गया।
संयुक्त जांच दल में सीडीओ, एसएंडटी, यातायात निरीक्षक व लोको कार्यालय के अधिकारी शामिल हैं। जांच में शामिल एक अधिकारी के अनुसार, जिस स्थल पर डिरेलमेंट हुआ है, वह प्वाइंट नंबर 76 व लॉक नंबर 73 था। ट्रेन के 16 कोच उसी पॉइंट व लॉक से गुजर गए।
कहा जा रहा है कि 17 वां कोच एस-3 गुजरते समय लॉक न लगा होने से पॉइंट खुल गया और पटरियों का गैप बढ़ गया। जांच टीम में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि रिपोर्ट तो डीआरएम के सामने ही खुलेगी, लेकिन पॉइंट व लॉक की गड़बड़ी ही सामने आ रही है।
विज्ञापन
सिग्नल गिरने से डिरेलमेंट नहीं हुआ है, उसके पहले ही लॉक खुला होगा। लॉक लगा होने के सवाल पर अधिकारी ने कहा कि फैजाबाद यार्ड की हालत बहुत खराब है। केबिन में बैठे कर्मी को पॉइंट बनने, लॉक लगने व सिग्नल गिरे होने का संकेत मिल जाता है, लेकिन मौके पर कभी-कभी ऐसा नहीं होता। बताया िक जांच रिपोर्ट में दोषी कौन है? यह फैसला लखनऊ में होगा।
विज्ञापन
संयुक्त जांच दल में सीडीओ, एसएंडटी, यातायात निरीक्षक व लोको कार्यालय के अधिकारी शामिल हैं। जांच में शामिल एक अधिकारी के अनुसार, जिस स्थल पर डिरेलमेंट हुआ है, वह प्वाइंट नंबर 76 व लॉक नंबर 73 था। ट्रेन के 16 कोच उसी पॉइंट व लॉक से गुजर गए।
विज्ञापन
कहा जा रहा है कि 17 वां कोच एस-3 गुजरते समय लॉक न लगा होने से पॉइंट खुल गया और पटरियों का गैप बढ़ गया। जांच टीम में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि रिपोर्ट तो डीआरएम के सामने ही खुलेगी, लेकिन पॉइंट व लॉक की गड़बड़ी ही सामने आ रही है।
विज्ञापन
सिग्नल गिरने से डिरेलमेंट नहीं हुआ है, उसके पहले ही लॉक खुला होगा। लॉक लगा होने के सवाल पर अधिकारी ने कहा कि फैजाबाद यार्ड की हालत बहुत खराब है। केबिन में बैठे कर्मी को पॉइंट बनने, लॉक लगने व सिग्नल गिरे होने का संकेत मिल जाता है, लेकिन मौके पर कभी-कभी ऐसा नहीं होता। बताया िक जांच रिपोर्ट में दोषी कौन है? यह फैसला लखनऊ में होगा।