{"_id":"5da7545d8ebc3e01665e5c88","slug":"digital-x-rays-not-work-faizabad-news-lko487296429","type":"story","status":"publish","title_hn":"20 दिन से ठप है डिजिटल एक्सरे, लौट रहे मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
20 दिन से ठप है डिजिटल एक्सरे, लौट रहे मरीज
विज्ञापन
दर्शननगर अस्पताल में खराब पड़ी डिजिटल मशीन।
- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। दर्शननगर स्थित राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में स्थापित जनपद की एकमात्र डिजिटल एक्सरे मशीन बीते बीस दिन से खराब है। जेनरेटर में आई इस खराबी को अब तक दूर नहीं किया जा सका है। जिससे दूर-दराज से प्रतिदिन आने वाले करीब 60-70 मरीजों को बैरंग लौटना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल में इन दिनों चिकित्सकों की संख्या में इजाफा होने के साथ ही मरीजों की तादाद भी बढ़ रही है।
प्रतिदिन की ओपीडी भी एक हजार से पार जा रही है। लेकिन संसाधनों की कमी अब इलाज में रोड़ा बन रही है। हड्डी में आई बारीक कमियों के परीक्षण के लिए यहां जिले की पहली कीमती डिजिटल एक्सरे मशीन स्थापित है, जहां अमूमन करीब 50 मरीजों की जांच प्रतिदिन होती है।
इसके जेनरेटर में किसी तार को बीते बीस दिन पहले चूहे ने काट दिया, जिससे इसमें खराबी आ गई और मशीन ठप हो गई। तभी से इसके मरम्मत के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से लिखा-पढ़ी करना शुरू किया गया। लेकिन अभी तक मरम्मत नहीं हो सका।
विज्ञापन
बुधवार को भी दूर-दराज से आए मरीजों को वापस लौटना पड़ा। भरतकुंड से पत्नी के गांठ का एक्सरे कराने आए रामअंजोर ने बताया कि इतनी दूर से तीन बार यहां आ चुके हैं।
कर्मचारी ये नहीं बताते कि कब तक मशीन ठीक होगी और बाद में आने को कहते हैं। हैदरगंज के देवीप्रसाद ने बताया कि कमर में दर्द से पीड़ित हैं, डॉक्टर ने डिजिटल एक्सरे कराने को कहा है, लेकिन एक हफ्ते से दौड़ रहे हैं, एक्सरे नहीं हो पा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ विजय कुमार ने बताया कि मशीन में खराबी की सूचना संबंधित कंपनी को दी गई है, इंजीनियर आया भी था, किसी पार्ट की आवश्यकता है। शीघ्र ही मशीन सही होगी और सेवाएं बहाल होंगी।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल में इन दिनों चिकित्सकों की संख्या में इजाफा होने के साथ ही मरीजों की तादाद भी बढ़ रही है।
प्रतिदिन की ओपीडी भी एक हजार से पार जा रही है। लेकिन संसाधनों की कमी अब इलाज में रोड़ा बन रही है। हड्डी में आई बारीक कमियों के परीक्षण के लिए यहां जिले की पहली कीमती डिजिटल एक्सरे मशीन स्थापित है, जहां अमूमन करीब 50 मरीजों की जांच प्रतिदिन होती है।
विज्ञापन
इसके जेनरेटर में किसी तार को बीते बीस दिन पहले चूहे ने काट दिया, जिससे इसमें खराबी आ गई और मशीन ठप हो गई। तभी से इसके मरम्मत के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से लिखा-पढ़ी करना शुरू किया गया। लेकिन अभी तक मरम्मत नहीं हो सका।
विज्ञापन
बुधवार को भी दूर-दराज से आए मरीजों को वापस लौटना पड़ा। भरतकुंड से पत्नी के गांठ का एक्सरे कराने आए रामअंजोर ने बताया कि इतनी दूर से तीन बार यहां आ चुके हैं।
कर्मचारी ये नहीं बताते कि कब तक मशीन ठीक होगी और बाद में आने को कहते हैं। हैदरगंज के देवीप्रसाद ने बताया कि कमर में दर्द से पीड़ित हैं, डॉक्टर ने डिजिटल एक्सरे कराने को कहा है, लेकिन एक हफ्ते से दौड़ रहे हैं, एक्सरे नहीं हो पा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ विजय कुमार ने बताया कि मशीन में खराबी की सूचना संबंधित कंपनी को दी गई है, इंजीनियर आया भी था, किसी पार्ट की आवश्यकता है। शीघ्र ही मशीन सही होगी और सेवाएं बहाल होंगी।