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दर्शनार्थियों को फिर मिलने लगा रामलला का प्रसाद
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अयोध्या-रामभक्तों को ट्रस्ट की ओर से दिया जा रहा प्रसाद
- फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। रामलला के दर्शनार्थियों को प्रसाद देने की व्यवस्था फिर से शुरू करा दी गई है। दर्शनार्थी को प्रसाद स्वरूप इलायची दाने का पैकेट पुजारियों द्वारा दिया जा रहा है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से भक्तों को प्रसाद दिए जाने की व्यवस्था कुछ दिन पूर्व शुरू कराई गई थी। कोरोना महामारी का प्रकोप बढ़ते ही ट्रस्ट ने प्रसाद व चरणामृत देने सहित प्रसाद चढ़ाने पर भी रोक लगा दी थी।
चरणामृत देने पर रोक अभी कायम है। सुरक्षा की दृष्टि से रामलला को प्रसाद चढ़ाने पर भी अभी रोक लगी हुई है। कोरोना की स्थिति सामान्य होते ही रामलला के दर्शनार्थियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
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प्रतिदिन औसतन पांच हजार भक्त रामलला के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। वीकेंड व प्रमुख पर्व-त्योहारों पर यह संख्या बढ़कर दो गुना हो जाती है। ऐसे में अब मंदिर ट्रस्ट ने भी रामलला के दर्शनार्थियों को प्रसाद देने की व्यवस्था फिर से शुरू कर दी है।
श्रीराम जन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि कोरोना के चलते राममंदिर में प्रसाद चढ़ाने व चरणामृत देने पर रोक लगा दी गई थी। ट्रस्ट की ओर से भक्तों को जो इलायची दाना प्रसाद स्वरूप दिया जा रहा था, उस पर भी रोक लगा दी गई थी।
अब ट्रस्ट की ओर से यह व्यवस्था फिर प्रारंभ कर दी गई है। जो भक्त रामलला का दर्शन करने आते हैं उन्हें प्रसाद के रूप में इलायची दाने का पैकेट दिया जाता है। हालांकि चरणामृत देने पर रोक अभी कायम है।
साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से रामलला को प्रसाद चढ़ाने पर भी अभी रोक लगी हुई है। रामलला का दर्शन कर लौटे लखनऊ निवासी संदीप तिवारी व उनकी पत्नी विनीता तिवारी प्रसाद पाकर गदगद नजर आ रहीं थी।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कार्यालय के प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने बताया कि प्रतिदिन करीब पांच हजार पैकेट प्रसाद रामभक्तों को दिया जा रहा है। यह प्रसाद ट्रस्ट की ओर से तैयार किया जाता है।
उन्होंने बताया कि सांयकालीन आरती के लिए पास की सुविधा भी शुरू कर दी गई है। कोरोना के चलते इस सुविधा को बंद किया गया था। अब प्रतिदिन 25 पास निर्गत किए जा रहे हैं, इस पास को लेकर भक्त रामलला की सांयकालीन आरती का हिस्सा बन सकते हैं।
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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से भक्तों को प्रसाद दिए जाने की व्यवस्था कुछ दिन पूर्व शुरू कराई गई थी। कोरोना महामारी का प्रकोप बढ़ते ही ट्रस्ट ने प्रसाद व चरणामृत देने सहित प्रसाद चढ़ाने पर भी रोक लगा दी थी।
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चरणामृत देने पर रोक अभी कायम है। सुरक्षा की दृष्टि से रामलला को प्रसाद चढ़ाने पर भी अभी रोक लगी हुई है। कोरोना की स्थिति सामान्य होते ही रामलला के दर्शनार्थियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
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प्रतिदिन औसतन पांच हजार भक्त रामलला के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। वीकेंड व प्रमुख पर्व-त्योहारों पर यह संख्या बढ़कर दो गुना हो जाती है। ऐसे में अब मंदिर ट्रस्ट ने भी रामलला के दर्शनार्थियों को प्रसाद देने की व्यवस्था फिर से शुरू कर दी है।
श्रीराम जन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि कोरोना के चलते राममंदिर में प्रसाद चढ़ाने व चरणामृत देने पर रोक लगा दी गई थी। ट्रस्ट की ओर से भक्तों को जो इलायची दाना प्रसाद स्वरूप दिया जा रहा था, उस पर भी रोक लगा दी गई थी।
अब ट्रस्ट की ओर से यह व्यवस्था फिर प्रारंभ कर दी गई है। जो भक्त रामलला का दर्शन करने आते हैं उन्हें प्रसाद के रूप में इलायची दाने का पैकेट दिया जाता है। हालांकि चरणामृत देने पर रोक अभी कायम है।
साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से रामलला को प्रसाद चढ़ाने पर भी अभी रोक लगी हुई है। रामलला का दर्शन कर लौटे लखनऊ निवासी संदीप तिवारी व उनकी पत्नी विनीता तिवारी प्रसाद पाकर गदगद नजर आ रहीं थी।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कार्यालय के प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने बताया कि प्रतिदिन करीब पांच हजार पैकेट प्रसाद रामभक्तों को दिया जा रहा है। यह प्रसाद ट्रस्ट की ओर से तैयार किया जाता है।
उन्होंने बताया कि सांयकालीन आरती के लिए पास की सुविधा भी शुरू कर दी गई है। कोरोना के चलते इस सुविधा को बंद किया गया था। अब प्रतिदिन 25 पास निर्गत किए जा रहे हैं, इस पास को लेकर भक्त रामलला की सांयकालीन आरती का हिस्सा बन सकते हैं।