{"_id":"5db1e0548ebc3e93d0286a17","slug":"deepotsav-faizabad-news-lko488787851","type":"story","status":"publish","title_hn":"कठपुतली रामलीला ने मोहा मन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कठपुतली रामलीला ने मोहा मन
विज्ञापन
कठपुतली से रामलीला का मंचन करते कलाकार।
- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। दीपोत्सव में गुप्तारघाट व भजन संध्या स्थल पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मन मोह लिया। गुप्तारघाट पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उद्घाटन अयोध्या विधायक वेदप्रकाश गुप्ता ने किया।
पूर्णिमा कनौजिया प्रयागराज द्वारा प्रस्तुत अवधी लोकनृत्य ढिढिया ने श्रद्धालुओं भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। झारखंड के झाऊ नृत्य की प्रस्तुति हुई तो कलाकारों की भाव भंगिमा देखकर हर कोई झूम उठा।
निशांत भदौरिया झांसी द्वारा प्रस्तुत बुंदेलखंड का लोकनृत्य राई सैरा ने भी सभी का आकर्षित किया। राकेश उपाध्याय ने विभिन्न धार्मिक भजनों की प्रस्तुति की तो सभी मंत्रमुग्ध हो उठे।।
विज्ञापन
मानवेंद्र त्रिपाठी गोरखपुर ने मेघदूत की पूर्वांचल यात्रा विषयक नाटक प्रस्तुत कर सभी को आकर्षित किया। संतोष कुमार प्रयागराज द्वारा राजा भरथरी की नौटंकी प्रस्तुति की गई जो कि आकर्षण का केंद्र रही।
देर रात झारखंड की रामलीला का मंचन भी हुआ। रामायण की गाथा का मंचन देखकर दर्शक भाव विभोर हो उठे। इस दौरान अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक वाईपी सिंह, संस्कृति विभाग के लवकुश द्विवेदी, रामकथा संग्रहालय के निदेशक योगेश कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु-भक्त मौजूद रहे।
विज्ञापन
पूर्णिमा कनौजिया प्रयागराज द्वारा प्रस्तुत अवधी लोकनृत्य ढिढिया ने श्रद्धालुओं भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। झारखंड के झाऊ नृत्य की प्रस्तुति हुई तो कलाकारों की भाव भंगिमा देखकर हर कोई झूम उठा।
विज्ञापन
निशांत भदौरिया झांसी द्वारा प्रस्तुत बुंदेलखंड का लोकनृत्य राई सैरा ने भी सभी का आकर्षित किया। राकेश उपाध्याय ने विभिन्न धार्मिक भजनों की प्रस्तुति की तो सभी मंत्रमुग्ध हो उठे।।
विज्ञापन
मानवेंद्र त्रिपाठी गोरखपुर ने मेघदूत की पूर्वांचल यात्रा विषयक नाटक प्रस्तुत कर सभी को आकर्षित किया। संतोष कुमार प्रयागराज द्वारा राजा भरथरी की नौटंकी प्रस्तुति की गई जो कि आकर्षण का केंद्र रही।
देर रात झारखंड की रामलीला का मंचन भी हुआ। रामायण की गाथा का मंचन देखकर दर्शक भाव विभोर हो उठे। इस दौरान अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक वाईपी सिंह, संस्कृति विभाग के लवकुश द्विवेदी, रामकथा संग्रहालय के निदेशक योगेश कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु-भक्त मौजूद रहे।