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सीआरपीएफ जवानों का स्टेशन पर हंगामा
फैजाबाद
Updated Fri, 24 Feb 2017 11:16 PM IST
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रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर खड़ी चुनाव स्पेशल ट्रेन।
- फोटो : अमर उजाला
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फैजाबाद में विधानसभा का चुनाव संपन्न कराने उड़ीसा से सुबह पहुंचे सीआरपीएफ के जवानों ने स्पेशल ट्रेन को पांच नंबर प्लेटफार्म पर लगाने से खूब हंगामा किया। नाराज जवानों ने इसके विरोध में प्रदर्शन किया। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डीआरएम, सीनियर डीओएम, सीनियर डीसीएम से शिकायतें हुईं।
फटकार के बाद यहां का प्रशासन बैकफुट पर आया और जवानों की ट्रेन दो घंटे बाद मालगोदाम के प्लेटफार्म एक पर लगायी गयी। यहां जवानों ने अपना सामान उतारा। ट्रकों में लादा और बसाें में बैठकर रवाना हो गये।
जिले में 27 फरवरी को सकुशल मतदान संपन्न कराने के लिए सुबह आठ बजे के करीब उड़ीसा से स्पेशल ट्रेन पहुंची। इसे एसएम कार्यालय ने पांच नंबर पर ले लिया। प्लेटफार्म छोटा होने, हथियारों से भरे बड़े-बड़े बॉक्स, होलडाल, दूसरे सामान ट्रेन से उतारकर पुल के रास्ते बाहर सड़क तक आने में दिक्कतें दिखीं तो जवान व उनके अधिकारी ट्रेन को एक नंबर पर लेने के लिए एसएम कार्यालय जा धमके।
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कहा कि ट्रेन एक नंबर पर या फिर ऐसे प्लेटफार्म पर लगवा दें, जहां से अपना वजनी सामान वाहनों पर लादकर जा सके। समस्या सुनने के बाद ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों ने सारा दोष स्थानीय प्रशासन पर मढ़ दिया। इनका कहना था कि उन्हें पहले से पता होता तो वह गाड़ी एक नंबर पर लगा देते। अब वह दूसरे प्लेटफार्म पर ट्रेन नहीं लगा सकते।
नियमों को तोड़कर आये दिन फैजाबाद-दिल्ली एक्सप्रेस को तीन नंबर के बजाय एक नंबर से चलाने और लेने वाले एसएस ने जवानों व अधिकारियों की नहीं सुनी तो सभी भड़क गये। इसकी शिकायत सीधे डीआरएम एके लाहोटी, सीनियर डीओएम एके सिन्हा, सीनियर डीसीएम शिवेंद्र शुक्ल से हुई। फटकार के बाद परिचालन महकमा बैकफुट पर आ गया।
करीब दो घंटे की जद्दोहद के बाद ट्रेन को पांच नंबर से हटाकर मालगोदाम के प्लेटफार्म एक पर भेजा गया। जीआरपी के प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार वर्मा ने बताया कि रेलवे के दोनों बलों के होने से कोई अप्रिय स्थिति नहीं उत्पन्न हुई। ट्रेन मालगोदाम पर लगने के कुछ देर बाद जवान सारा सामान वाहनों पर लादकर चले गये।
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फटकार के बाद यहां का प्रशासन बैकफुट पर आया और जवानों की ट्रेन दो घंटे बाद मालगोदाम के प्लेटफार्म एक पर लगायी गयी। यहां जवानों ने अपना सामान उतारा। ट्रकों में लादा और बसाें में बैठकर रवाना हो गये।
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जिले में 27 फरवरी को सकुशल मतदान संपन्न कराने के लिए सुबह आठ बजे के करीब उड़ीसा से स्पेशल ट्रेन पहुंची। इसे एसएम कार्यालय ने पांच नंबर पर ले लिया। प्लेटफार्म छोटा होने, हथियारों से भरे बड़े-बड़े बॉक्स, होलडाल, दूसरे सामान ट्रेन से उतारकर पुल के रास्ते बाहर सड़क तक आने में दिक्कतें दिखीं तो जवान व उनके अधिकारी ट्रेन को एक नंबर पर लेने के लिए एसएम कार्यालय जा धमके।
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कहा कि ट्रेन एक नंबर पर या फिर ऐसे प्लेटफार्म पर लगवा दें, जहां से अपना वजनी सामान वाहनों पर लादकर जा सके। समस्या सुनने के बाद ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों ने सारा दोष स्थानीय प्रशासन पर मढ़ दिया। इनका कहना था कि उन्हें पहले से पता होता तो वह गाड़ी एक नंबर पर लगा देते। अब वह दूसरे प्लेटफार्म पर ट्रेन नहीं लगा सकते।
नियमों को तोड़कर आये दिन फैजाबाद-दिल्ली एक्सप्रेस को तीन नंबर के बजाय एक नंबर से चलाने और लेने वाले एसएस ने जवानों व अधिकारियों की नहीं सुनी तो सभी भड़क गये। इसकी शिकायत सीधे डीआरएम एके लाहोटी, सीनियर डीओएम एके सिन्हा, सीनियर डीसीएम शिवेंद्र शुक्ल से हुई। फटकार के बाद परिचालन महकमा बैकफुट पर आ गया।
करीब दो घंटे की जद्दोहद के बाद ट्रेन को पांच नंबर से हटाकर मालगोदाम के प्लेटफार्म एक पर भेजा गया। जीआरपी के प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार वर्मा ने बताया कि रेलवे के दोनों बलों के होने से कोई अप्रिय स्थिति नहीं उत्पन्न हुई। ट्रेन मालगोदाम पर लगने के कुछ देर बाद जवान सारा सामान वाहनों पर लादकर चले गये।