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हत्यारी प्रेमिका व उसके माता-पिता को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Sat, 02 Jul 2016 12:17 AM IST
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अपने माता-पिता के साथ मिलकर प्रेमी की हत्या करने के मामले में प्रेमिका व उसके माता-पिता को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। प्रत्येक पर 17 हजार रुपए जुर्माने का भी आदेश हुआ है। यह आदेश शुक्रवार को अपर जिला जज दामोदर सिंह की कोर्ट से हुआ। मामला रौनाही थाने के गांव उचितपुर का है।
पूराकलंदर थाने के सरियावां मजरे पूरे बल्ला के रहने वाले भूपेंद्र कुमार रावत ने 29 अगस्त 2013 को रिपोर्ट लिखाई थी। कहा था कि उसके लड़के पंकज रावत का प्रेम संबंध रौनाही थाना क्षेत्र के उचितपुर गांव की रहने वाली अंजू से हो गया था। छह साल से वह वहां आता-जाता था।
इसी बीच अंजू के परिवारजनों ने उसकी शादी अन्यत्र तय करके पंकज को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली। शादी दूसरी जगह तय होने पर पंकज ने उसका विरोध किया तो उसे जान से मार डालने की धमकी दी गई।
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योजना के तहत 23 अगस्त 2013 को अंजू उसके पिता रामसुमेर, मां अनारा देवी ने पंकज को अपने घर बुलाकर उसे जहर दे दिया। सुबह उसकी लाश गांव के समीप बाग में मिली थी। जानकारी पर भूपेंद्र ने रिपोर्ट लिखाई थी।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीनों को हत्या का दोषी करार पाते हुए उन्हें आजीवन कारावास व जहर खिलाने के मामले में दस-दस साल की सजा सुनाई।
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पूराकलंदर थाने के सरियावां मजरे पूरे बल्ला के रहने वाले भूपेंद्र कुमार रावत ने 29 अगस्त 2013 को रिपोर्ट लिखाई थी। कहा था कि उसके लड़के पंकज रावत का प्रेम संबंध रौनाही थाना क्षेत्र के उचितपुर गांव की रहने वाली अंजू से हो गया था। छह साल से वह वहां आता-जाता था।
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इसी बीच अंजू के परिवारजनों ने उसकी शादी अन्यत्र तय करके पंकज को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली। शादी दूसरी जगह तय होने पर पंकज ने उसका विरोध किया तो उसे जान से मार डालने की धमकी दी गई।
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योजना के तहत 23 अगस्त 2013 को अंजू उसके पिता रामसुमेर, मां अनारा देवी ने पंकज को अपने घर बुलाकर उसे जहर दे दिया। सुबह उसकी लाश गांव के समीप बाग में मिली थी। जानकारी पर भूपेंद्र ने रिपोर्ट लिखाई थी।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीनों को हत्या का दोषी करार पाते हुए उन्हें आजीवन कारावास व जहर खिलाने के मामले में दस-दस साल की सजा सुनाई।