{"_id":"576c18834f1c1bd632b47f8b","slug":"laxman-statue-theft-from-temple","type":"story","status":"publish","title_hn":"राम-जानकी मंदिर से लक्ष्मण की अष्टधातु की मूर्ति चोरी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
राम-जानकी मंदिर से लक्ष्मण की अष्टधातु की मूर्ति चोरी
अमर उजाला ब्यूरो/अयोध्या
Updated Thu, 23 Jun 2016 10:42 PM IST
विज्ञापन
मंदिर से चोरी गई लक्ष्मण की मूर्ति।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोतवाली क्षेत्र के अशर्फी भवन चौराहे के पास श्री राम-जानकी मंदिर से लक्ष्मण की अष्टधातु की मूर्ति चोरी हो गई। इससे क्षेत्र में हलचल मच गई। मंदिर के महंत की तहरीर पर पुलिस ने तहकीकात शुरू कर दी गई। बंद ताले के बीच चोरी हुई बेशकीमती मूर्ति को लेकर पुलिस पशोपेश में है। वह मामले को संदिग्ध बताते हुए पड़ताल कर रही है।
अशर्फी भवन चौराहे के पास बेगमपुरा मोहल्ले में कुर्मी वंशीय पंचायती श्रीराम-जानकी मंदिर है। दो-तीन दशक पुराने इस मंदिर के महंत/पुजारी का काम शिवशंकर दास देखते हैं। गुरुवार को मंदिर के महंत/पुजारी शिवशंकर दास की ओर से पुलिस को सूचना दी गई कि मंदिर के गर्भगृह स्थित विग्रह से लक्ष्मण की मूर्ति गायब है।
यह मूर्ति डेढ़ फुट लंबी थी और अष्टधातु की बनी थी। बेशकीमती मूर्ति की सूचना पर हरकत में आई पुलिस ने मौका-मुआयना व पड़ताल शुरू कर दी। हालांकि पुलिस के सामने अहम सवाल यह है कि आखिर बंद ताले के बीच से बेशकीमती लक्ष्मण की मूर्ति गायब कैसे हुई?
विज्ञापन
प्रकरण में पुलिस को मंदिर वासी लोगों पर शक है। पूछताछ में पुजारी/महंत शिवशंकर दास ने बताया कि मंगलवार शाम शयन पूजन व आरती के बाद उन्होंने गर्भगृह का कपाट बंद किया था। चाभी भी अपने तय जगह पर रखी मिली है। मंदिर के गर्भगृह समेत किसी कमरे का ताला टूटा नहीं मिला है।
गर्भगृह में राम, लक्ष्मण व सीता की अष्टधातु की मूर्तियों समेत शत्रुघ्न व हनुमान की मूर्ति स्थापित थी। अयोध्या कोतवाल राजेश कुमार सिंह ने गुरुवार को बताया कि दो दिन बाद मूर्ति चोरी की सूचना पुलिस को दी गई।
मंदिर के महंत/ पुजारी का कहना है कि न तो कोई ताला टूटा और न ही चाभी चोरी की गई। फिर भी लक्ष्मण की मूर्ति चोरी हो गई। बात कुछ समझ में नहीं आ रही है। फिलहाल पड़ताल जारी है। मंदिर के महंत/पुजारी समेत अन्य से पूछताछ की जा रही है।
विज्ञापन
अशर्फी भवन चौराहे के पास बेगमपुरा मोहल्ले में कुर्मी वंशीय पंचायती श्रीराम-जानकी मंदिर है। दो-तीन दशक पुराने इस मंदिर के महंत/पुजारी का काम शिवशंकर दास देखते हैं। गुरुवार को मंदिर के महंत/पुजारी शिवशंकर दास की ओर से पुलिस को सूचना दी गई कि मंदिर के गर्भगृह स्थित विग्रह से लक्ष्मण की मूर्ति गायब है।
विज्ञापन
यह मूर्ति डेढ़ फुट लंबी थी और अष्टधातु की बनी थी। बेशकीमती मूर्ति की सूचना पर हरकत में आई पुलिस ने मौका-मुआयना व पड़ताल शुरू कर दी। हालांकि पुलिस के सामने अहम सवाल यह है कि आखिर बंद ताले के बीच से बेशकीमती लक्ष्मण की मूर्ति गायब कैसे हुई?
विज्ञापन
प्रकरण में पुलिस को मंदिर वासी लोगों पर शक है। पूछताछ में पुजारी/महंत शिवशंकर दास ने बताया कि मंगलवार शाम शयन पूजन व आरती के बाद उन्होंने गर्भगृह का कपाट बंद किया था। चाभी भी अपने तय जगह पर रखी मिली है। मंदिर के गर्भगृह समेत किसी कमरे का ताला टूटा नहीं मिला है।
गर्भगृह में राम, लक्ष्मण व सीता की अष्टधातु की मूर्तियों समेत शत्रुघ्न व हनुमान की मूर्ति स्थापित थी। अयोध्या कोतवाल राजेश कुमार सिंह ने गुरुवार को बताया कि दो दिन बाद मूर्ति चोरी की सूचना पुलिस को दी गई।
मंदिर के महंत/ पुजारी का कहना है कि न तो कोई ताला टूटा और न ही चाभी चोरी की गई। फिर भी लक्ष्मण की मूर्ति चोरी हो गई। बात कुछ समझ में नहीं आ रही है। फिलहाल पड़ताल जारी है। मंदिर के महंत/पुजारी समेत अन्य से पूछताछ की जा रही है।