{"_id":"57eeade44f1c1bce4b573e86","slug":"kidnapping-and-murder-of-two-life-sentences","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपहरण व हत्या में दो को आजीवन कारावास","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अपहरण व हत्या में दो को आजीवन कारावास
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Fri, 30 Sep 2016 11:54 PM IST
विज्ञापन
कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या कोतवाली के बहुचर्चित शिशिर पांडेय हत्याकांड के दो आरोपियों को दोषी पाते हुए अदालत ने आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। एमबीए के छात्र शिशिर की उसके मोहल्ले के ही रहने वाले तीन लोगों ने 10 लाख रुपये की फिरौती के लिए अपहरण कर हत्या कर दी थी।
प्रत्येक पर 13 हजार रुपये जुर्माना भी हुआ है। यह फैसला अपर जिला जज ज्ञान प्रकाश सिंह की अदालत से शुक्रवार को हुआ। मामला अयोध्या कोतवाली क्षेत्र के बृजनंदनपुरम मोहल्ले का है। इसका एक आरोपी अनिल कुमार बाल अपराधी घोषित कर दिया गया था जिसे पूर्व में ही 10 माह की सजा व एक हजार रुपये जुर्माना हुआ था।
वादी के अधिवक्ता सईद खान व एडीजीसी अजीत सिंह ने बताया कि घटना 20 जून 2011 की है। बृजनंदन पुरम मोहल्ले के रहने वाले महाराजा इंटर कॉलेज के अध्यापक आनंद कुमार के युवा पुत्र शिशिर पांडेय को उसके दोस्त अनिल कुमार, सुनील पांडेय व अफरोज दिन में एक बजे घर से बुलाकर ले गए।
विज्ञापन
घटना के समय वह एमबीए कर रहा था। उसे ले जाते हुए मोहल्ले के चंद्रेश्वर ने देखा। घर नहीं लौटा तो परिवारीजन उसकी तलाश करने लगे। रात 11 बजे आनंद पांडेय के मोबाइल पर फोन आया कि दस लाख रुपये लेकर आओ नहीं तो हत्या कर दी जाएगी।
घटना के दो दिन बाद 22 जून की रात शिशिर का शव मुल्जिमान की निशान देही पर सरस्वती विद्या मंदिर स्थित कुएं से बरामद हुआ था। इसकी रिपोर्ट मृतक के पिता ने फिरौती के लिए अपहरण करके हत्या करने व साक्ष्य छिपाने की धारा में लिखाई थी।
कोर्ट में घटना को साबित करने के लिए वादी, उसकी पुत्री खुशबू व चंद्रेश्वर को गवाही के लिए पेश किया जिन्होंने घटना का समर्थन किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने सबको सजा दी।
विज्ञापन
प्रत्येक पर 13 हजार रुपये जुर्माना भी हुआ है। यह फैसला अपर जिला जज ज्ञान प्रकाश सिंह की अदालत से शुक्रवार को हुआ। मामला अयोध्या कोतवाली क्षेत्र के बृजनंदनपुरम मोहल्ले का है। इसका एक आरोपी अनिल कुमार बाल अपराधी घोषित कर दिया गया था जिसे पूर्व में ही 10 माह की सजा व एक हजार रुपये जुर्माना हुआ था।
विज्ञापन
वादी के अधिवक्ता सईद खान व एडीजीसी अजीत सिंह ने बताया कि घटना 20 जून 2011 की है। बृजनंदन पुरम मोहल्ले के रहने वाले महाराजा इंटर कॉलेज के अध्यापक आनंद कुमार के युवा पुत्र शिशिर पांडेय को उसके दोस्त अनिल कुमार, सुनील पांडेय व अफरोज दिन में एक बजे घर से बुलाकर ले गए।
विज्ञापन
घटना के समय वह एमबीए कर रहा था। उसे ले जाते हुए मोहल्ले के चंद्रेश्वर ने देखा। घर नहीं लौटा तो परिवारीजन उसकी तलाश करने लगे। रात 11 बजे आनंद पांडेय के मोबाइल पर फोन आया कि दस लाख रुपये लेकर आओ नहीं तो हत्या कर दी जाएगी।
घटना के दो दिन बाद 22 जून की रात शिशिर का शव मुल्जिमान की निशान देही पर सरस्वती विद्या मंदिर स्थित कुएं से बरामद हुआ था। इसकी रिपोर्ट मृतक के पिता ने फिरौती के लिए अपहरण करके हत्या करने व साक्ष्य छिपाने की धारा में लिखाई थी।
कोर्ट में घटना को साबित करने के लिए वादी, उसकी पुत्री खुशबू व चंद्रेश्वर को गवाही के लिए पेश किया जिन्होंने घटना का समर्थन किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने सबको सजा दी।