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ग्राम प्रधान समेत चार को पांच साल की सजा
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Sun, 05 Jun 2016 12:08 AM IST
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रुदौली तहसील के सीवन ग्रामसभा के प्रधान मो. अतहर समेत चार लोगों को मारपीट के गंभीर मामले में पांच-पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। प्रत्येक पर आठ हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। यह फैसला शनिवार को अपर जिला जज कृष्ण प्रताप की अदालत से हुआ।
फौजदारी के अधिवक्ता सईद खान ने बताया कि घटना 18 मई 2012 की है। सीवन गांव के रहने वाले नजमुद्दीन घर से अलियाबाद स्थित अपनी ऑफिस जा रहे थे। दिन में 10 बजे जब वह गांव के बाहर पहुंचे तो वहां पहले से घात लगाकर बैठे तौहीद ने अपनी साइकिल उसकी बाइक के सामने खड़ी करके उसे रोक लिया।
इसके बाद कमाल अहमद, सिराज अहमद, मोहम्मद अतहर (वर्तमान ग्राम प्रधान), कसीम व तौहीद ने उस पर लाठी-डंडे व कुल्हाड़ी से प्राणघातक हमला कर दिया। इस हमले में वह बेहोश हो गया तो उसके बैग में रखे दो लाख 75 हजार रुपए लूट कर चले गए।
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इसकी रिपोर्ट होश में आने के बाद नजमुद्दीन ने लिखाई थी। दौरान मुकदमा कसीम की मौत हो गई तो उसके खिलाफ मुकदमा समाप्त कर दिया गया। घटना के पीछे रंजिश यह थी कि पिछली पंचवर्षीय योजना में तौहीद अहमद सीवन के ग्राम प्रधान थे।
उनके द्वारा कराए गए विकास कार्यों की जांच के लिए नजमुद्दीन ने शिकायत की थी। इसी से क्षुब्ध होकर सभी लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोषी पाते हुए बचे अभियुक्तों को आपराधिक मानव वध के प्रयास का दोषी पाते हुए सजा दी।
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फौजदारी के अधिवक्ता सईद खान ने बताया कि घटना 18 मई 2012 की है। सीवन गांव के रहने वाले नजमुद्दीन घर से अलियाबाद स्थित अपनी ऑफिस जा रहे थे। दिन में 10 बजे जब वह गांव के बाहर पहुंचे तो वहां पहले से घात लगाकर बैठे तौहीद ने अपनी साइकिल उसकी बाइक के सामने खड़ी करके उसे रोक लिया।
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इसके बाद कमाल अहमद, सिराज अहमद, मोहम्मद अतहर (वर्तमान ग्राम प्रधान), कसीम व तौहीद ने उस पर लाठी-डंडे व कुल्हाड़ी से प्राणघातक हमला कर दिया। इस हमले में वह बेहोश हो गया तो उसके बैग में रखे दो लाख 75 हजार रुपए लूट कर चले गए।
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इसकी रिपोर्ट होश में आने के बाद नजमुद्दीन ने लिखाई थी। दौरान मुकदमा कसीम की मौत हो गई तो उसके खिलाफ मुकदमा समाप्त कर दिया गया। घटना के पीछे रंजिश यह थी कि पिछली पंचवर्षीय योजना में तौहीद अहमद सीवन के ग्राम प्रधान थे।
उनके द्वारा कराए गए विकास कार्यों की जांच के लिए नजमुद्दीन ने शिकायत की थी। इसी से क्षुब्ध होकर सभी लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोषी पाते हुए बचे अभियुक्तों को आपराधिक मानव वध के प्रयास का दोषी पाते हुए सजा दी।