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संदिग्धों की तलाश में चार घंटे खंगाला गया बघेड़ी जंगल
फैजाबाद/अमरउजाला ब्यूरो
Updated Sun, 10 Jan 2016 11:09 PM IST
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मवई थाना क्षेत्र के बघेड़ी जंगल में रविवार को जिस तरह चार थानों की पुलिस और पीएसी ने बुलेटप्रूफ जैकेट और अत्याधुनिक हथियारों से लैस होकर चार घंटे कांबिंग की उससे यह साफ जाहिर होता है कि पुलिस को किन्हीं शातिरोें की तलाश थी।
लगभग सप्ताह भर पहले बाराबंकी जिले की सीमा पर स्थित कछिया गांव के रास्ते कल्याणी नदी को पार कर लगभग एक दर्जन संदिग्ध व्यक्ति नाव के सहारे बघेड़ी जंगल में प्रवेश करते हुए देखे गए थे। नाव सवार लोग कौन थे और कहां से आए थे ? यह किसी को नहीं बता। लगभग आठ सौ एकड़ क्षेत्रफल में फैले बघेड़ी जंगल में संदिग्ध कहां गए यह ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
ग्रामीण तो यह भी बताते हैं कि उन संदिग्ध लोगों की बोली भाषा यहां की नहीं थी। जिसके बाद जंगल से सटे संडवा, नेवरा, नौरोजपुर, बघेड़ी, कोटवा, द्वारिकापुर, कछिया व बाराबंकी जिले के अनारपट्टी, सरवन टिक्ठा, मझौटी गांव मे दहशत व्याप्त हो गई।
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रविवार को एसएसपी मोहित गुत्ता के निर्देश पर पांच टीमें बनाई गई और अत्याधुनिक हथियारों व बुलेटप्रूफ जैकेट के साथ जंगल में कांबिंग शुरू हुई। सीओ रुदौली संतोष सिंह ने बताया कि लगभग चार घंटे तक चली कांम्बिंग के दौरान पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली।
बघेड़ी गांव के ग्रामीणों का दावा है कि करीब एक दर्जन संदिग्ध युवक इसी जंगल में अपना आशियाना बनाए हुए हैं। गोमती नदी के किनारे बघेड़ी जंगल और नदी के दूसरी ओर सहजना गांव में डोर टू डोर कंाम्बिंग की गई लेकिन कही कोई सुराग नहीं मिला।
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लगभग सप्ताह भर पहले बाराबंकी जिले की सीमा पर स्थित कछिया गांव के रास्ते कल्याणी नदी को पार कर लगभग एक दर्जन संदिग्ध व्यक्ति नाव के सहारे बघेड़ी जंगल में प्रवेश करते हुए देखे गए थे। नाव सवार लोग कौन थे और कहां से आए थे ? यह किसी को नहीं बता। लगभग आठ सौ एकड़ क्षेत्रफल में फैले बघेड़ी जंगल में संदिग्ध कहां गए यह ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
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ग्रामीण तो यह भी बताते हैं कि उन संदिग्ध लोगों की बोली भाषा यहां की नहीं थी। जिसके बाद जंगल से सटे संडवा, नेवरा, नौरोजपुर, बघेड़ी, कोटवा, द्वारिकापुर, कछिया व बाराबंकी जिले के अनारपट्टी, सरवन टिक्ठा, मझौटी गांव मे दहशत व्याप्त हो गई।
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रविवार को एसएसपी मोहित गुत्ता के निर्देश पर पांच टीमें बनाई गई और अत्याधुनिक हथियारों व बुलेटप्रूफ जैकेट के साथ जंगल में कांबिंग शुरू हुई। सीओ रुदौली संतोष सिंह ने बताया कि लगभग चार घंटे तक चली कांम्बिंग के दौरान पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली।
बघेड़ी गांव के ग्रामीणों का दावा है कि करीब एक दर्जन संदिग्ध युवक इसी जंगल में अपना आशियाना बनाए हुए हैं। गोमती नदी के किनारे बघेड़ी जंगल और नदी के दूसरी ओर सहजना गांव में डोर टू डोर कंाम्बिंग की गई लेकिन कही कोई सुराग नहीं मिला।