{"_id":"58f9002d4f1c1ba34647399b","slug":"four-arrest-in-paper-leak","type":"story","status":"publish","title_hn":"विवि से ही होता था पेपर आउट, कर्मचारी समेत चार बंदी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
विवि से ही होता था पेपर आउट, कर्मचारी समेत चार बंदी
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Fri, 21 Apr 2017 12:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा के दौरान हुए प्रश्नपत्र लीककांड का गुरुवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। साफ हो गया किसी कालेज से नहीं बल्कि विवि से ही पेपर लीक होते थे।
प्रकरण में विवि के ही एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी व उसके बेटे समेत चार को गिरफ्तार किया गया है। प्रश्नपत्रों को दूसरे तक पहुंचाने में इस्तेमाल मोबाइल बरामद हुआ है। हालांकि रैकट में शामिल बड़ी मछलियों तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंच सके हैं।
विवि की मुख्य परीक्षाओं के दौरान एक अप्रैल को व्हाट्सअप पर परीक्षा शुरू होने के पहले बीएससी प्रथम वर्ष व बीएससी द्वितीय वर्ष रसायन विज्ञान प्रथम प्रश्नपत्र का हस्तलिखित प्रश्न वायरल होने के बाद मामले की शिकायत कुलाधिपति व मुख्यमंत्री को भेजी गई थी।
विज्ञापन
पेपर लीक होने को लेकर हलचल मचने के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया था। प्रश्नपत्र लीक होने को लेकर कुलपति व विवि प्रशासन की घेराबंदी शुरू हो गई थी। प्रकरण में परीक्षा नियंत्रक की ओर से नगर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ परीक्षा अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया गया।
इधर प्रकरण की जांच शुरू हुई और उधर प्रश्नपत्रों के लीक होने का क्रम शुरू हो गया। विवि की परीक्षा के प्रश्नपत्र के लिखित प्रश्न व्हाट्सअप समेत सोशल मीडिया पर वायरल होते गये। जिसके चलते विवि प्रशासन की ओर से कोतवाली में ही दो और रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
गुरुवार को एसपी सिटी उदयशंकर सिंह ने मीडिया को बताया कि मामले की विवेचना कर पुलिस टीम से शारदापुरम कॉलोनी स्थित एक किराये के कमरे से झुनझुनवाला डिग्री कॉलेज के एमएससी छात्र दिलीप कुमार वर्मा व शिव कुमार वर्मा निवासीगण भवानीपुर थाना तारुन को पकड़ा गया।
दोनों ने बताया कि इनको पेपर की हस्तलिखित प्रति कृष्णानगर कालोनी कोतवाली नगर व मूल निवासी मथानी थाना महरुआ जिला अंबेडकरनगर अरुणवीर उर्फ छोटू से डेढ़ हजार रुपये में मिली थी।
छोटू के पिता ह्दयनरायण यादव विवि के लाइब्रेरी में चतुर्थ श्रेणी कर्मी हैं और छोटू अपने गृह क्षेत्र के राम प्रभा महाविद्यालय में बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र है। परीक्षा केंद्रों पर पहुंचाने के लिए मिला प्रश्नपत्र का बंडल ह्दयनरायण अपने घर लाया और सील खोलकर प्रश्न नोट कर लिये और फिर से लिफाफे को सीलबंद कर परीक्षा केंद्रों पर पहुंचा दिया गया।
वहीं अरुणवीर ने प्रश्नपत्र की हस्तलिखित प्रति फोटोस्टेट, शेयरइट व व्हाट्सअप के माध्यम से बेंचे गये। छोटू के कमरे से प्रश्न लिखा रजिस्टर व उसके खाते में 20 हजार रुपया मिला है। चारों को गिरफ्तार कर परीक्षा अधिनियम में कई धाराओं की बढ़ोत्तरी कर चालान किया गया है। टीम को ईनाम दिये जाने की घोषणा की गई है।
विज्ञापन
प्रकरण में विवि के ही एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी व उसके बेटे समेत चार को गिरफ्तार किया गया है। प्रश्नपत्रों को दूसरे तक पहुंचाने में इस्तेमाल मोबाइल बरामद हुआ है। हालांकि रैकट में शामिल बड़ी मछलियों तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंच सके हैं।
विज्ञापन
विवि की मुख्य परीक्षाओं के दौरान एक अप्रैल को व्हाट्सअप पर परीक्षा शुरू होने के पहले बीएससी प्रथम वर्ष व बीएससी द्वितीय वर्ष रसायन विज्ञान प्रथम प्रश्नपत्र का हस्तलिखित प्रश्न वायरल होने के बाद मामले की शिकायत कुलाधिपति व मुख्यमंत्री को भेजी गई थी।
विज्ञापन
पेपर लीक होने को लेकर हलचल मचने के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया था। प्रश्नपत्र लीक होने को लेकर कुलपति व विवि प्रशासन की घेराबंदी शुरू हो गई थी। प्रकरण में परीक्षा नियंत्रक की ओर से नगर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ परीक्षा अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया गया।
इधर प्रकरण की जांच शुरू हुई और उधर प्रश्नपत्रों के लीक होने का क्रम शुरू हो गया। विवि की परीक्षा के प्रश्नपत्र के लिखित प्रश्न व्हाट्सअप समेत सोशल मीडिया पर वायरल होते गये। जिसके चलते विवि प्रशासन की ओर से कोतवाली में ही दो और रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
गुरुवार को एसपी सिटी उदयशंकर सिंह ने मीडिया को बताया कि मामले की विवेचना कर पुलिस टीम से शारदापुरम कॉलोनी स्थित एक किराये के कमरे से झुनझुनवाला डिग्री कॉलेज के एमएससी छात्र दिलीप कुमार वर्मा व शिव कुमार वर्मा निवासीगण भवानीपुर थाना तारुन को पकड़ा गया।
दोनों ने बताया कि इनको पेपर की हस्तलिखित प्रति कृष्णानगर कालोनी कोतवाली नगर व मूल निवासी मथानी थाना महरुआ जिला अंबेडकरनगर अरुणवीर उर्फ छोटू से डेढ़ हजार रुपये में मिली थी।
छोटू के पिता ह्दयनरायण यादव विवि के लाइब्रेरी में चतुर्थ श्रेणी कर्मी हैं और छोटू अपने गृह क्षेत्र के राम प्रभा महाविद्यालय में बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र है। परीक्षा केंद्रों पर पहुंचाने के लिए मिला प्रश्नपत्र का बंडल ह्दयनरायण अपने घर लाया और सील खोलकर प्रश्न नोट कर लिये और फिर से लिफाफे को सीलबंद कर परीक्षा केंद्रों पर पहुंचा दिया गया।
वहीं अरुणवीर ने प्रश्नपत्र की हस्तलिखित प्रति फोटोस्टेट, शेयरइट व व्हाट्सअप के माध्यम से बेंचे गये। छोटू के कमरे से प्रश्न लिखा रजिस्टर व उसके खाते में 20 हजार रुपया मिला है। चारों को गिरफ्तार कर परीक्षा अधिनियम में कई धाराओं की बढ़ोत्तरी कर चालान किया गया है। टीम को ईनाम दिये जाने की घोषणा की गई है।