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एक्सईएन समेत चार ने किया डेढ़ करोड़ का गबन
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 27 Jan 2016 11:57 PM IST
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प्रदेश शासन के निर्देश पर कराई जा रही सतर्कता अधिष्ठान की जांच में सिंचाई विभाग के बाढ़ खंड में हुए घोटाले की परतें खुलने लगी हैं। जांच में पता चला कि विभाग की ओर से बिना बंधा का निर्माण कराए ही डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान कर दिया।
भुगतान के लिए न तो विभागीय अनुमति ली गई और न ही भौतिक सत्यापन कराया गया। सतर्कता अधिष्ठान ने यहां कैंट थाने में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता समेत चार के खिलाफ गबन व धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बसपा शासनकाल में सिंचाई विभाग की ओर से विभिन्न परियोजनाओं में करोड़ों की योजनाओं पर काम कराया था। इन्हीं योजनाओं में एक बहराइच जिले के बसौढ़ी का बांध भी था। घाघरा नदी किनारे बनने वाले इस बांध के लिए तत्कालीन सरकार की ओर से करोड़ों का बजट स्वीकृत किया गया।
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काम का जिम्मा फैजाबाद डिवीजन के सिंचाई विभाग के बाढ़खंड को सौंपा गया। सूबे में सरकार बदलने के बाद शिकायत पर विभागीय घोटाले की जांच लखनऊ सतर्कता अधिष्ठान को सौंपी गई। अधिष्ठान ने विभाग से योजना का पूरा ब्यौरा हासिल किया और बहराइच स्थित बसौढ़ी बांध का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण व जांच में विभाग की कलई खुल गई। इसके बाद सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ के निरीक्षक विजय शंकर सिंह ने जिला पहुंच कैंट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस को दी गई शिकायत में निरीक्षक का कहना है कि सिंचाई विभाग बाढ़खंड के अधिशासी अभियंता रईश इकबाल व लिपिकों सुधीर वर्मा, रामसूरत पांडेय व बाल गोविंद ने मिलीभगत कर नियम-कायदा ताक पर रख बहराइच के बसौढ़ी बंधा योजना का एक करोड़ 50 लाख 17 हजार रुपया हड़प लिया।
बसौढ़ी बंधे पर न तो पूरा निर्माण कार्य कराया गया और न ही भुगतान के लिए शासन की अनुमति ली गई। फर्जी मेजरमेंट के आधार पर भुगतान निकाल भ्रष्टाचार किया गया।
इस बाबत एसपी सिटी आरएस गौतम ने बताया कि सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ ने सिंचाई विभाग बाढ़खंड के अधिशाषी अभियंता और तीन लिपिकों के खिलाफ गबन, धोखाधड़ी, कूटरचना और भ्रष्टाचार की रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामले की विवेचना अधिष्ठान की ओर से ही की जाएगी।
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भुगतान के लिए न तो विभागीय अनुमति ली गई और न ही भौतिक सत्यापन कराया गया। सतर्कता अधिष्ठान ने यहां कैंट थाने में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता समेत चार के खिलाफ गबन व धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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बसपा शासनकाल में सिंचाई विभाग की ओर से विभिन्न परियोजनाओं में करोड़ों की योजनाओं पर काम कराया था। इन्हीं योजनाओं में एक बहराइच जिले के बसौढ़ी का बांध भी था। घाघरा नदी किनारे बनने वाले इस बांध के लिए तत्कालीन सरकार की ओर से करोड़ों का बजट स्वीकृत किया गया।
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काम का जिम्मा फैजाबाद डिवीजन के सिंचाई विभाग के बाढ़खंड को सौंपा गया। सूबे में सरकार बदलने के बाद शिकायत पर विभागीय घोटाले की जांच लखनऊ सतर्कता अधिष्ठान को सौंपी गई। अधिष्ठान ने विभाग से योजना का पूरा ब्यौरा हासिल किया और बहराइच स्थित बसौढ़ी बांध का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण व जांच में विभाग की कलई खुल गई। इसके बाद सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ के निरीक्षक विजय शंकर सिंह ने जिला पहुंच कैंट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस को दी गई शिकायत में निरीक्षक का कहना है कि सिंचाई विभाग बाढ़खंड के अधिशासी अभियंता रईश इकबाल व लिपिकों सुधीर वर्मा, रामसूरत पांडेय व बाल गोविंद ने मिलीभगत कर नियम-कायदा ताक पर रख बहराइच के बसौढ़ी बंधा योजना का एक करोड़ 50 लाख 17 हजार रुपया हड़प लिया।
बसौढ़ी बंधे पर न तो पूरा निर्माण कार्य कराया गया और न ही भुगतान के लिए शासन की अनुमति ली गई। फर्जी मेजरमेंट के आधार पर भुगतान निकाल भ्रष्टाचार किया गया।
इस बाबत एसपी सिटी आरएस गौतम ने बताया कि सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ ने सिंचाई विभाग बाढ़खंड के अधिशाषी अभियंता और तीन लिपिकों के खिलाफ गबन, धोखाधड़ी, कूटरचना और भ्रष्टाचार की रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामले की विवेचना अधिष्ठान की ओर से ही की जाएगी।