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शहर से देहात तक बैंकों पर बवाल, रोड जाम
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Wed, 07 Dec 2016 11:31 PM IST
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फैजाबाद में विकासभवन स्थित पीएनबी शाखा में रुपये निकालने को लेकर बैंक कर्मी से झड़प करते ग्राहक ।
- फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी के एक माह पूरे होने पर भी नगदी संकट बरकरार रहने से लोगों का सब्र अब टूटने लगा है। जिलेभर में बुधवार को बैंकिंग व्यवस्था चरमरा गई। विकासभवन की पीएनबी शाखा पर वेतन-पेंशन के लिए कतार लगाए सैंकड़ों लोगों को जैसे ही कैश नहीं होने की जानकारी मिली, लड़ने पर उतारू हो गए।
मौके पर भगदड़ मच गई। एसबीआई की मुख्य शाखा पर भी नारेबाजी हुई। सबसे अधिक प्रभावित बीओबी समेत ग्रामीण बैकों की 71 शाखाएं रहीं। यहां चेस्ट से फूटी कौड़ी नहीं भेजे जाने से हालात जगह-जगह बेकाबू होते गए। कुमारगंज में भीड़ ने प्रबंधन से तू-तू, मैं-मैं के बाद नारेबाजी करते हुए रायबरेली रोड जाम कर प्रदर्शन किया।
जिले की करीब सवा दो सौ बैंक शाखाओं में 20 फीसदी में भी बुधवार को ढंग से काम नहीं हो पाया। इससे अधिक खराब हालत एटीएम पर रही। नगदी संकट से यहां पहुंचे लोगों को बैंरग होना पड़ा। एसबीआई की मुख्य शाखा समेत यहां एटीएम पर लम्बी कतार सुबह 8 बजे से ही लगनी शुरू हो गई थी। दोपहर में लंच के समय कई कर्मी जैसे ही सीट छोड़ निकले, थोड़ी देर बाद उनके लौटने पर देरी होते देख भीड़ बेकाबू हो गई।
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नारेबाजी करते हुए काउंटर पर चढ़ने लगी तो अफरातफरी मच गई। खाताधारक बीकापुर इलाके गोबर्धन ने कहा कि बैंककर्मी एक काउंटर से निकासी कर रहे हैं, और अचानक गायब हो जाते हैं जबकि भीड़ ज्यादा है तो अतिरिक्त काउंटर खोलना चाहिए। विकास भवन की पीएनबी शाखा पर वेतन व पेंशन के लिए लगी लंबी कतार पौने ग्यारह बजे बेकाबू हो गई। धक्का-मुक्की शुरू होने भगदड़ के हालात उत्पन्न हो गए।
शाखा प्रबंधक अनमोल का कहना था कि 10 लाख का कैश उपलब्ध है, कैसे बांटें। किसको दें किसको न दें, इसलिए कैश नहीं होने से भुगतान रोक दिया गया है। उधर भीड़ में शामिल सिंचाई कर्मी गिरिजा प्रसाद व गंगा प्रसाद पांडेय, उद्यान विभाग के रामनायक समेत विभिन्न विभागों के जैसराज, दिनेश वर्मा, अर्जुन कुमार विश्वकर्मा, तुलसी राम निषाद आदि ने कहा कि वेतन आए एक सप्ताह हो गया, फिर भी बैंक में दौड़ लगा रहे हैं।
बैकों में सबसे मारामारी बीओबी और ग्रामीण बैंक की शाखाओं में दिखी। शनिवार तक हालात कुछ ठीक रहे, मगर सोमवार को सर्वर ठप होने से न कैश जा पाया न भुगतान हुआ। मंगलवार अवकाश के बाद बुधवार को चेस्ट से कैश नहीं पहुंच सका, लिहाजा शहर समेत रुदौली, सोहावल, गोसाईगंज, बीकापुर, मिल्कीपुर तहसीलों दर्जनों बाजारों की तमाम शाखाओं पर बुधवार को भारी भीड़ नो कैश का बोर्ड देख भिड़ने पर उतारू हो गई।
कुमारगंज प्रतिनिधि के अनुसार थाना क्षेत्र के कुमारगंज कस्बे में बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा पर सुबह से कतार लग गई। प्रबंधन आए तो कैश नहीं होने का जवाब दिए, इसी के बाद उपभोक्ताओं ने बैंक मैनेजर पर जानबूझकर नगदी न देने का आरोप लगाते हुए फैजाबाद-रायबरेली मार्ग जाम कर दिया।
कुमारगंज थानाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह भारी संख्या में पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच कर जाम खोलवाने का प्रयास करने लगे तो लोग भड़क गये और मैनेजर के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मामला बढ़ता देख शाखा प्रबंधक रत्नाकर मिश्रा ने लोगों के बीच आकर आश्वस्त किया कि गलत तरीके से किसी को कैश नहीं दिया जा रहा है। कैश की कमी है। कैश आने पर वरीयता के आधार पर कैश दिया जाएगा, तब जाकर लोगों ने जाम खोला।
शुजागंज प्रतिनिधि के अनुसार बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा फगौली कुर्मियान में कैश लेने आए ग्राहकों का सब्र उस समय टूट गया, जब चौथे दिन भी कैश न होने की नोटिस लगा दी गई। ठंड में सुबह से लाइन लगोए लोग कैश न होने की सूचना मिलते ही भड़क गए और बैंक खोलने आये कर्मचारी हरिओम के सामने हंगामा खड़ा कर दिया।
ग्राहकों का कहना था की जब तक कैश नहीं आ जाता तब तक बैंक नहीं खुलेगा। बैंक मैनेजर विनय गोनायक के काफी समझाने के बाद 11 बजे बैंक खुला, तब जाकर कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। बैंक मैनेजर विनय गोनायक ने बताया कि शनिवार को भुगतान किया गया था। कैश के लिये बात अधिकारियों से की गई है।
सोहावल प्रतिनिधि के अनुसार नोट बंदी हुए एक महीना बीत गया लेकिन नो कैश की समस्या से आज भी सोहावल के बैंक जूझ रहे हैं। ग्रामीण बैंक की शाखाओं में केवल 7 दिन ही कैश आया बाकि दिन बैंक की शाखाएं कैश लेस समस्या से ही परेशान रहीं। बड़ोदा बैंक सूचित्तागंज शाखा के प्रबंधक एके सिंह ने बताया कैश की समस्या है, 500 के नोट अभी नहीं आये हैं।
25 फीसदी ही मिल रहा कैश
एलडीएम ओपी शुक्ला ने बताया कि बुधवार को कैश की भारी किल्लत का सामना बीओबी व ग्रामीण बैंक की 71 शाखाओं को करना पड़ा है। चेस्ट से कैश की डिलेवरी नहीं हो पाई। वजह सोमवार को सर्वर की खराबी रही। तीन दिन की भीड़ एक साथ आने से दिक्कतें हुईं। गुरुवार से हालात ठीक होने लगेंगे। अभी भी एटीएम व बैंकों में आरबीआई से डिमांड का 25 फीसदी ही कैश मिलने से परेशानी आ रही है।
केस एक: पीएनबी, शाखा विकासभवन
नहीं दिखाई मानवता, रिटायर कर्मी को फटकारा
फैजाबाद। शहर के विकास भवन स्थित पीएनबी शाखा में पेंशन खाते से धन निकालने आए रसौली निवासी बुजुर्ग अंजनी कुमार शुक्ला की पत्नी शोला देवी बीमार हैं, उनका एसपीजीआई में दवा-इलाज चलता है। लेकिन अंजनी शुक्ला को बैंक से बुधवार को फूटी कौड़ी नहीं मिली। उन्होंने बताया कि दवा लेने लखनऊ जाना है, बीवी की दवा खत्म हो गई है। लेकिन अब कैसे जाएंगे। विड्राल कराने गए तो बैंक प्रबंधन की डांट सुननी पड़ी। प्रबंधक अनमोल ने कहा कि कैश नहीं है तो क्या करें।
केस दो: बीओबी शाखा- रामपुरभगन
मैनेजर ने पेश की मिशाल, वृद्धा को घर जाकर दी नगदी
रामपुरभगन। रामपुरभगन बाजार में बुधवार को स्थानीय बैंक के मैनेजर ने मानवता की मिशाल पेश की। जीवन की अंतिम सांस गिन रही बाजार की 80 वर्षीय बचना देवी पत्नी स्व देवी प्रसाद के घर बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा प्रबंधक सुधीर कुमार गोस्वामी ने पहुंचकर उसके खाते में जमा 9 हजार 5 सौ 75 रुपये नगद प्रदान किया। उस समय घर के लोग अंतिम समय में होने वाले गऊदान की प्रक्रिया पूरी करा रहे थे।
पुत्र राधेश्याम ने बताया कि मां की हालत खराब होने के कारण बैंक जाकर मैनेजर से पैसा निकालने के लिए कहा तो उन्होंने घर पहुंचकर माता की हालत देखकर पैसा निकलने की प्रक्रिया पूरी करके खाते में जमा रुपया प्रदान किया। प्रबंधक सुधीर ने कहा कि वृद्धा को नगदी दे बड़ा सुख मिला।
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मौके पर भगदड़ मच गई। एसबीआई की मुख्य शाखा पर भी नारेबाजी हुई। सबसे अधिक प्रभावित बीओबी समेत ग्रामीण बैकों की 71 शाखाएं रहीं। यहां चेस्ट से फूटी कौड़ी नहीं भेजे जाने से हालात जगह-जगह बेकाबू होते गए। कुमारगंज में भीड़ ने प्रबंधन से तू-तू, मैं-मैं के बाद नारेबाजी करते हुए रायबरेली रोड जाम कर प्रदर्शन किया।
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जिले की करीब सवा दो सौ बैंक शाखाओं में 20 फीसदी में भी बुधवार को ढंग से काम नहीं हो पाया। इससे अधिक खराब हालत एटीएम पर रही। नगदी संकट से यहां पहुंचे लोगों को बैंरग होना पड़ा। एसबीआई की मुख्य शाखा समेत यहां एटीएम पर लम्बी कतार सुबह 8 बजे से ही लगनी शुरू हो गई थी। दोपहर में लंच के समय कई कर्मी जैसे ही सीट छोड़ निकले, थोड़ी देर बाद उनके लौटने पर देरी होते देख भीड़ बेकाबू हो गई।
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नारेबाजी करते हुए काउंटर पर चढ़ने लगी तो अफरातफरी मच गई। खाताधारक बीकापुर इलाके गोबर्धन ने कहा कि बैंककर्मी एक काउंटर से निकासी कर रहे हैं, और अचानक गायब हो जाते हैं जबकि भीड़ ज्यादा है तो अतिरिक्त काउंटर खोलना चाहिए। विकास भवन की पीएनबी शाखा पर वेतन व पेंशन के लिए लगी लंबी कतार पौने ग्यारह बजे बेकाबू हो गई। धक्का-मुक्की शुरू होने भगदड़ के हालात उत्पन्न हो गए।
शाखा प्रबंधक अनमोल का कहना था कि 10 लाख का कैश उपलब्ध है, कैसे बांटें। किसको दें किसको न दें, इसलिए कैश नहीं होने से भुगतान रोक दिया गया है। उधर भीड़ में शामिल सिंचाई कर्मी गिरिजा प्रसाद व गंगा प्रसाद पांडेय, उद्यान विभाग के रामनायक समेत विभिन्न विभागों के जैसराज, दिनेश वर्मा, अर्जुन कुमार विश्वकर्मा, तुलसी राम निषाद आदि ने कहा कि वेतन आए एक सप्ताह हो गया, फिर भी बैंक में दौड़ लगा रहे हैं।
बैकों में सबसे मारामारी बीओबी और ग्रामीण बैंक की शाखाओं में दिखी। शनिवार तक हालात कुछ ठीक रहे, मगर सोमवार को सर्वर ठप होने से न कैश जा पाया न भुगतान हुआ। मंगलवार अवकाश के बाद बुधवार को चेस्ट से कैश नहीं पहुंच सका, लिहाजा शहर समेत रुदौली, सोहावल, गोसाईगंज, बीकापुर, मिल्कीपुर तहसीलों दर्जनों बाजारों की तमाम शाखाओं पर बुधवार को भारी भीड़ नो कैश का बोर्ड देख भिड़ने पर उतारू हो गई।
कुमारगंज प्रतिनिधि के अनुसार थाना क्षेत्र के कुमारगंज कस्बे में बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा पर सुबह से कतार लग गई। प्रबंधन आए तो कैश नहीं होने का जवाब दिए, इसी के बाद उपभोक्ताओं ने बैंक मैनेजर पर जानबूझकर नगदी न देने का आरोप लगाते हुए फैजाबाद-रायबरेली मार्ग जाम कर दिया।
कुमारगंज थानाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह भारी संख्या में पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच कर जाम खोलवाने का प्रयास करने लगे तो लोग भड़क गये और मैनेजर के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मामला बढ़ता देख शाखा प्रबंधक रत्नाकर मिश्रा ने लोगों के बीच आकर आश्वस्त किया कि गलत तरीके से किसी को कैश नहीं दिया जा रहा है। कैश की कमी है। कैश आने पर वरीयता के आधार पर कैश दिया जाएगा, तब जाकर लोगों ने जाम खोला।
शुजागंज प्रतिनिधि के अनुसार बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा फगौली कुर्मियान में कैश लेने आए ग्राहकों का सब्र उस समय टूट गया, जब चौथे दिन भी कैश न होने की नोटिस लगा दी गई। ठंड में सुबह से लाइन लगोए लोग कैश न होने की सूचना मिलते ही भड़क गए और बैंक खोलने आये कर्मचारी हरिओम के सामने हंगामा खड़ा कर दिया।
ग्राहकों का कहना था की जब तक कैश नहीं आ जाता तब तक बैंक नहीं खुलेगा। बैंक मैनेजर विनय गोनायक के काफी समझाने के बाद 11 बजे बैंक खुला, तब जाकर कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। बैंक मैनेजर विनय गोनायक ने बताया कि शनिवार को भुगतान किया गया था। कैश के लिये बात अधिकारियों से की गई है।
सोहावल प्रतिनिधि के अनुसार नोट बंदी हुए एक महीना बीत गया लेकिन नो कैश की समस्या से आज भी सोहावल के बैंक जूझ रहे हैं। ग्रामीण बैंक की शाखाओं में केवल 7 दिन ही कैश आया बाकि दिन बैंक की शाखाएं कैश लेस समस्या से ही परेशान रहीं। बड़ोदा बैंक सूचित्तागंज शाखा के प्रबंधक एके सिंह ने बताया कैश की समस्या है, 500 के नोट अभी नहीं आये हैं।
25 फीसदी ही मिल रहा कैश
एलडीएम ओपी शुक्ला ने बताया कि बुधवार को कैश की भारी किल्लत का सामना बीओबी व ग्रामीण बैंक की 71 शाखाओं को करना पड़ा है। चेस्ट से कैश की डिलेवरी नहीं हो पाई। वजह सोमवार को सर्वर की खराबी रही। तीन दिन की भीड़ एक साथ आने से दिक्कतें हुईं। गुरुवार से हालात ठीक होने लगेंगे। अभी भी एटीएम व बैंकों में आरबीआई से डिमांड का 25 फीसदी ही कैश मिलने से परेशानी आ रही है।
केस एक: पीएनबी, शाखा विकासभवन
नहीं दिखाई मानवता, रिटायर कर्मी को फटकारा
फैजाबाद। शहर के विकास भवन स्थित पीएनबी शाखा में पेंशन खाते से धन निकालने आए रसौली निवासी बुजुर्ग अंजनी कुमार शुक्ला की पत्नी शोला देवी बीमार हैं, उनका एसपीजीआई में दवा-इलाज चलता है। लेकिन अंजनी शुक्ला को बैंक से बुधवार को फूटी कौड़ी नहीं मिली। उन्होंने बताया कि दवा लेने लखनऊ जाना है, बीवी की दवा खत्म हो गई है। लेकिन अब कैसे जाएंगे। विड्राल कराने गए तो बैंक प्रबंधन की डांट सुननी पड़ी। प्रबंधक अनमोल ने कहा कि कैश नहीं है तो क्या करें।
केस दो: बीओबी शाखा- रामपुरभगन
मैनेजर ने पेश की मिशाल, वृद्धा को घर जाकर दी नगदी
रामपुरभगन। रामपुरभगन बाजार में बुधवार को स्थानीय बैंक के मैनेजर ने मानवता की मिशाल पेश की। जीवन की अंतिम सांस गिन रही बाजार की 80 वर्षीय बचना देवी पत्नी स्व देवी प्रसाद के घर बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा प्रबंधक सुधीर कुमार गोस्वामी ने पहुंचकर उसके खाते में जमा 9 हजार 5 सौ 75 रुपये नगद प्रदान किया। उस समय घर के लोग अंतिम समय में होने वाले गऊदान की प्रक्रिया पूरी करा रहे थे।
पुत्र राधेश्याम ने बताया कि मां की हालत खराब होने के कारण बैंक जाकर मैनेजर से पैसा निकालने के लिए कहा तो उन्होंने घर पहुंचकर माता की हालत देखकर पैसा निकलने की प्रक्रिया पूरी करके खाते में जमा रुपया प्रदान किया। प्रबंधक सुधीर ने कहा कि वृद्धा को नगदी दे बड़ा सुख मिला।