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फोन नहीं उठाने पर डीआईजी ने सिपाही को धुना
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Tue, 07 Jun 2016 12:09 AM IST
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डीआईजी आवास पर टेलीफोन ड्यूटी पर तैनात एक सिपाही ने डीआईजी पर पिटाई करने, बिल्ला नोचने और बर्खास्त करने की धमकी देने का आरोप लगाया है। सिपाही जुबैर अहमद का आरोप है कि फोन नहीं उठाने पर डीआईजी वीके गर्ग ने उसे बुरी तरह पीटा। दूसरी तरफ, डीआईजी ने पूरे मामले को मनगढ़ंत बताया है।
2006 बैच के आरक्षी जुबैर का कहना है कि वह टेलीफोन ड्यूटी के लिए रविवार रात 11 बजे डीआईजी आवास पहुंचा था। रात 12 बजे डीआईजी उसके कमरे में आए और फोन न उठाने को लेकर सवाल किया। जुबैर ने बताया कि उसने जब यह कहा कि कभी-कभी फोन की घंटी नहीं बजती तो डीआई भड़क गए और कॉलर पकड़कर चांटा मार दिया।
वर्दी पर लगा यूपीपी का बिल्ला नोंच लिया और सीटी की डोरी तोड़ दी। फिर डंडे से पीटा और बर्खास्त करने की धमकी दी। करीब 20 मिनट बाद वे अपने आवास में चले गए। जुबैर ने रात करीब साढ़े 12 बजे जिला पुलिस को इसकी सूचना देकर आईजी के यहां फोन कर आपबीती बताई तो उससे अभद्रता और दूर तबादला करने की धमकी दी गई।
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डीजीपी आवास पर फोन करने पर ड्यूटी पर तैनात व्यक्ति ने उससे सुबह बात कराने को कहा। पीड़ित जुबैर ने कहा है कि वह इसकी शिकायत सीएम तक करेंगे। डीआईजी वीके गर्ग ने कहा कि कोई शख्स अपने बेटे के लापता होने की शिकायत करने के लिए फोन कर रहा था।
फोन नहीं उठा तो उसने मेरे मोबाइल पर फोन किया। मैंने भी बेसिक नंबर पर फोन लगाया, लेकिन नहीं उठा। टेलीफोन ड्यूटी कक्ष में पहुंचा तो जुबैर सो रहा था। मैंने केवल उसका कंधा पकड़ जगाया और सवाल-जवाब किया। पिटाई का आरोप मनगढ़ंत है।
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2006 बैच के आरक्षी जुबैर का कहना है कि वह टेलीफोन ड्यूटी के लिए रविवार रात 11 बजे डीआईजी आवास पहुंचा था। रात 12 बजे डीआईजी उसके कमरे में आए और फोन न उठाने को लेकर सवाल किया। जुबैर ने बताया कि उसने जब यह कहा कि कभी-कभी फोन की घंटी नहीं बजती तो डीआई भड़क गए और कॉलर पकड़कर चांटा मार दिया।
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वर्दी पर लगा यूपीपी का बिल्ला नोंच लिया और सीटी की डोरी तोड़ दी। फिर डंडे से पीटा और बर्खास्त करने की धमकी दी। करीब 20 मिनट बाद वे अपने आवास में चले गए। जुबैर ने रात करीब साढ़े 12 बजे जिला पुलिस को इसकी सूचना देकर आईजी के यहां फोन कर आपबीती बताई तो उससे अभद्रता और दूर तबादला करने की धमकी दी गई।
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डीजीपी आवास पर फोन करने पर ड्यूटी पर तैनात व्यक्ति ने उससे सुबह बात कराने को कहा। पीड़ित जुबैर ने कहा है कि वह इसकी शिकायत सीएम तक करेंगे। डीआईजी वीके गर्ग ने कहा कि कोई शख्स अपने बेटे के लापता होने की शिकायत करने के लिए फोन कर रहा था।
फोन नहीं उठा तो उसने मेरे मोबाइल पर फोन किया। मैंने भी बेसिक नंबर पर फोन लगाया, लेकिन नहीं उठा। टेलीफोन ड्यूटी कक्ष में पहुंचा तो जुबैर सो रहा था। मैंने केवल उसका कंधा पकड़ जगाया और सवाल-जवाब किया। पिटाई का आरोप मनगढ़ंत है।