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लापता आर्मी चिकित्सक का सुराग नहीं
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 30 Oct 2015 12:09 AM IST
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महाराष्ट्र के पुणे में तैनात सेना के चिकित्सक संजय दूबे की गुमशुदगी रहस्यमय बनती जा रही है। पिछले एक सप्ताह से लापता चिकित्सक की खोज में जुटी पुलिस खाली हाथ है।
जांच टीम को शक है कि परिवार के सदस्य पुलिस से कुछ छुपा रहे हैं लेकिन वह क्या छुपा रहे हैं ये एक गंभीर सवाल बन गया है।
इनायत नगर के कहुंवा निवासी रामसूरत दूबे के पुत्र संजय दूबे पुणे आर्मी में चिकित्सक हैं। 16 अक्तूबर को वह अपनी पत्नी अनुपमा दूबे व पुत्र साल्वि, पुत्री सौम्या और अपने माता-पिता के साथ घर आ रहे थे।
सुल्तानपुर में ससुर जेपी मिश्र निवासी दोस्तपुर को बुलाकर पत्नी व बच्चों को उनके साथ भेज दिया और माता-पिता के साथ अपने पैतृक गांव कहुंआ इनायत नगर आ गया।
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20 अक्टूबर को ससुराल में एक धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने के लिए उसे जाना था लेकिन वह 21 अक्टूबर को ससुराल जाने के लिए घर से निकला।
21 की दोपहर 12 बजे के आसपास चिकित्सक ने नाका मुजफ्फरा से अपने ससुर के मोबाइल पर फोन किया। पुत्री सौम्या से चिकित्सक ने कहा कि बस पर बैठ गया हूं, एक घंटे में पहुंच जाऊंगा।
यहीं से चिकित्सक का फोन स्विच ऑफ हो गया। इनायतनगर पुलिस ने चिकित्सक की तलाश में सारे हथकंडे इस्तेमाल कर डाले लेकिन हाथ कुछ नहीं लगा।
थानाध्यक्ष परमानंद राम की माने तो रास्तेे में पड़ने वाले होटल, धर्मशाला से लेकर अंतिम लोकेशन पर लोगों से पूछताछ की गई। कोई कुछ नहीं बता पाया।
कुछ संदिग्ध नंबरों को सर्विलांस पर लगाया गया है। परिवारीजनों से बारी बारी पूछताछ की जा रही है लेकिन कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है।
थानाध्यक्ष ने बताया कि लापता होने की तारीख को चिकित्सक ने वाया मोबाइल खाते से खाते में 10 हजार रुपये स्थानांतरित भी किए थे।
जांच अधिकारी का मानना है कि परिवार के सदस्य कुछ छुपा रहे हैं, जिसे वे जानते हुए भी बताना नहीं चाह रहे हैं।
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जांच टीम को शक है कि परिवार के सदस्य पुलिस से कुछ छुपा रहे हैं लेकिन वह क्या छुपा रहे हैं ये एक गंभीर सवाल बन गया है।
इनायत नगर के कहुंवा निवासी रामसूरत दूबे के पुत्र संजय दूबे पुणे आर्मी में चिकित्सक हैं। 16 अक्तूबर को वह अपनी पत्नी अनुपमा दूबे व पुत्र साल्वि, पुत्री सौम्या और अपने माता-पिता के साथ घर आ रहे थे।
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सुल्तानपुर में ससुर जेपी मिश्र निवासी दोस्तपुर को बुलाकर पत्नी व बच्चों को उनके साथ भेज दिया और माता-पिता के साथ अपने पैतृक गांव कहुंआ इनायत नगर आ गया।
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20 अक्टूबर को ससुराल में एक धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने के लिए उसे जाना था लेकिन वह 21 अक्टूबर को ससुराल जाने के लिए घर से निकला।
21 की दोपहर 12 बजे के आसपास चिकित्सक ने नाका मुजफ्फरा से अपने ससुर के मोबाइल पर फोन किया। पुत्री सौम्या से चिकित्सक ने कहा कि बस पर बैठ गया हूं, एक घंटे में पहुंच जाऊंगा।
यहीं से चिकित्सक का फोन स्विच ऑफ हो गया। इनायतनगर पुलिस ने चिकित्सक की तलाश में सारे हथकंडे इस्तेमाल कर डाले लेकिन हाथ कुछ नहीं लगा।
थानाध्यक्ष परमानंद राम की माने तो रास्तेे में पड़ने वाले होटल, धर्मशाला से लेकर अंतिम लोकेशन पर लोगों से पूछताछ की गई। कोई कुछ नहीं बता पाया।
कुछ संदिग्ध नंबरों को सर्विलांस पर लगाया गया है। परिवारीजनों से बारी बारी पूछताछ की जा रही है लेकिन कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है।
थानाध्यक्ष ने बताया कि लापता होने की तारीख को चिकित्सक ने वाया मोबाइल खाते से खाते में 10 हजार रुपये स्थानांतरित भी किए थे।
जांच अधिकारी का मानना है कि परिवार के सदस्य कुछ छुपा रहे हैं, जिसे वे जानते हुए भी बताना नहीं चाह रहे हैं।