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दुष्कर्मी को सात साल की सजा
फैजाबाद
Updated Wed, 20 Apr 2016 10:48 PM IST
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महिलाओं के मंदिर प्रवेश को ही समानता का प्रतीक माना जाए?
- फोटो : Getty
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दुष्कर्म के एक मामले में कोर्ट ने युवक को दोषी पाते हुए सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने युवक पर सात हजार रुपये जुर्माना भी किया है।
जुर्माने की राशि में से पांच हजार रुपए पीड़िता को बतौर प्रतिकर देने का भी आदेश हुआ है।
फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज राजेश्वर शुक्ल की कोर्ट से बुधवार को हुआ। मामला गोशाईंगंज थाने से संबंधित है।
एडीजीसी पीएम कुद्दूसी ने बताया कि गोशाईंगंज थाना क्षेत्र के एक कस्बे की रहने वाली 13 वर्षीय किशोरी 23 अक्तूबर 2011 को कस्बे में ही कॉपी खरीदने गई थी। वहां से वह गायब हो गई।
इसकी रिपोर्ट कोर्ट के आदेश पर रामशंकर, ओमप्रकाश, सत्य प्रकाश उर्फ फोटी निवासी शाहपुर परासी फूलपुर थाना अहिरौली जिला अंबेडकरनगर के खिलाफ अपहरण की धारा में दर्ज हुई थी।
विवेचना में पता चला कि इन सबकी नामजदगी गलत की गई है। विवेचक ने 20 मार्च 2012 को पीड़िता को अभियुक्त राजेंद्र जाटव के साथ ढूंढ निकाला और तीनों नामजद अभियुक्तों की नामजदगी गलत पाते हुए राजेंद्र के खिलाफ अपहरण व दुष्कर्म की धारा में आरोपपत्र भेजा।
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सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपहरण व दुष्कर्म का दोषी पाते हुए सजा दी।
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जुर्माने की राशि में से पांच हजार रुपए पीड़िता को बतौर प्रतिकर देने का भी आदेश हुआ है।
फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज राजेश्वर शुक्ल की कोर्ट से बुधवार को हुआ। मामला गोशाईंगंज थाने से संबंधित है।
एडीजीसी पीएम कुद्दूसी ने बताया कि गोशाईंगंज थाना क्षेत्र के एक कस्बे की रहने वाली 13 वर्षीय किशोरी 23 अक्तूबर 2011 को कस्बे में ही कॉपी खरीदने गई थी। वहां से वह गायब हो गई।
इसकी रिपोर्ट कोर्ट के आदेश पर रामशंकर, ओमप्रकाश, सत्य प्रकाश उर्फ फोटी निवासी शाहपुर परासी फूलपुर थाना अहिरौली जिला अंबेडकरनगर के खिलाफ अपहरण की धारा में दर्ज हुई थी।
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विवेचना में पता चला कि इन सबकी नामजदगी गलत की गई है। विवेचक ने 20 मार्च 2012 को पीड़िता को अभियुक्त राजेंद्र जाटव के साथ ढूंढ निकाला और तीनों नामजद अभियुक्तों की नामजदगी गलत पाते हुए राजेंद्र के खिलाफ अपहरण व दुष्कर्म की धारा में आरोपपत्र भेजा।
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सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपहरण व दुष्कर्म का दोषी पाते हुए सजा दी।