फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   बाढ़ से करोड़ों का काम ठप, तीन करोड़ के काम डूबे

बाढ़ से करोड़ों का काम ठप, तीन करोड़ के काम डूबे

Sat, 04 Aug 2018 12:17 AM IST
Updated Sat, 04 Aug 2018 12:17 AM IST
विज्ञापन
बाढ़ से करोड़ों का काम ठप, तीन करोड़ के काम डूबे
सरयू लाल निशान पार, बाढ़ चौकियों पर अलर्ट
विज्ञापन

फैजाबाद। लगातार बारिश और बैराजों से छोड़े गए पानी से सरयू नदी शुक्रवार सुबह लाल निशान पार कर गई है। एक सेमी. की रफ्तार से दोपहर दो बजे तक उफान लाल निशान 92.73 मीटर से 9 सेमी. ऊपर पहुंच कर थम गई। बाढ़ चौकियों पर अलर्ट घोषित किया गया है। रुदौली के कैथी मांझा का संपर्क कट गया है। नाव से लोगों का आना-जाना हो रहा है। स्कूल बंद कर दिए गए हैं। कछारीय इलाकों में घटते-बढ़ते जलस्तर से कटान और तेज हो रही है। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने प्रभावितों इलाकों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया है।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक सुबह 8 बजे जलस्तर लाल निशान 92.73 मीटर को पार गया। इसके बाद दोपहर दो बजे तक एक सेमी. की रफ्तार से जलस्तर 92.82 मीटर पर ठहर गया। जलस्तर में उफान से तहसील सदर, सोहावल, व रुदौली के कछारीय इलाकों में हलचल बढ़ गई है। फसलें डूब गई हैं। रास्तों पर पानी भर गया है। शुक्रवार को सरयू में शारदा व गिरजा बैराज से 1.63 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह गुरुवार की अपेक्षा 40 हजार 826 क्यूसेक कम है। लेकिन छोड़े गए पानी और जिले में लगातार हो रही बारिश से सरयू के जलस्तर में वृद्धि होने की संभावना बनी हुई है। दूसरी ओर सरयू के बढने-घटने के क्रम से कछारीय इलाकों में कटान का सिलसिला तेज है।
विज्ञापन

सिंचाई विभाग बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता जेपी यादव ने बताया कि अभी किसी भी गांव में कटान नहीं हो रही है। जलस्तर जब नीचे खिसकेगा तब कटान में तेजी आती है। सभी बाढ़ सुरक्षा बांध दुरुस्त हैं। अभी सरयू की लहरें बांध से दूर हैं। बाढ़ चौकियों पर अलर्ट घोषित किया गया है। नदी की उफान दोपहर से थमी हुई है। बृहस्पतिवार को छोड़े गए कुल पानी के मुकाबले शुक्रवार को पहाड़ी पानी बांधों से 40 हजार क्यूसेक कम छोड़ा गया है। नदी में उफान घट सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रुदौली तहसील के बाढ़ प्रभावित गांवों का जायजा लिया गया है। मंहगू का पुरवा में कटान रोधी कार्य से कटान नहीं हो रही है, जबकि कैथी मांझा सरयू की उफान से टापू बना हुआ है। वहां के लोग नाव से आ-जा रहे हैं। अभी पलायन के हालात नहीं है, फिर भी बंधे पर बाढ़ शरणालय पूरी तरह तैयार है। यहां 24 घंटे राजस्व, स्वास्थ्य व सिंचाई विभाग की टीम तैनात की गई है। सरयू की बाढ़ को लेकर राजस्व व बाढ़ खंड की टीमें प्रभावित तीनों तहसीलों के गांवों व बंधों पर सक्रिय हैं, स्वास्थ्य विभाग को भी संक्रामक रोगों से बचाव के लिए कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं। - मदनचंद दूबे, एडीएम वित्त एवं राजस्व


बाढ़ से तीन करोड़ का काम डूबा
फैजाबाद। सरयू की बाढ़ से मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट को भी झटका लगा है। 35 करोड़ की लागत से चल रहा गुप्तारघाट के विस्तार का काम ठप हो गया है। अब तक के हुए करीब चार करोड़ के कार्य में तीन करोड़ रुपये बर्बाद होने का अनुमान है, यही नहीं तय डेड लाइन दिसबंर तक काम पूरा होना भी मुश्किल है।
पर्यटन विकास के लिए राज्य सरकार की ओर से केंद्रीय सरकार की मदद से 133 करोड़ के कार्य अयोध्या और फैजाबाद शहर में चल रहा था। मगर बारिश और बाढ़ से इन कार्यों पर ग्रहण लग गया है। सबसे अधिक असर गुप्तारघाट का विस्तार कर उसे पर्यटकों के लिए सजाने-संवारने के लिए स्वीकृत करीब 35 करोड़ के कार्यों पर पड़ा है। हाल यह है कि यहां कुल सिंचाई विभाग की देखरेख में कुल 14 ठेका फर्मों को काम मिला है। सभी फर्मों ने मिट्टी से लेकर सीढ़ी आदि के काम शुरू कराए थे। काम शुरू करने में देरी की वजह से जून माह तक पांच ठेका फर्मों ने गुप्तारघाट पर 280 मीटर में मिट्टी व सीढ़ी का काम कराया था। इस पर करीब ढाई करोड़ रुपये सरयू की उफान से पहले खर्च हुए। जबकि बाकी नौ ठेकेदारों ने 60-60 मीटर मिट्टी कार्य कराया है, हालांकि इनकी सिंचाई विभाग से नाप-जोख से पहले ही बाढ़ आ गई और ज्यादातर काम कटान से नदी में समा गया। सरयू की ऊपर-नीचे हो रही उफान से घाट के विस्तार के कार्य ज्यादातर बर्बाद हो गए हैं।


पानी कम होने पर पता चलेगा नुकसान
नोडल एजेंसी सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता जय सिंह का कहना है कि अब पानी नीचे जाने पर ही सही आकलन हो सकेेगा कि कितना काम बर्बाद हुआ है। पांच ठेकेदारों के 40 फीसदी काम की एमबी फाइनल हुई थी, जिसमें ढाई करोड़ के काम हुए हैं। हालांकि नीचे से पक्का काम कराते हुए ऊपर आने से नुकसान कम हो सकता है। पक्की सीढ़ी कितनी बची होगी, इसे अब पानी में जांचना मुश्किल है। बाकी नौ ठेकेदारों का मेजरमेंट नहीं हुआ था, इसलिए उनका नुकसान उन्हें ही भरना होगा। वहां मिट्टी के काम में नियमों का पालन नहीं करने से ज्यादा क्षति हो सकती है। फिर भी दिसंबर तक काम पूरा करने का प्रयास होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed