{"_id":"59b2e2a34f1c1bfb7f8b521c","slug":"61504895651-faizabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूराकलंदर एसओ व दारोगा कोर्ट में तलब","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पूराकलंदर एसओ व दारोगा कोर्ट में तलब
Updated Sat, 09 Sep 2017 12:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तारुन में तैनाती के दौरान अधिवक्ता से की थी बदसलूकी
फैजाबाद। तारुन थाने में तैनाती के दौरान अधिवक्ता से बदसलूकी करने के आरोप में प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए कोर्ट ने पूराकलंदर थाने के एसओ जगदीश उपाध्याय व एसआई राकेश कुमार को विचारण के लिए तलब किया है। यह तलबी एसीजेएम रवीश कुमार अत्री ने पीड़ित अधिवक्ता की ओर से दाखिल इस्तगासा पर किया है।
तारुन थाने के ऊंचगांव निवासी अधिवक्ता मोहम्मद अहसान 15 जनवरी को रात 8 बजे खरीदारी करने रामपुर भगन बाजार गए थे। आरोप है कि जब वह बाजार की पुलिस चौकी के पास पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद दारोगा राकेश कुमार ने उनकी बाइक रोकवाई। बाइक स्पीड में होने के नाते कुछ दूर जाकर रुकी।
इस पर दारोगा राकेश कुमार आग बबूला हो गया। उसने अधिवक्ता के साथ बदसलूकी की और अपशब्द कहे। इतने में वहां एसओ जगदीश उपाध्याय पहुंचे और वकील को धमकी दी कि ऐसी धारा में चालान करेंगे कि जेल में ही पूरी जिंदगी वकालत करनी पड़ेगी।
विज्ञापन
परिचय पत्र दिखाने पर उसे फाड़कर फेंक दिया। इसके बाद अधिवक्ता की बाइक थाने उठा ले गए। गाड़ी लेने थाने पर पहुंचे अधिवक्ता से वहां भी बदतमीजी की गई और गाड़ी वापस करने के लिए दो हजार रूपए मांगे गए।
इसकी शिकायत थाने व एसएसपी से करने पर कोई सुनवाई नहीं हुई। तब अधिवक्ता ने कोर्ट में परिवाद दाखिल किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने चोरी, सदोष अवरोध की धारा में विचारण के लिए दोनों को तलब किया है।
विज्ञापन
फैजाबाद। तारुन थाने में तैनाती के दौरान अधिवक्ता से बदसलूकी करने के आरोप में प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए कोर्ट ने पूराकलंदर थाने के एसओ जगदीश उपाध्याय व एसआई राकेश कुमार को विचारण के लिए तलब किया है। यह तलबी एसीजेएम रवीश कुमार अत्री ने पीड़ित अधिवक्ता की ओर से दाखिल इस्तगासा पर किया है।
तारुन थाने के ऊंचगांव निवासी अधिवक्ता मोहम्मद अहसान 15 जनवरी को रात 8 बजे खरीदारी करने रामपुर भगन बाजार गए थे। आरोप है कि जब वह बाजार की पुलिस चौकी के पास पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद दारोगा राकेश कुमार ने उनकी बाइक रोकवाई। बाइक स्पीड में होने के नाते कुछ दूर जाकर रुकी।
विज्ञापन
इस पर दारोगा राकेश कुमार आग बबूला हो गया। उसने अधिवक्ता के साथ बदसलूकी की और अपशब्द कहे। इतने में वहां एसओ जगदीश उपाध्याय पहुंचे और वकील को धमकी दी कि ऐसी धारा में चालान करेंगे कि जेल में ही पूरी जिंदगी वकालत करनी पड़ेगी।
विज्ञापन
परिचय पत्र दिखाने पर उसे फाड़कर फेंक दिया। इसके बाद अधिवक्ता की बाइक थाने उठा ले गए। गाड़ी लेने थाने पर पहुंचे अधिवक्ता से वहां भी बदतमीजी की गई और गाड़ी वापस करने के लिए दो हजार रूपए मांगे गए।
इसकी शिकायत थाने व एसएसपी से करने पर कोई सुनवाई नहीं हुई। तब अधिवक्ता ने कोर्ट में परिवाद दाखिल किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने चोरी, सदोष अवरोध की धारा में विचारण के लिए दोनों को तलब किया है।