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हत्या में तीन लोगों को आजीवन कारावास
Updated Thu, 21 Sep 2017 10:31 PM IST
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फैजाबाद। जमीन को लेकर मुकदमेबाजी के विवाद में ग्रामीण की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या करने के मामले में कोर्ट ने तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
प्रत्येक पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह फैसला विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट के जज हरिनाथ पांडेय की कोर्ट से गुरुवार को हुआ। मामला पूराकलंदर थाना क्षेत्र का है।
वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि वारदात 26 मई 2004 की है। तारुन थाना क्षेत्र के रामदासपुर गाव में पट्टीदारों के मध्य जमीन को लेकर मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन था।
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वारदात वाले दिन इसी गांव के दिनेश कुमार सिंह अपने पिता धीरेंद्र प्रताप सिंह के साथ ट्रैक्टर से मुकदमे की पेशी पर कचहरी जा रहे थे। ट्रैक्टर पर गांव के पूर्व प्रधान शिवनाथ सिंह भी सवार थे।
जब यह लोग पूराकलंदर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीदासपुर स्थित झलिहवा बाग के पास पहुंचे, तभी उनके पट्टीदार सियाराम सिंह, अंकुर सिंह उर्फ सर्व शक्ति सिंह व बस्ती जिला निवासी सियाराम सिंह के रिश्तेदार सोनू सिंह ने बाइक ट्रैक्टर के आगे खड़ी करके ट्रैक्टर रोक लिया।
माजरा भांप धीरेंद्र प्रताप सिंह ट्रैक्टर से उतरकर भागे तो उन्हें दौड़ाकर दिन में साढ़े नौ बजे गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
इसकी रिपोर्ट मृतक के पुत्र दिनेश कुमार सिंह ने तीनों लोगों के खिलाफ हत्या की धारा में लिखाई थी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से पास के बाजार में अफरातफरी मच गई थी। लोग अपनी दुकानें बंद करके भाग गए थे। प्रकरण में बाद में प्रशासन ने तीनों आरोपियों के खिलाफ गिरोहबंद अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की थी।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीनों आरोपियों को हत्या और गिरोह बंद अधिनियम का दोषी पाया और हत्या के मामले में उम्रकैद व 25 -25 हजार रुपये व गिरोह बंद अधिनियम में पांच साल की कैद व पांच-पांच हजार रुपये की सजा से दंडित किया। सजा सुनाए जाने के बाद तीनों लोगों को जेल भेज दिया गया।
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प्रत्येक पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह फैसला विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट के जज हरिनाथ पांडेय की कोर्ट से गुरुवार को हुआ। मामला पूराकलंदर थाना क्षेत्र का है।
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वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि वारदात 26 मई 2004 की है। तारुन थाना क्षेत्र के रामदासपुर गाव में पट्टीदारों के मध्य जमीन को लेकर मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन था।
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वारदात वाले दिन इसी गांव के दिनेश कुमार सिंह अपने पिता धीरेंद्र प्रताप सिंह के साथ ट्रैक्टर से मुकदमे की पेशी पर कचहरी जा रहे थे। ट्रैक्टर पर गांव के पूर्व प्रधान शिवनाथ सिंह भी सवार थे।
जब यह लोग पूराकलंदर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीदासपुर स्थित झलिहवा बाग के पास पहुंचे, तभी उनके पट्टीदार सियाराम सिंह, अंकुर सिंह उर्फ सर्व शक्ति सिंह व बस्ती जिला निवासी सियाराम सिंह के रिश्तेदार सोनू सिंह ने बाइक ट्रैक्टर के आगे खड़ी करके ट्रैक्टर रोक लिया।
माजरा भांप धीरेंद्र प्रताप सिंह ट्रैक्टर से उतरकर भागे तो उन्हें दौड़ाकर दिन में साढ़े नौ बजे गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
इसकी रिपोर्ट मृतक के पुत्र दिनेश कुमार सिंह ने तीनों लोगों के खिलाफ हत्या की धारा में लिखाई थी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से पास के बाजार में अफरातफरी मच गई थी। लोग अपनी दुकानें बंद करके भाग गए थे। प्रकरण में बाद में प्रशासन ने तीनों आरोपियों के खिलाफ गिरोहबंद अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की थी।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीनों आरोपियों को हत्या और गिरोह बंद अधिनियम का दोषी पाया और हत्या के मामले में उम्रकैद व 25 -25 हजार रुपये व गिरोह बंद अधिनियम में पांच साल की कैद व पांच-पांच हजार रुपये की सजा से दंडित किया। सजा सुनाए जाने के बाद तीनों लोगों को जेल भेज दिया गया।