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2.64 करोड़ से ग्यारह सीएचसी पर बनेगा अग्रिशमन केंद्र
Updated Sat, 29 Sep 2018 11:16 PM IST
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फैजाबाद। जिले की 11 सीएचसी पर आग से बचाव के लिए 2.64 करोड़ की लागत से अग्निशमन केंद्रोें की स्थापना की जाएगी। इसके लिए 1.32 करोड़ रुपये की प्रथम किश्त रिलीज करके निर्माण कार्य शुरू किया गया है। मौजूदा समय में करीब 25 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने का दावा भी किया जा रहा है। निर्माण कार्य पूर्ण कराने के लिए कार्यदायी संस्था को एक वर्ष का समय दिया गया है।
जिले की करीब 29 लाख आबादी के इलाज के लिए जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, संयुक्त मंडलीय चिकित्सालय, राजकीय श्रीराम चिकित्सालय के अलावा 13 सीएचसी व 27 पीएचसी भी संचालित हैं। यहां प्रतिदिन मरीजों की भीड़ जुटती है। उनके इलाज के लिए कमोवेश संसाधन व डॉक्टर भी मौजूद हैं, लेकिन किसी भी अस्पताल में आग से बचाव के व्यापक इंतजाम नहीं हैं। यहां आपातकाल के लिए सिर्फ सिलेंडर रखे गए हैं, जिनकी रिफिलिंग भी लंबे समय तक नहीं होती है। न ही किसी कर्मचारी को इसके लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। जरूरत पड़ने पर लोग इसका प्रयोग भी कर पाने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में इमरजेंसी पड़ने पर फायर ब्रिगेड ही एकमात्र सहारा है।
बीते दिनों केजीएमयू लखनऊ, कोलकाता समेत अन्य अस्पतालों में हुए भीषण अग्रिकांड के बाद सरकार ने सभी अस्पतालों में आग से निपटने के पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। इसके अनुपालन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोसाईगंज व हैदरगंज को छोड़कर शेष 11 सीएचसी पर अग्निशमन केंद्रों की स्थापना करने का फरमान जारी हुआ।
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प्रत्येक सीएचसी पर निर्माण के लिए 24 लाख की राशि स्वीकृत करते हुए कुल 2.64 करोड़ के बजट पर मुहर लगाई गई। बीते अप्रैल में ही इसमें से प्रति सीएचसी 12 लाख के हिसाब से कुल 1.32 करोड़ की प्रथम किश्त निर्गत करते हुए कार्यदायी संस्था नामित की गई। नौ सीएचसी पर निर्माण कार्य की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था पैक्सफेड व दो की सीएनडीएस को सौंपी गई।
सरकार की मंशा थी कि धन आवंटन के तुरंत बाद कार्य शुरू करते हुए एक वर्ष में कार्य को अंतिम रूप दिया जाए। लेकिन कार्यदायी संस्थाओं ने देरी से कार्य शुरू कराया। फिर भी मौजूदा समय में करीब 25-30 प्रतिशत कार्य पूर्ण करने का दावा किया जा रहा है। अवर अभियंता एसबी सिंह ने बताया कि निर्माण इकाइयों ने कुछ देरी से कार्य शुरू कराया है, फिर भी कार्य तेजी से चल रहा है। आगामी अप्रैल तक कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। इसकी निगरानी भी की जा रही है।
तीन प्रमुख अस्पतालों में नहीं शुरू हुआ कार्य
इन्हीं अस्पतालों के साथ ही जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल व श्रीराम चिकित्सालय अयोध्या में भी अग्निशमन केंद्र की स्थापना होने की घोषणा की गई थी। जिसके लिए कुल 4.58 करोड़ रुपये लागत मूल्य का निर्धारण करके जिम्मेदारी उप्र. जलनिगम विद्युत/यांत्रिक विंग लखनऊ को सौंपी गई थी। 22 मार्च को ही प्रथम किश्त के रूप में 2.29 करोड़ की राशि भी अवमुक्त हो गई थी। लेकिन आज तक न तो कार्य शुरू किया गया और न ही कार्यदायी संस्था के किसी जिम्मेदार व्यक्ति ने संपर्क ही किया।
अस्पतालों में आग से बचाव के लिए अग्निशमन केंद्रों की स्थापना सरकार की प्राथमिकता में है। इसी के तहत 11 सीएचसी के साथ तीन प्रमुख अस्पतालों में निर्माण होना है। सभी सीएचसी पर इन दिनों निर्माण कार्य चल रहा है। अन्य अस्पतालों के बारे में लिखा-पढ़ी की जा रही है।
-डॉ. अशोक कुमार गुप्ता, सीएमओ फैजाबाद
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जिले की करीब 29 लाख आबादी के इलाज के लिए जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, संयुक्त मंडलीय चिकित्सालय, राजकीय श्रीराम चिकित्सालय के अलावा 13 सीएचसी व 27 पीएचसी भी संचालित हैं। यहां प्रतिदिन मरीजों की भीड़ जुटती है। उनके इलाज के लिए कमोवेश संसाधन व डॉक्टर भी मौजूद हैं, लेकिन किसी भी अस्पताल में आग से बचाव के व्यापक इंतजाम नहीं हैं। यहां आपातकाल के लिए सिर्फ सिलेंडर रखे गए हैं, जिनकी रिफिलिंग भी लंबे समय तक नहीं होती है। न ही किसी कर्मचारी को इसके लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। जरूरत पड़ने पर लोग इसका प्रयोग भी कर पाने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में इमरजेंसी पड़ने पर फायर ब्रिगेड ही एकमात्र सहारा है।
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बीते दिनों केजीएमयू लखनऊ, कोलकाता समेत अन्य अस्पतालों में हुए भीषण अग्रिकांड के बाद सरकार ने सभी अस्पतालों में आग से निपटने के पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। इसके अनुपालन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोसाईगंज व हैदरगंज को छोड़कर शेष 11 सीएचसी पर अग्निशमन केंद्रों की स्थापना करने का फरमान जारी हुआ।
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प्रत्येक सीएचसी पर निर्माण के लिए 24 लाख की राशि स्वीकृत करते हुए कुल 2.64 करोड़ के बजट पर मुहर लगाई गई। बीते अप्रैल में ही इसमें से प्रति सीएचसी 12 लाख के हिसाब से कुल 1.32 करोड़ की प्रथम किश्त निर्गत करते हुए कार्यदायी संस्था नामित की गई। नौ सीएचसी पर निर्माण कार्य की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था पैक्सफेड व दो की सीएनडीएस को सौंपी गई।
सरकार की मंशा थी कि धन आवंटन के तुरंत बाद कार्य शुरू करते हुए एक वर्ष में कार्य को अंतिम रूप दिया जाए। लेकिन कार्यदायी संस्थाओं ने देरी से कार्य शुरू कराया। फिर भी मौजूदा समय में करीब 25-30 प्रतिशत कार्य पूर्ण करने का दावा किया जा रहा है। अवर अभियंता एसबी सिंह ने बताया कि निर्माण इकाइयों ने कुछ देरी से कार्य शुरू कराया है, फिर भी कार्य तेजी से चल रहा है। आगामी अप्रैल तक कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। इसकी निगरानी भी की जा रही है।
तीन प्रमुख अस्पतालों में नहीं शुरू हुआ कार्य
इन्हीं अस्पतालों के साथ ही जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल व श्रीराम चिकित्सालय अयोध्या में भी अग्निशमन केंद्र की स्थापना होने की घोषणा की गई थी। जिसके लिए कुल 4.58 करोड़ रुपये लागत मूल्य का निर्धारण करके जिम्मेदारी उप्र. जलनिगम विद्युत/यांत्रिक विंग लखनऊ को सौंपी गई थी। 22 मार्च को ही प्रथम किश्त के रूप में 2.29 करोड़ की राशि भी अवमुक्त हो गई थी। लेकिन आज तक न तो कार्य शुरू किया गया और न ही कार्यदायी संस्था के किसी जिम्मेदार व्यक्ति ने संपर्क ही किया।
अस्पतालों में आग से बचाव के लिए अग्निशमन केंद्रों की स्थापना सरकार की प्राथमिकता में है। इसी के तहत 11 सीएचसी के साथ तीन प्रमुख अस्पतालों में निर्माण होना है। सभी सीएचसी पर इन दिनों निर्माण कार्य चल रहा है। अन्य अस्पतालों के बारे में लिखा-पढ़ी की जा रही है।
-डॉ. अशोक कुमार गुप्ता, सीएमओ फैजाबाद