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विवि वेस्टेज पदार्थों से बनाएगा 150 फिट ऊंची मूर्ति
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अवध विवि बेकार की चीजों से बनाएगा 150 फीट ऊंची प्रतिमा
अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विवि एक बार फिर से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने की तैयारी में जुटा हुआ है। इस बार विवि के दृश्य कला विभाग ने 150 फीट ऊंची प्रतिमा बेकार की चीजों से बनाने की ठानी है।
इसका प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेज दिया गया है। इसमें करीब 90 लाख रुपये खर्च आने की संभावना है। हालांकि अभी प्रदेश सरकार की मंजूरी के बाद योजना परवान चढ़ सकेगी। मूर्ति कहां और किसकी बनेगी, इसका निर्धारण प्रपोजल की मंजूरी के बाद ही तय हो सकेगा।
प्रपोजल के अनुसार विवि मूर्ति अयोध्या में स्थापित करना चाहता है लेकिन इसके लिए भूमि का निर्धारण शासन के स्तर पर किए जाने का प्रस्ताव है।
अवध विवि ने अभी दिव्य दीपावली पर सवा तीन लाख से अधिक दीपक एक साथ जलाकर गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया था। इसमें विवि के कुलपति से लेकर प्रोफेसरों व छात्रों की महती भूमिका रही थी।
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अब विवि प्रशासन एक बार फिर से अयोध्या के विकास में अपनी खास भूमिका अदा करने की तैयारी में है। विवि ने दैनिक कार्यों में वेस्टेज पदार्थ व घरों व ऑफिस में खराब हो चुके फर्नीचर , लोहे एवं प्लास्टिक संबंधी चीजों का प्रयोग करके एक मूर्ति स्थापित बनाने की तैयारी में है।
इस मूर्ति की ऊंचाई 150 फीट निर्धारित की गई है। विवि का मानना है कि अगर इतनी ऊंची मूर्ति स्थापित की जाए तो इसकी लागत करोड़ों रुपये होगी लेकिन विवि के दृश्य कला विभाग की ओर से बनाई जाती है तो इसकी कीमत 90 लाख रुपये आने की संभावना है।
विवि के दृश्य कला विभाग का कहना है कि अगर वेस्टेज पदार्थों को दान के माध्यम से एनजीओ की मदद से एकत्रित कर लिया जाए तो इसकी लागत और कम हो सकती है।
हालांकि यह अभी एक प्रस्ताव है, इसको प्रदेश सरकार के पास भेजा गया है। प्रस्ताव की मंजूरी के बाद ही योजना परवान चढ़ सकेगी। विवि के दृश्य कला विभाग की कैंपस में पोट्रेट लगाए जा रहे हैं।
मौजूदा समय में डॉ. राममनोहर लोहिया का पोट्रेट स्थापित हो चुका है। इसके बाद अब महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद व कौटिल्य का पोट्रेट बनाने की तैयारी चल रही है।
दृश्य कला विभाग की अस्सिटेंट प्रोफेसर पल्लवी सोनी बताती हैं कि पोट्रेट भी वेस्टेज पदार्थों की मदद से ही बनाया जा रहा है। समन्यवयक विनोद कुमार श्रीवास्तव ने बताया विवि ने वेस्टेज पदार्थों की मदद से 150 फीट ऊंची मूर्ति स्थापित किए जाने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा है। इसमें कम लागत से अच्छी प्रतिमा तैयार हो सकती है। यह मूर्ति कहां और किसकी होगी, यह प्रदेश सरकार को तय करना है।
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अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विवि एक बार फिर से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने की तैयारी में जुटा हुआ है। इस बार विवि के दृश्य कला विभाग ने 150 फीट ऊंची प्रतिमा बेकार की चीजों से बनाने की ठानी है।
इसका प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेज दिया गया है। इसमें करीब 90 लाख रुपये खर्च आने की संभावना है। हालांकि अभी प्रदेश सरकार की मंजूरी के बाद योजना परवान चढ़ सकेगी। मूर्ति कहां और किसकी बनेगी, इसका निर्धारण प्रपोजल की मंजूरी के बाद ही तय हो सकेगा।
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प्रपोजल के अनुसार विवि मूर्ति अयोध्या में स्थापित करना चाहता है लेकिन इसके लिए भूमि का निर्धारण शासन के स्तर पर किए जाने का प्रस्ताव है।
अवध विवि ने अभी दिव्य दीपावली पर सवा तीन लाख से अधिक दीपक एक साथ जलाकर गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया था। इसमें विवि के कुलपति से लेकर प्रोफेसरों व छात्रों की महती भूमिका रही थी।
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अब विवि प्रशासन एक बार फिर से अयोध्या के विकास में अपनी खास भूमिका अदा करने की तैयारी में है। विवि ने दैनिक कार्यों में वेस्टेज पदार्थ व घरों व ऑफिस में खराब हो चुके फर्नीचर , लोहे एवं प्लास्टिक संबंधी चीजों का प्रयोग करके एक मूर्ति स्थापित बनाने की तैयारी में है।
इस मूर्ति की ऊंचाई 150 फीट निर्धारित की गई है। विवि का मानना है कि अगर इतनी ऊंची मूर्ति स्थापित की जाए तो इसकी लागत करोड़ों रुपये होगी लेकिन विवि के दृश्य कला विभाग की ओर से बनाई जाती है तो इसकी कीमत 90 लाख रुपये आने की संभावना है।
विवि के दृश्य कला विभाग का कहना है कि अगर वेस्टेज पदार्थों को दान के माध्यम से एनजीओ की मदद से एकत्रित कर लिया जाए तो इसकी लागत और कम हो सकती है।
हालांकि यह अभी एक प्रस्ताव है, इसको प्रदेश सरकार के पास भेजा गया है। प्रस्ताव की मंजूरी के बाद ही योजना परवान चढ़ सकेगी। विवि के दृश्य कला विभाग की कैंपस में पोट्रेट लगाए जा रहे हैं।
मौजूदा समय में डॉ. राममनोहर लोहिया का पोट्रेट स्थापित हो चुका है। इसके बाद अब महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद व कौटिल्य का पोट्रेट बनाने की तैयारी चल रही है।
दृश्य कला विभाग की अस्सिटेंट प्रोफेसर पल्लवी सोनी बताती हैं कि पोट्रेट भी वेस्टेज पदार्थों की मदद से ही बनाया जा रहा है। समन्यवयक विनोद कुमार श्रीवास्तव ने बताया विवि ने वेस्टेज पदार्थों की मदद से 150 फीट ऊंची मूर्ति स्थापित किए जाने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा है। इसमें कम लागत से अच्छी प्रतिमा तैयार हो सकती है। यह मूर्ति कहां और किसकी होगी, यह प्रदेश सरकार को तय करना है।