{"_id":"5f89d51e8ebc3e9b935929d7","slug":"corona-virus-faizabad-news-lko545617990","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब बढ़ेगा आरटी-पीसीआर टेस्ट का दायरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब बढ़ेगा आरटी-पीसीआर टेस्ट का दायरा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। जिले में कोरोना संक्रमण अब कम पडने लगा है। ऐसे में अथेंटिक रिपोर्ट के लिए अब आरटी-पीसीआर टेस्ट का दायरा बढ़ाते हुए एंटीजन किट से जांच कम करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए सीएमओ ने कवायद शुरू किया है।
जिले में कोरोना संक्रमण दर में इन दिनों काफी कमी देखी जा रही है। प्रतिदिन आ रही रिपोर्ट में 1-2 फीसदी लोग ही वायरस की चपेट में पाए जा रहे हैं। अब तक सोसाइटी में छिपे तमाम एसिंप्टोमेटिक मरीजों को चिह्नित करके समुदाय से अलग करने के मकसद से एंटीजन रैपिड टेस्ट का सहारा लिया गया, जो काफी कारगर साबित रहा।
विशेषज्ञों के अनुसार एंटीजन रैपिड टेस्ट में अधिक संक्रमण वाले मरीज तो पकड़ में आते हैं, लेकिन कम संक्रमण वाले मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आ जाती है। जबकि आरटी-पीसीआर टेस्ट की जांच की शुद्धता करीब 99 फीसदी होती है। हल्का संक्रमण होने पर भी रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाती है।
विज्ञापन
इन दिनों जिले में एंटीजन टेस्ट के लिए करीब पंद्रह सौ व आरटी-पीसीआर के लिए करीब 450 लोगों का नमूना लेने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जबकि प्रतिदिन करीब दो हजार तक लोगों का एंटीजन किट से नमूना हो जाता था।
इनमें निगेटिव आने वाले व सिंप्टोमेटिक मरीजों का आरटी-पीसीआर टेस्ट कराया जाता था। अब संक्रमण कमजोर पडने पर शुद्धतापूर्वक जांच हो सके एवं मेडिकल कॉलेज में स्थापित कोरोना लैब का भी सदुपयोग हो सके, इसके लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। नई रणनीति के तहत एंटीजन किट से जांच का लक्ष्य तो 15 सौ ही रखा गया है, लेकिन आरटी पीसीआर टेस्ट के लिए सैंपल की संख्या करीब सात सौ तक बढ़ाई गई है। एंटीजन से निगेटिव आने वाले मरीजों का आरटी-पीसीआर टेस्ट कराया जाएगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ घनश्याम सिंह ने बताया कि आरटी-पीसीआर टेस्ट से शुद्धतापूर्वक जांच होती है। उच्च संक्रमित मरीज को ट्रैस करने में एंटीजन किट काफी कारगर रही है। लेकिन हल्के संक्रमण वाले मरीजों को आरटी-पीसीआर टेस्ट से पुष्ट किया जा सकता है। साथ ही मशीनरी की उपयोग भी हो सकेगा। बताया कि शीघ्र ही यह व्यवस्था लागू की जाएगी।
विज्ञापन
जिले में कोरोना संक्रमण दर में इन दिनों काफी कमी देखी जा रही है। प्रतिदिन आ रही रिपोर्ट में 1-2 फीसदी लोग ही वायरस की चपेट में पाए जा रहे हैं। अब तक सोसाइटी में छिपे तमाम एसिंप्टोमेटिक मरीजों को चिह्नित करके समुदाय से अलग करने के मकसद से एंटीजन रैपिड टेस्ट का सहारा लिया गया, जो काफी कारगर साबित रहा।
विज्ञापन
विशेषज्ञों के अनुसार एंटीजन रैपिड टेस्ट में अधिक संक्रमण वाले मरीज तो पकड़ में आते हैं, लेकिन कम संक्रमण वाले मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आ जाती है। जबकि आरटी-पीसीआर टेस्ट की जांच की शुद्धता करीब 99 फीसदी होती है। हल्का संक्रमण होने पर भी रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाती है।
विज्ञापन
इन दिनों जिले में एंटीजन टेस्ट के लिए करीब पंद्रह सौ व आरटी-पीसीआर के लिए करीब 450 लोगों का नमूना लेने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जबकि प्रतिदिन करीब दो हजार तक लोगों का एंटीजन किट से नमूना हो जाता था।
इनमें निगेटिव आने वाले व सिंप्टोमेटिक मरीजों का आरटी-पीसीआर टेस्ट कराया जाता था। अब संक्रमण कमजोर पडने पर शुद्धतापूर्वक जांच हो सके एवं मेडिकल कॉलेज में स्थापित कोरोना लैब का भी सदुपयोग हो सके, इसके लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। नई रणनीति के तहत एंटीजन किट से जांच का लक्ष्य तो 15 सौ ही रखा गया है, लेकिन आरटी पीसीआर टेस्ट के लिए सैंपल की संख्या करीब सात सौ तक बढ़ाई गई है। एंटीजन से निगेटिव आने वाले मरीजों का आरटी-पीसीआर टेस्ट कराया जाएगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ घनश्याम सिंह ने बताया कि आरटी-पीसीआर टेस्ट से शुद्धतापूर्वक जांच होती है। उच्च संक्रमित मरीज को ट्रैस करने में एंटीजन किट काफी कारगर रही है। लेकिन हल्के संक्रमण वाले मरीजों को आरटी-पीसीआर टेस्ट से पुष्ट किया जा सकता है। साथ ही मशीनरी की उपयोग भी हो सकेगा। बताया कि शीघ्र ही यह व्यवस्था लागू की जाएगी।